2026

छठ पूजा 2026

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मुख्य विवरण

दिल्ली के लिए

छठ पूजा

छठ पूजा कार्तिक शुक्ल षष्ठी को सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का चार दिन का महापर्व है। व्रती डूबते और उगते सूर्य को नदी या तालाब में खड़े होकर अर्घ्य देते हैं और लगभग 36 घंटे का निर्जला व्रत रखते हैं। बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश की यह सबसे बड़ी आस्था है।

क्या है और क्यों मनाते हैं

छठ में सूर्य को प्रत्यक्ष देवता मानकर धन्यवाद दिया जाता है, और छठी मैया को संतान की रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। लोक मान्यता में रामायण काल में सीता जी और महाभारत में कुंती व द्रौपदी के सूर्य-व्रत की कथाएँ जुड़ी हैं। राजा प्रियव्रत की कथा छठ पूजा व्रत कथा में पढ़ें।

किस तिथि को

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में चतुर्थी से सप्तमी तक। मुख्य पर्व षष्ठी है, जिस शाम संध्या अर्घ्य होता है; सप्तमी की सुबह उषा अर्घ्य के साथ व्रत पूरा होता है। यही पर्व चैत्र शुक्ल षष्ठी को चैती छठ के रूप में भी मनता है।

चार दिन कैसे मनाते हैं

  1. नहाय-खाय (चतुर्थी): स्नान के बाद कद्दू-भात और चने की दाल, सेंधा नमक में।
  2. खरना (पंचमी): दिन भर व्रत, शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद, इसके बाद निर्जला व्रत शुरू।
  3. संध्या अर्घ्य (षष्ठी): बाँस के सूप और दउरा में ठेकुआ, फल, ईख, नारियल सजाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य।
  4. उषा अर्घ्य (सप्तमी): भोर में घाट पर उगते सूर्य को अर्घ्य, फिर प्रसाद लेकर पारण।

पूरी विधि छठ पूजा विधि में और सामान की सूची छठ पूजा सामग्री लिस्ट में है। ठेकुआ बनाने का तरीका छठ का ठेकुआ लेख में है।

क्षेत्रीय परंपराएँ

घाटों की सफ़ाई पूरे मोहल्ले का साझा काम होता है, और "कांच ही बांस के बहंगिया" जैसे पारंपरिक छठ गीत हर घाट पर गाए जाते हैं। जो नदी तक नहीं जा पाते, वे छत पर पानी का कुंड बनाकर अर्घ्य देते हैं। दिल्ली, मुंबई और विदेश तक बसे पूर्वांचल के परिवार यह परंपरा निभाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छठ पूजा किस तिथि को होती है?
मुख्य छठ कार्तिक शुक्ल षष्ठी को होती है। पर्व चतुर्थी के नहाय-खाय से शुरू होकर सप्तमी के उषा अर्घ्य पर पूरा होता है।
छठ में किसकी पूजा होती है?
सूर्य देव और छठी मैया की। छठी मैया को संतान की रक्षा और परिवार की सुख-समृद्धि देने वाली देवी माना जाता है।
खरना क्या होता है?
छठ का दूसरा दिन, जब व्रती दिन भर उपवास के बाद शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद लेते हैं; इसके बाद निर्जला व्रत शुरू होता है।
छठ में कौन सा प्रसाद बनता है?
ठेकुआ, कसार के लड्डू, गुड़ की खीर और मौसमी फल जैसे केला, ईख, नारियल, डाभ नींबू और सिंघाड़ा।
छठ का व्रत कैसे खोलते हैं?
सप्तमी की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रती घाट पर ही प्रसाद लेकर, फिर अदरक-गुड़ या शरबत से पारण करते हैं।

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