पंचांग · बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज का पंचांग कैसे पढ़ें?

पंचांग के पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। हर अंग के आगे लिखा समय बताता है कि वह कब तक रहेगा; उसके बाद अगला अंग शुरू हो जाता है।

राहुकाल रोज़ अलग क्यों होता है?

राहुकाल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) के आठ बराबर भागों में से एक भाग है, जो वार के हिसाब से तय होता है। सूर्योदय-सूर्यास्त रोज़ और शहर के साथ बदलते हैं, इसलिए राहुकाल भी बदलता है।

तिथि सुबह से शुरू क्यों नहीं होती?

तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच 12 अंश के अंतर से बनती है, इसलिए वह दिन या रात में कभी भी बदल सकती है। व्रत-त्योहार में आम तौर पर सूर्योदय के समय की (उदया) तिथि मानी जाती है।

अभिजित मुहूर्त कब होता है?

दोपहर के आसपास, दिन के पंद्रह मुहूर्तों में आठवाँ मुहूर्त अभिजित कहलाता है; लगभग 48 मिनट का। बुधवार को इसे शुभ कार्यों के लिए नहीं लिया जाता।

किसी दूसरी तारीख का पंचांग कैसे देखें?

पंचांग पेज पर तारीख बदलने के तीर या कैलेंडर से कोई भी दिन चुनें, या मासिक कैलेंडर में उस दिन पर क्लिक करें।