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श्री सुब्रह्मण्य सहस्रनामावळि 2

संपादन: अद्यतन
सहस्रनामावली
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1। ॐ अचिंत्यशक्तये नमः
2। ॐ अनघाय नमः
3। ॐ अक्षोभ्याय नमः
4। ॐ अपराजिताय नमः
5। ॐ अनाथवत्सलाय नमः
6। ॐ अमोघाय नमः
7। ॐ अशोकाय नमः
8। ॐ अजराय नमः
9। ॐ अभयाय नमः
10। ॐ अत्युदाराय नमः
11। ॐ अघहराय नमः
12। ॐ अग्रगण्याय नमः
13। ॐ अद्रिजासुताय नमः
14। ॐ अनंतमहिम्ने नमः
15। ॐ अपाराय नमः
16। ॐ अनंतसौख्यप्रदाय नमः
17। ॐ अव्ययाय नमः
18। ॐ अनंतमोक्षदाय नमः
19। ॐ अनादये नमः
20। ॐ अप्रमेयाय नमः
21। ॐ अक्षराय नमः
22। ॐ अच्युताय नमः
23। ॐ अकल्मषाय नमः
24। ॐ अभिरामाय नमः
25। ॐ अग्रधुर्याय नमः
26। ॐ अमितविक्रमाय नमः
27। ॐ अनाथनाथाय नमः
28। ॐ अमलाय नमः
29। ॐ अप्रमत्ताय नमः
30। ॐ अमरप्रभवे नमः
31। ॐ अरिंदमाय नमः
32। ॐ अखिलाधाराय नमः
33। ॐ अणिमादिगुणाय नमः
34। ॐ अग्रण्ये नमः
35। ॐ अचंचलाय नमः
36। ॐ अमरस्तुत्याय नमः
37। ॐ अकलंकाय नमः
38। ॐ अमिताशनाय नमः
39। ॐ अग्निभुवे नमः
40। ॐ अनवद्यांगाय नमः
41। ॐ अद्भुताय नमः
42। ॐ अभीष्टदायकाय नमः
43। ॐ अतींद्रियाय नमः
44। ॐ अप्रमेयात्मने नमः
45। ॐ अदृश्याय नमः
46। ॐ अव्यक्तलक्षणाय नमः
47। ॐ आपद्विनाशकाय नमः
48। ॐ आर्याय नमः
49। ॐ आढ्याय नमः
50। ॐ आगमसंस्तुताय नमः
51। ॐ आर्तसंरक्षणाय नमः
52। ॐ आद्याय नमः
53। ॐ आनंदाय नमः
54। ॐ आर्यसेविताय नमः
55। ॐ आश्रितेष्टार्थवरदाय नमः
56। ॐ आनंदिने नमः
57। ॐ आर्तफलप्रदाय नमः
58। ॐ आश्चर्यरूपाय नमः
59। ॐ आनंदाय नमः
60। ॐ आपन्नार्तिविनाशनाय नमः
61। ॐ इभवक्त्रानुजाय नमः
62। ॐ इष्टाय नमः
63। ॐ इभासुरहरात्मजाय नमः
64। ॐ इतिहासश्रुतिस्तुत्याय नमः
65। ॐ इंद्रभोगफलप्रदाय नमः
66। ॐ इष्टापूर्तफलप्राप्तये नमः
67। ॐ इष्टेष्टवरदायकाय नमः
68। ॐ इहामुत्रेष्टफलदाय नमः
69। ॐ इष्टदाय नमः
70। ॐ इंद्रवंदिताय नमः
71। ॐ ईडनीयाय नमः
72। ॐ ईशपुत्राय नमः
73। ॐ ईप्सितार्थप्रदायकाय नमः
74। ॐ ईतिभीतिहराय नमः
75। ॐ ईड्याय नमः
76। ॐ ईषणात्रयवर्जिताय नमः
77। ॐ उदारकीर्तये नमः
78। ॐ उद्योगिने नमः
79। ॐ उत्कृष्टोरुपराक्रमाय नमः
80। ॐ उत्कृष्टशक्तये नमः
81। ॐ उत्साहाय नमः
82। ॐ उदाराय नमः
83। ॐ उत्सवप्रियाय नमः
84। ॐ उज्जृंभाय नमः
85। ॐ उद्भवाय नमः
86। ॐ उग्राय नमः
87। ॐ उदग्राय नमः
88। ॐ उग्रलोचनाय नमः
89। ॐ उन्मत्ताय नमः
90। ॐ उग्रशमनाय नमः
91। ॐ उद्वेगघ्नोरगेश्वराय नमः
92। ॐ उरुप्रभावाय नमः
93। ॐ उदीर्णाय नमः
94। ॐ उमापुत्राय नमः
95। ॐ उदारधिये नमः
96। ॐ ऊर्ध्वरेतःसुताय नमः
97। ॐ ऊर्ध्वगतिदाय नमः
98। ॐ ऊर्जपालकाय नमः
