चन्द्र दर्शन तिथियाँ 2026
वर्ष 2026 की सभी तिथियाँ, New Delhi, India के समय सहित।
चन्द्र दर्शन
चंद्र दर्शन अमावस्या के बाद पहली बार दिखने वाले पतले चाँद को देखने और उसे अर्घ्य देने का दिन है। यह हर महीने शुक्ल पक्ष की द्वितीया को, सूर्यास्त के ठीक बाद पश्चिम दिशा में होता है। कई लोग इस दिन व्रत रखकर चंद्रमा की पूजा करते हैं।
क्यों करते हैं
चंद्रमा को मन का कारक और औषधियों का स्वामी माना जाता है, और शिव जी अपने मस्तक पर इसी द्वितीया के चाँद को धारण करते हैं। अमावस्या के अंधेरे के बाद नया चाँद दिखना शुभ शुरुआत का प्रतीक है, इसलिए घरों में बड़े-बुज़ुर्ग बच्चों को यह चाँद दिखाकर आशीर्वाद देते हैं।
किस तिथि को
हर महीने की शुक्ल द्वितीया, जिस शाम सूर्यास्त के बाद चाँद पहली बार दिख सके। नया चाँद सूर्यास्त के कुछ ही देर बाद डूब जाता है, इसलिए दर्शन का समय छोटा होता है; बादल हों तो दिखना मुश्किल रहता है। कभी-कभी पहली झलक प्रतिपदा की शाम को भी मिल जाती है।
कैसे करें
- दिन में व्रत या हल्का भोजन, शाम को स्नान कर साफ़ कपड़े पहनें।
- चाँदी या तांबे के लोटे में जल, कच्चा दूध, चावल और सफ़ेद फूल डालकर चाँद को अर्घ्य दें।
- "ॐ सोमाय नमः" का जाप और सफ़ेद मिठाई, चावल या दूध का दान।
- अर्घ्य के बाद व्रत खोलें।
चाँद देखने की यह परंपरा अमावस्या से पूर्णिमा तक के चंद्र चक्र की शुरुआत है। आज कौन सी तिथि है, यह आज के पंचांग में देखें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चंद्र दर्शन कब होता है?
नया चाँद किस दिशा में दिखता है?
चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दें?
चंद्र दर्शन के दिन क्या दान करें?
अगर बादलों के कारण चाँद न दिखे तो?
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