कालाष्टमी तिथियाँ 2026
वर्ष 2026 की सभी तिथियाँ, New Delhi, India के समय सहित।
मासिक कालाष्टमी
मासिक कालाष्टमी हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान कालभैरव की पूजा का दिन है। इस पृष्ठ पर साल भर की कालाष्टमी की तिथियाँ दी गई हैं। इनमें सबसे बड़ी मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी की कालभैरव जयंती है।
क्या है और क्यों मनाते हैं
कालभैरव भगवान शिव का उग्र रूप हैं, जिन्हें काल यानी समय और मृत्यु का भी स्वामी माना जाता है। काशी में उन्हें नगर का कोतवाल कहा जाता है। मान्यता है कि उनकी पूजा से भय, शत्रु बाधा और अकारण की परेशानियाँ दूर होती हैं।
किस तिथि को
हर महीने, कृष्ण पक्ष, अष्टमी। भैरव पूजा रात में की जाती है, इसलिए जिस दिन रात (निशीथ काल) में अष्टमी हो, उसी दिन कालाष्टमी मानी जाती है। इसी कारण कभी-कभी यह सप्तमी वाले दिन भी पड़ जाती है।
कैसे मनाते हैं
- दिन भर व्रत या फलाहार, शाम को भैरव मंदिर में दर्शन।
- सरसों के तेल का दीया, काले तिल, उड़द, नारियल और इमरती या जलेबी का भोग।
- काले कुत्ते को, जो भैरव का वाहन माना जाता है, रोटी या दूध देना।
- कालभैरवाष्टक या शिव चालीसा का पाठ।
नियम
इस दिन घर में सात्विक भोजन रखें, झूठ, क्रोध और किसी जीव को सताने से बचें। भैरव की उग्र साधनाएँ गुरु के मार्गदर्शन में ही की जाती हैं; आम गृहस्थ के लिए दीया, भोग, पाठ और दान ही पर्याप्त माना गया है। जो लोग पूरे साल हर कालाष्टमी का व्रत रखते हैं, वे अक्सर कालभैरव जयंती से इसकी शुरुआत करते हैं।
पूजा का विस्तृत क्रम कालभैरव पूजा विधि में है। कुछ ही दिन बाद आने वाली मासिक शिवरात्रि भी शिव भक्त साथ में रखते हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मासिक कालाष्टमी कब होती है?
कालाष्टमी पर किसकी पूजा होती है?
कालभैरव को क्या भोग लगाएं?
कालाष्टमी पर कुत्ते को खाना क्यों खिलाते हैं?
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