2026

सिंह संक्रान्ति 2026

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मुख्य विवरण

दिल्ली के लिए

सिंह संक्रांति

सिंह संक्रांति पर सूर्य कर्क से सिंह राशि में प्रवेश करते हैं। सिंह सूर्य की अपनी राशि है, इसलिए यह महीना सूर्य उपासना के लिए खास माना जाता है। सौर कैलेंडर में यहीं से भाद्रपद (भादों) शुरू होता है।

पुण्य काल और पूजा

यह विष्णुपदी संक्रांति है, जिसमें संक्रमण से पहले का समय पुण्य काल होता है; सटीक समय इस पृष्ठ पर दिया गया है। स्नान के बाद सूर्य को जल चढ़ाएँ, आदित्य हृदय स्तोत्र या सूर्य के बारह नामों का पाठ करें, और विष्णु व नरसिंह भगवान की पूजा करें। कई परिवार इस दिन अन्न, गुड़ और घी का दान करते हैं।

क्षेत्रीय परंपराएँ

  • घी संक्रांति (उत्तराखंड): कुमाऊँ और गढ़वाल में इसे घी त्यार या ओलगिया कहते हैं। इस दिन घी खाना ज़रूरी माना जाता है; बेड़ू रोटी या पूरी के साथ घी परोसा जाता है और रिश्तेदारों को मौसम की सब्ज़ी, फल और दही-घी की भेंट (ओलग) दी जाती है। पहाड़ में एक कहावत भी है कि जो इस दिन घी नहीं खाता, वह अगले जन्म में घोंघा बनता है; इसे लोकविश्वास की मज़ेदार बात समझें।
  • केरल: सिंह संक्रांति से चिंगम महीना और मलयालम नववर्ष शुरू होता है; ओणम इसी महीने में आता है।
  • तमिलनाडु में आवणि और पंजाब-हिमाचल में भादों की संगरांद।

सूर्य का दक्षिणायन कर्क संक्रांति से चल रहा होता है। महीनों के नामों का मेल हिंदू महीनों के नाम में और हर महीने की संक्रांति अलग पृष्ठ पर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिंह संक्रांति को घी संक्रांति क्यों कहते हैं?
उत्तराखंड में इस दिन घी खाने और रिश्तेदारों को घी-दही की भेंट देने की परंपरा है, इसलिए वहाँ इसे घी संक्रांति या घी त्यार कहते हैं।
सिंह संक्रांति का क्या महत्व है?
सिंह सूर्य की अपनी राशि है, इसलिए इस महीने सूर्य उपासना को विशेष फल देने वाला माना गया है।
पुण्य काल कब होता है?
यह विष्णुपदी संक्रांति है, इसलिए संक्रमण से पहले का समय पुण्य माना जाता है; समय इस पृष्ठ पर है।
सिंह संक्रांति से कौन सा महीना शुरू होता है?
सौर कैलेंडर में भाद्रपद; केरल में चिंगम, जिससे मलयालम नववर्ष शुरू होता है।

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