मासिक शिवरात्रि तिथियाँ 2026
वर्ष 2026 की सभी तिथियाँ, New Delhi, India के समय सहित।
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि क्या है
मासिक शिवरात्रि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भगवान शिव के लिए रखा जाने वाला व्रत है। साल में ऐसी बारह (अधिक मास वाले वर्ष में तेरह) शिवरात्रियाँ आती हैं, और इनमें फाल्गुन की शिवरात्रि सबसे बड़ी है, जिसे महाशिवरात्रि कहते हैं। जो लोग महाशिवरात्रि का व्रत शुरू करना चाहते हैं, वे अक्सर मासिक शिवरात्रि से ही नियम बनाते हैं।
किस तिथि को
हर महीने की कृष्ण चतुर्दशी, यानी अमावस्या से एक दिन पहले। इसमें सूर्योदय नहीं, बल्कि निशीथ काल (आधी रात के आसपास का समय) देखा जाता है: जिस रात निशीथ काल में चतुर्दशी हो, उसी दिन शिवरात्रि मानी जाती है। इसलिए कभी-कभी यह व्रत त्रयोदशी वाले दिन भी पड़ जाता है।
व्रत और पूजा कैसे करें
- दिन में फलाहार या एक समय भोजन; शाम को प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और आक के फूल चढ़ाएं।
- रात में ॐ नमः शिवाय का जप और शिव चालीसा का पाठ।
- जो जागरण कर सकें, वे निशीथ काल में एक बार फिर अभिषेक करते हैं।
- अगली सुबह स्नान-पूजा के बाद पारण।
शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं और क्या नहीं, यह शिवलिंग पूजा के नियम में पढ़ें। पूजा पूरी होने पर ॐ जय शिव ओंकारा आरती गाई जाती है।
किन बातों का ध्यान रखें
शिवलिंग पर हल्दी, सिंदूर और तुलसी नहीं चढ़ाई जाती, और केतकी का फूल भी वर्जित माना गया है। बेलपत्र चढ़ाते समय उसकी चिकनी सतह शिवलिंग की ओर रखें। सावन और फाल्गुन की मासिक शिवरात्रि का महत्व सबसे अधिक माना जाता है, इसलिए बहुत से लोग इन्हीं में से किसी से व्रत का संकल्प लेते हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मासिक शिवरात्रि कब होती है?
मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या अंतर है?
मासिक शिवरात्रि व्रत में क्या खाएं?
व्रत कब खोलें?
क्या मासिक शिवरात्रि से व्रत शुरू कर सकते हैं?
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