2026

माघ गुप्त नवरात्रि: महागौरी पूजा 2026

सोमवार, जनवरी 26, 2026

मुख्य विवरण

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माघ गुप्त नवरात्रि: महागौरी पूजा

माघ गुप्त नवरात्रि की अष्टमी

माघ शुक्ल अष्टमी को माघ गुप्त नवरात्रि का आठवाँ दिन होता है, और इस दिन माँ महागौरी की पूजा की जाती है। शारदीय नवरात्रि की तरह यहाँ बड़ा कन्या-भोज या पंडाल नहीं होते; पूजा घर के भीतर, कलश के सामने, शांत भाव से होती है। इसी तिथि को भीष्म अष्टमी भी है, जब भीष्म पितामह को तर्पण दिया जाता है।

माँ महागौरी का स्वरूप

शिव को पाने के कठोर तप में पार्वती का रंग धूल-धूप से काला पड़ गया था। शिव ने गंगाजल से स्नान कराया तो वे शंख और चंद्रमा जैसी उजली हो गईं — यही महागौरी हैं। सफ़ेद वस्त्र, सफ़ेद बैल, हाथों में त्रिशूल और डमरू।

श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥

गुप्त नवरात्रि में अष्टमी

गुप्त नवरात्रि में तंत्र-साधक दस महाविद्याओं — काली, तारा, त्रिपुरसुंदरी (षोडशी), भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुरभैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला — की उपासना करते हैं, और अष्टमी को बहुत से साधक अपने अनुष्ठान का बड़ा हिस्सा पूरा करते हैं। गृहस्थ परिवारों के लिए यह दिन महागौरी की सौम्य पूजा का है: नारियल का भोग, सफ़ेद फूल, और "ॐ देवी महागौर्यै नमः" का जाप। माघ की ठंड में भी कई साधक भूमि पर सोने और एक समय भोजन का नियम निभाते हैं।

घर पर क्या करें

  • सुबह स्नान के बाद कलश और माँ के चित्र पर सफ़ेद फूल और चुनरी चढ़ाएँ।
  • नारियल का भोग लगाकर जय अम्बे गौरी आरती करें।
  • चाहें तो एक या दो कन्याओं को घर बुलाकर सादगी से भोजन कराएँ — विधि कन्या पूजन विधि में है।

शारदीय नवरात्रि की धूमधाम वाली अष्टमी से तुलना के लिए महागौरी पूजा देखें। अगले दिन सिद्धिदात्री पूजा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माघ गुप्त नवरात्रि की अष्टमी को किसकी पूजा होती है?
माघ शुक्ल अष्टमी को माँ महागौरी की पूजा होती है।
क्या गुप्त नवरात्रि में कन्या पूजन होता है?
बड़ा कन्या-भोज ज़रूरी नहीं है, पर कई परिवार एक या कुछ कन्याओं को सादगी से भोजन कराते हैं। यह पूरी तरह श्रद्धा पर है।
माँ महागौरी को क्या भोग लगाएं?
नारियल का भोग लगाया जाता है, साथ में सफ़ेद फूल और सफ़ेद चुनरी।
क्या इसी दिन भीष्म अष्टमी भी है?
हाँ, माघ शुक्ल अष्टमी भीष्म अष्टमी है। इस दिन भीष्म पितामह को तर्पण दिया जाता है।
गुप्त नवरात्रि में साधक क्या नियम रखते हैं?
आम तौर पर ब्रह्मचर्य, भूमि पर सोना, एक समय सात्विक भोजन और गुरु के बताए मंत्र का नियमित जाप।

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