नव वर्ष
1 जनवरी को अंग्रेज़ी (ग्रेगोरियन) कैलेंडर का नया साल शुरू होता है। आज के जीवन में दफ़्तर, स्कूल और हिसाब-किताब इसी कैलेंडर से चलते हैं, इसलिए बहुत से परिवार इस दिन की शुरुआत मंदिर जाकर या घर पर पूजा करके करते हैं। धार्मिक दृष्टि से हिंदू नववर्ष अलग है, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है।
हिंदू नववर्ष से अंतर
उत्तर भारत में विक्रम संवत का नया साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को आता है, जिस दिन चैत्र नवरात्रि की घटस्थापना भी होती है। इसकी पूरी जानकारी विक्रम संवत और हिंदू नववर्ष लेख में और तारीख हिंदू नव वर्ष पृष्ठ पर देखें। अंग्रेज़ी नया साल तिथि से नहीं, सौर कैलेंडर की तारीख से तय होता है, इसलिए यह हमेशा 1 जनवरी को ही रहता है।
साल की शुरुआत भक्ति से
- सुबह स्नान के बाद घर के मंदिर में दीपक जलाकर गणेश जी का स्मरण करें, ताकि पूरा साल बिना विघ्न के बीते। रोज़ की आसान पूजा विधि घर पर पूजा कैसे करें में है।
- बहुत से लोग इस दिन हनुमान मंदिर, शिव मंदिर या अपने कुल देवता के दर्शन करते हैं और ज़रूरतमंदों को कंबल, भोजन या कपड़े दान करते हैं, क्योंकि यह कड़ाके की सर्दी का समय है।
- नया संकल्प लेने के लिए भी यह अच्छा मौका है, जैसे रोज़ हनुमान चालीसा का पाठ या हर एकादशी का व्रत।
पंचांग की नज़र से
1 जनवरी प्रायः खरमास में पड़ता है, जब सूर्य धनु राशि में होता है। इस समय विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक काम नहीं किए जाते, पर पूजा, जप और दान पर कोई रोक नहीं। जनवरी के मध्य में मकर संक्रांति के साथ खरमास खत्म होता है। रोज़ की तिथि, नक्षत्र और राहुकाल आज का पंचांग पर देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या 1 जनवरी हिंदू नववर्ष है?
नए साल के दिन पूजा कैसे करें?
क्या 1 जनवरी को शुभ काम कर सकते हैं?
नए साल पर क्या दान करें?
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