शारदीय नवरात्रि
शारदीय नवरात्रि आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक चलने वाला माँ दुर्गा का नौ दिन का पर्व है, और दसवें दिन विजयादशमी (दशहरा) के साथ पूरा होता है। शरद ऋतु में आने के कारण इसे शारदीय कहते हैं, और साल की चारों नवरात्रियों में यही सबसे बड़ी मानी जाती है।
क्या है और क्यों मनाते हैं
मार्कण्डेय पुराण के देवी माहात्म्य (दुर्गा सप्तशती) में महिषासुर, शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज जैसे असुरों पर देवी की विजय की कथाएँ हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के नौ रूपों, शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक, की एक-एक दिन पूजा होती है। उत्तर भारत में यही समय रामलीला का भी है, क्योंकि मान्यता है कि श्रीराम ने रावण से युद्ध से पहले देवी की आराधना की थी।
किस तिथि को
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शुरू, जिस दिन सूर्योदय पर प्रतिपदा हो। पहले दिन घटस्थापना होती है। कभी तिथि घटने-बढ़ने से नवरात्रि आठ या दस दिन की भी हो जाती है। हर दिन की तिथि नवरात्रि कैलेंडर में देखें।
कैसे मनाते हैं
- कलश स्थापना, जौ बोना और अखंड ज्योति; नौ दिन दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ।
- व्रत में कुट्टू, सिंघाड़ा, साबूदाना, फल और सेंधा नमक; कई लोग पहले और आख़िरी दिन ही व्रत रखते हैं।
- अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन और हवन, फिर पारण।
- दसवें दिन विजयादशमी पर रावण दहन और देवी प्रतिमा का विसर्जन।
क्षेत्रीय परंपराएँ
बंगाल और बिहार में षष्ठी से दशमी तक पंडालों वाली दुर्गा पूजा, गुजरात में गरबा-डांडिया, और उत्तर प्रदेश-दिल्ली में रामलीला इस पर्व के अलग-अलग चेहरे हैं। हर दिन की देवी और भोग नवदुर्गा के नौ रूप में, और व्रत का खाना नवरात्रि व्रत में क्या खाएँ में देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शारदीय नवरात्रि कब शुरू होती है?
नवरात्रि में किन देवियों की पूजा होती है?
नवरात्रि व्रत में क्या खा सकते हैं?
कन्या पूजन अष्टमी को करें या नवमी को?
नवरात्रि का व्रत कब खोलें?
साल में कितनी नवरात्रि होती हैं?
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