गणतंत्र दिवस
गणतंत्र दिवस हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ और देश एक संप्रभु गणराज्य बना। 26 जनवरी की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इसी तारीख को पूर्ण स्वराज का संकल्प लिया गया था।
यह दिन कैसे मनाया जाता है
- नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति ध्वज फहराते हैं और सेना, राज्यों की झाँकियों और लोक कलाकारों की परेड निकलती है।
- स्कूलों, दफ़्तरों और गली-मोहल्लों में तिरंगा फहराया जाता है, राष्ट्रगान गाया जाता है और मिठाई बँटती है।
- तीन दिन बाद बीटिंग रिट्रीट समारोह के साथ गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम पूरे होते हैं।
परिवार के लिए एक भक्ति भरा पहलू
हमारी परंपरा में देश को माता कहा गया है, और अथर्ववेद का पृथ्वी सूक्त कहता है कि भूमि माता है और हम उसके पुत्र हैं। इसलिए बहुत से परिवार इस दिन सुबह की पूजा में देश की सुरक्षा में लगे जवानों और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करते हैं। संविधान का मूल भाव, सबके साथ बराबरी और न्याय, हमारे संतों की उस सीख से मेल खाता है जिसमें हर जीव में भगवान को देखने की बात कही गई है।
पंचांग की नज़र से
गणतंत्र दिवस अंग्रेज़ी तारीख से तय है, तिथि से नहीं, इसलिए हर साल इसी दिन आता है। यह माघ महीने का समय होता है, जब प्रयागराज में माघ मेला चलता है, और कई सालों में बसंत पंचमी भी इसके आसपास पड़ती है। उस दिन की तिथि, नक्षत्र और शुभ समय आज का पंचांग पर देखें। देश से जुड़ा दूसरा बड़ा दिन स्वतंत्रता दिवस है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गणतंत्र दिवस कब मनाया जाता है?
26 जनवरी की तारीख ही क्यों चुनी गई?
गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस में क्या अंतर है?
क्या गणतंत्र दिवस तिथि के अनुसार बदलता है?
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