2026

नाग पंचमी 2026

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मुख्य विवरण

दिल्ली के लिए

नाग पंचमी

नाग पंचमी सावन महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाने वाला पर्व है, जिसमें नाग देवता की पूजा की जाती है। बरसात के इन दिनों में साँप बिलों से बाहर निकलते हैं, इसलिए घर-परिवार की रक्षा और नागों के प्रति आदर, दोनों भाव इस दिन एक साथ जुड़ते हैं।

क्या है और क्यों मनाते हैं

हिंदू परंपरा में नागों को शिव जी के कंठ का आभूषण और विष्णु जी की शय्या शेषनाग के रूप में पूजनीय माना गया है। भविष्य पुराण में श्रावण शुक्ल पंचमी को अनंत, वासुकि, तक्षक, कर्कोटक जैसे आठ प्रमुख नागों के पूजन का विधान मिलता है। मान्यता है कि इस दिन की पूजा से घर में सर्प-भय नहीं रहता और कुल की रक्षा होती है।

किस तिथि को

नाग पंचमी श्रावण शुक्ल पंचमी को होती है, यानी हरियाली तीज के दो दिन बाद। शुक्ल पक्ष होने के कारण पूर्णिमांत और अमांत, दोनों पंचांगों में महीने का नाम एक ही रहता है। जिस दिन सूर्योदय के समय पंचमी हो, उसी दिन पर्व मनाते हैं और पूजा सुबह के समय की जाती है।

कैसे मनाते हैं

  • सुबह स्नान के बाद घर के मुख्य दरवाज़े के दोनों ओर गोबर, गेरू या हल्दी से नाग की आकृति बनाई जाती है।
  • नाग देवता को कच्चा दूध, धान का लावा, दूब, रोली-अक्षत और फूल चढ़ाए जाते हैं। बाँबी या शिव मंदिर में भी पूजा होती है।
  • पूजा के बाद नाग पंचमी व्रत कथा सुनी जाती है।
  • बहुत से घरों में इस दिन ज़मीन नहीं खोदी जाती और तवे पर रोटी नहीं सेंकी जाती; खीर, पूए या पहले से बना भोजन चलता है।

क्षेत्रीय परंपराएँ

पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसी दिन गुड़िया का त्योहार होता है, जिसमें लड़कियाँ कपड़े की गुड़िया तालाब या चौराहे पर डालती हैं और भाई उन्हें डंडों से पीटते हैं। बिहार और बंगाल में यह दिन मनसा देवी की पूजा से जुड़ा है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में नाग पूजा भादों कृष्ण पंचमी को भी की जाती है। सावन के बाकी नियमों के लिए सावन मास के नियम और आज की तिथि के लिए आज का पंचांग देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाग पंचमी किस तिथि को होती है?
नाग पंचमी श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को होती है। जिस दिन सूर्योदय पर पंचमी हो, उसी दिन यह पर्व मनाया जाता है।
नाग पंचमी पर नाग देवता को क्या चढ़ाते हैं?
कच्चा दूध, धान का लावा, दूब, रोली, अक्षत, फूल और मिठाई चढ़ाई जाती है। जीवित साँप को दूध पिलाना उचित नहीं माना जाता, प्रतीक या चित्र की पूजा करें।
नाग पंचमी पर क्या नहीं करना चाहिए?
परंपरा के अनुसार इस दिन ज़मीन की खुदाई, हल चलाना और तवे पर रोटी सेंकना टाला जाता है। साँपों को चोट पहुँचाना तो किसी भी दिन वर्जित है।
गुड़िया का त्योहार क्या है?
पूर्वी उत्तर प्रदेश में नाग पंचमी के दिन लड़कियाँ कपड़े की गुड़िया बनाकर तालाब या चौराहे पर डालती हैं और भाई उसे डंडे से पीटते हैं। इसे ही गुड़िया का त्योहार कहते हैं।
नाग पंचमी पर किन नागों की पूजा होती है?
भविष्य पुराण में अनंत, वासुकि, शेष, पद्म, कंबल, कर्कोटक, तक्षक और शंखपाल जैसे प्रमुख नागों का पूजन बताया गया है। घरों में आम तौर पर नाग देवता की एक साथ पूजा होती है।

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