अमावस्या तिथियाँ 2026

वर्ष 2026 की सभी तिथियाँ, New Delhi, India के समय सहित।

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2026
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अमावस्या

अमावस्या चंद्र मास की वह तिथि है जब चाँद दिखाई नहीं देता। हिंदू परंपरा में यह दिन पितरों को याद करने, तर्पण, नदी स्नान, दान और शांत साधना के लिए माना जाता है। हर महीने एक अमावस्या आती है, और उनमें से कुछ, जैसे मौनी अमावस्या, सर्वपितृ अमावस्या और दिवाली की अमावस्या, बड़े पर्व हैं।

किस तिथि को

कृष्ण पक्ष की पंद्रहवीं तिथि अमावस्या है। स्नान-दान के लिए वह दिन लिया जाता है जब सूर्योदय के समय अमावस्या हो, जबकि श्राद्ध और तर्पण के लिए अपराह्न (दोपहर बाद) में अमावस्या होना देखा जाता है। इसलिए कभी-कभी पंचांग में दो दिन का उल्लेख मिलता है।

महीनों के नाम पर एक ज़रूरी बात

उत्तर भारत के पूर्णिमांत पंचांग में अमावस्या महीने के बीच में आती है और उसे उसी महीने का नाम मिलता है, जबकि अमांत पंचांग में वही अमावस्या पिछले महीने की आखिरी तिथि होती है। जैसे दिवाली उत्तर में कार्तिक अमावस्या है, पर अमांत में आश्विन अमावस्या। विस्तार पूर्णिमांत और अमांत में अंतर लेख में पढ़ें।

साल की खास अमावस्याएँ (उत्तर भारतीय नाम)

  • माघ: मौनी अमावस्या, मौन रखकर गंगा स्नान (मौनी अमावस्या)।
  • ज्येष्ठ: वट सावित्री व्रत और शनि जयंती।
  • श्रावण: हरियाली अमावस्या, पौधे लगाने का दिन।
  • भाद्रपद: कुशग्रहणी अमावस्या, साल भर के लिए कुश इकट्ठा करना।
  • आश्विन: सर्वपितृ अमावस्या, पितृ पक्ष का अंतिम दिन।
  • कार्तिक: दिवाली की लक्ष्मी पूजा।

सोमवार को पड़े तो सोमवती, मंगलवार को भौमवती और शनिवार को शनैश्चरी अमावस्या कहलाती है।

क्या करें

सुबह स्नान, पितरों के नाम से जल और तिल का तर्पण, पीपल पर जल और शाम को दीपक, और अन्न-वस्त्र का दान। नियम और सावधानियाँ अमावस्या के नियम में हैं। नीचे दी गई सूची में साल की हर अमावस्या की तारीख और तिथि के शुरू-खत्म होने का समय है; ऊपर शहर और साल बदलकर देखें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमावस्या कब होती है?
हर महीने कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को, जब चाँद दिखाई नहीं देता। साल भर की तारीखें इसी पृष्ठ पर दी गई हैं।
अमावस्या पर क्या करना चाहिए?
स्नान, पितरों का तर्पण, पीपल पूजा, दीपदान और अन्न-वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है।
सोमवती अमावस्या क्या है?
जब अमावस्या सोमवार को पड़ती है तो उसे सोमवती अमावस्या कहते हैं; इस दिन सुहागिनें पीपल की परिक्रमा करती हैं।
अमावस्या की तारीख पंचांग में दो दिन क्यों दिखती है?
क्योंकि स्नान-दान के लिए सूर्योदय वाली और श्राद्ध के लिए अपराह्न वाली अमावस्या ली जाती है, और तिथि दो दिनों में फैली हो सकती है।
दिवाली की अमावस्या कार्तिक की है या आश्विन की?
उत्तर भारत के पूर्णिमांत पंचांग में कार्तिक अमावस्या, और अमांत पंचांग में आश्विन अमावस्या। दिन एक ही है।

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