गांधी जयंती
गांधी जयंती हर साल 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। यह राष्ट्रीय अवकाश है और इस दिन देश भर में प्रार्थना सभाएँ, सफ़ाई अभियान और भजन होते हैं। इसी तारीख को देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का भी जन्मदिन है।
गांधी जी और भजन
गांधी जी के जीवन में प्रार्थना का बड़ा स्थान था। उनकी शाम की प्रार्थना सभाओं में दो भजन लगभग हमेशा गाए जाते थे:
- रघुपति राघव राजा राम: पुरानी रामधुन, जिसे गांधी जी के आश्रम में नया रूप मिला और जो दांडी यात्रा से लेकर प्रभात फेरियों तक गूँजी।
- वैष्णव जन तो तेने कहिये: गुजरात के भक्त कवि नरसिंह मेहता का भजन, जो बताता है कि सच्चा भक्त वह है जो दूसरों का दुख समझे और अभिमान न करे। गांधी जी इसे अपने जीवन का आदर्श मानते थे।
गांधी जी भगवद्गीता को "माता" कहते थे और रोज़ उसका पाठ करते थे। घर पर गीता पढ़ने का आसान तरीका गीता पाठ विधि लेख में है। माना जाता है कि उनके अंतिम शब्द "हे राम" थे।
इस दिन परिवार क्या कर सकते हैं
- सुबह या शाम घर पर इन दोनों भजनों के साथ छोटी प्रार्थना सभा।
- मोहल्ले या मंदिर परिसर की सफ़ाई में हाथ बँटाना, जिसे गांधी जी सेवा का हिस्सा मानते थे।
- बच्चों को सत्य, अहिंसा और सादगी की कहानियाँ सुनाना।
पंचांग की नज़र से
गांधी जयंती तय अंग्रेज़ी तारीख है। यह अक्सर पितृ पक्ष या शारदीय नवरात्रि के आसपास पड़ती है, इसलिए उस दिन की तिथि पंचांग में ज़रूर देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गांधी जयंती कब मनाई जाती है?
हर साल 2 अक्टूबर को, महात्मा गांधी के जन्मदिन पर।
गांधी जी के प्रिय भजन कौन से थे?
रघुपति राघव राजा राम और नरसिंह मेहता का वैष्णव जन तो तेने कहिये, जो उनकी प्रार्थना सभाओं में गाए जाते थे।
वैष्णव जन तो तेने कहिये किसने लिखा?
गुजरात के भक्त कवि नरसिंह मेहता ने, जो भक्ति आंदोलन के बड़े संत माने जाते हैं।
2 अक्टूबर को और किसका जन्मदिन है?
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का।
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