आषाढ़ गुप्त नवरात्रि तिथियाँ 2026

वर्ष 2026 की सभी तिथियाँ, New Delhi, India के समय सहित।

2026 में आषाढ़ गुप्त नवरात्रि बुधवार, जुलाई 15, 2026 को प्रारम्भ होकर गुरुवार, जुलाई 23, 2026 को समाप्त होंगी (कुल 9 दिन)। ये तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय (IST) के आधार पर गणना की गई हैं; अपने शहर के लिए स्थान बदलें।

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2026
  1. दिन 1: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि: घटस्थापना, आषाढ़ गुप्त नवरात्रि: शैलपुत्री पूजा
  2. दिन 2: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि: ब्रह्मचारिणी पूजा
  3. दिन 3: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि: चंद्रघंटा पूजा, आषाढ़ गुप्त नवरात्रि: कूष्मांडा पूजा
  4. दिन 4: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि: स्कंदमाता पूजा
  5. दिन 5: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि: कात्यायनी पूजा
  6. दिन 6: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि: कालरात्रि पूजा
  7. दिन 7: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि: महागौरी पूजा
  8. दिन 8: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि: सिद्धिदात्री पूजा
  9. दिन 9: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि: पारण

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक चलती है। माघ की तरह यह भी गुप्त नवरात्रि है, यानी साधना और शांत उपासना की नवरात्रि। यह वर्षा ऋतु की शुरुआत में आती है, और इसके दूसरे दिन जगन्नाथ रथयात्रा निकलती है।

क्या है और क्यों मनाते हैं

साल की चार नवरात्रियों में चैत्र और आश्विन की नवरात्रि घर-घर और पंडालों में धूम से मनती हैं, जबकि माघ और आषाढ़ की गुप्त नवरात्रि में साधक दस महाविद्याओं की उपासना करते हैं। हिमाचल, उत्तराखंड, असम के कामाख्या और कई शक्तिपीठों में इन दिनों विशेष अनुष्ठान होते हैं। गृहस्थ सामान्य नवदुर्गा पूजा, दुर्गा सप्तशती पाठ और सात्त्विक व्रत रखते हैं।

नौ दिन

  1. प्रतिपदा: शैलपुत्री
  2. द्वितीया: ब्रह्मचारिणी
  3. तृतीया: चंद्रघंटा
  4. चतुर्थी: कूष्मांडा
  5. पंचमी: स्कंदमाता
  6. षष्ठी: कात्यायनी
  7. सप्तमी: कालरात्रि
  8. अष्टमी: महागौरी
  9. नवमी: सिद्धिदात्री

तिथि के क्षय या वृद्धि से दिन कम-ज़्यादा हो सकते हैं; हर दिन की तारीख नीचे की सूची में है।

घटस्थापना

घटस्थापना प्रतिपदा तिथि में, दिन के पहले एक-तिहाई भाग में की जाती है। उस समय चित्रा नक्षत्र या वैधृति योग हो, या प्रतिपदा जल्दी खत्म हो रही हो, तो दोपहर का अभिजित मुहूर्त लिया जाता है। मिट्टी के पात्र में जौ बोकर उस पर जल भरा कलश, आम के पत्ते और नारियल रखा जाता है और अखंड दीपक जलाया जाता है। पूरी विधि कलश स्थापना विधि में है।

इस साल का समय आषाढ़ गुप्त नवरात्रि घटस्थापना पृष्ठ पर देखें।

पारण और आगे के पर्व

नवमी के बाद दशमी को पारण किया जाता है, समय पारण पृष्ठ पर है। इसके अगले ही दिन देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू होता है। रोज़ शाम जय अम्बे गौरी आरती गाएं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कब होती है?
आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक। इस साल की तारीखें इसी पृष्ठ पर हैं।
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में क्या करें?
घटस्थापना, अखंड दीपक, दुर्गा सप्तशती या चालीसा पाठ, सात्त्विक भोजन और संयम। साधक महाविद्याओं की उपासना गुरु के निर्देश में करते हैं।
रथयात्रा और गुप्त नवरात्रि का क्या संबंध है?
जगन्नाथ रथयात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को होती है, जो इसी नवरात्रि का दूसरा दिन है।
पारण कब करें?
नवमी तिथि खत्म होने के बाद दशमी को; इसके अगले दिन देवशयनी एकादशी आती है।

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