99। ॐ ऊर्जिताय नमः
100। ॐ ऊर्ध्वगाय नमः
101। ॐ ऊर्ध्वाय नमः
102। ॐ ऊर्ध्वलोकैकनायकाय नमः
103। ॐ ऊर्जावते नमः
104। ॐ ऊर्जितोदाराय नमः
105। ॐ ऊर्जितोर्जितशासनाय नमः
106। ॐ ऋषिदेवगणस्तुत्याय नमः
107। ॐ ऋणत्रयविमोचनाय नमः
108। ॐ ऋजुरूपाय नमः
109। ॐ ऋजुकराय नमः
110। ॐ ऋजुमार्गप्रदर्शनाय नमः
111। ॐ ऋतंभराय नमः
112। ॐ ऋजुप्रीताय नमः
113। ॐ ऋषभाय नमः
114। ॐ ऋद्धिदाय नमः
115। ॐ ऋताय नमः
116। ॐ लुलितोद्धारकाय नमः
117। ॐ लूतभवपाशप्रभंजनाय नमः
118। ॐ एणांकधरसत्पुत्राय नमः
119। ॐ एकस्मै नमः
120। ॐ एनोविनाशनाय नमः
121। ॐ ऐश्वर्यदाय नमः
122। ॐ ऐंद्रभोगिने नमः
123। ॐ ऐतिह्याय नमः
124। ॐ ऐंद्रवंदिताय नमः
125। ॐ ओजस्विने नमः
126। ॐ ओषधिस्थानाय नमः
127। ॐ ओजोदाय नमः
128। ॐ ओदनप्रदाय नमः
129। ॐ औदार्यशीलाय नमः
130। ॐ औमेयाय नमः
131। ॐ औग्राय नमः
132। ॐ औन्नत्यदायकाय नमः
133। ॐ औदार्याय नमः
134। ॐ औषधकराय नमः
135। ॐ औषधाय नमः
136। ॐ औषधाकराय नमः
137। ॐ अंशुमते नमः
138। ॐ अंशुमालीड्याय नमः
139। ॐ अंबिकातनयाय नमः
140। ॐ अन्नदाय नमः
141। ॐ अंधकारिसुताय नमः
142। ॐ अंधत्वहारिणे नमः
143। ॐ अंबुजलोचनाय नमः
144। ॐ अस्तमायाय नमः
145। ॐ अमराधीशाय नमः
146। ॐ अस्पष्टाय नमः
147। ॐ अस्तोकपुण्यदाय नमः
148। ॐ अस्तामित्राय नमः
149। ॐ अस्तरूपाय नमः
150। ॐ अस्खलत्सुगतिदायकाय नमः
151। ॐ कार्तिकेयाय नमः
152। ॐ कामरूपाय नमः
153। ॐ कुमाराय नमः
154। ॐ क्रौंचदारणाय नमः
155। ॐ कामदाय नमः
156। ॐ कारणाय नमः
157। ॐ काम्याय नमः
158। ॐ कमनीयाय नमः
159। ॐ कृपाकराय नमः
160। ॐ कांचनाभाय नमः
161। ॐ कांतियुक्ताय नमः
162। ॐ कामिने नमः
163। ॐ कामप्रदाय नमः
164। ॐ कवये नमः
165। ॐ कीर्तिकृते नमः
166। ॐ कुक्कुटधराय नमः
167। ॐ कूटस्थाय नमः
168। ॐ कुवलेक्षणाय नमः
169। ॐ कुंकुमांगाय नमः
170। ॐ क्लमहराय नमः
171। ॐ कुशलाय नमः
172। ॐ कुक्कुटध्वजाय नमः
173। ॐ कुशानुसंभवाय नमः
174। ॐ क्रूराय नमः
175। ॐ क्रूरघ्नाय नमः
176। ॐ कलितापहृते नमः
177। ॐ कामरूपाय नमः
178। ॐ कल्पतरवे नमः
179। ॐ कांताय नमः
180। ॐ कामितदायकाय नमः
181। ॐ कल्याणकृते नमः
182। ॐ क्लेशनाशाय नमः
183। ॐ कृपालवे नमः
184। ॐ करुणाकराय नमः
185। ॐ कलुषघ्नाय नमः
186। ॐ क्रियाशक्तये नमः
187। ॐ कठोराय नमः
188। ॐ कवचिने नमः
189। ॐ कृतिने नमः
190। ॐ कोमलांगाय नमः
191। ॐ कुशप्रीताय नमः
192। ॐ कुत्सितघ्नाय नमः
193। ॐ कलाधराय नमः
194। ॐ ख्याताय नमः
195। ॐ खेटधराय नमः
196। ॐ खड्गिने नमः
197। ॐ खट्वांगिने नमः
198। ॐ खलनिग्रहाय नमः
199। ॐ ख्यातिप्रदाय नमः
200। ॐ खेचरेशाय नमः
201। ॐ ख्यातेहाय नमः
202। ॐ खेचरस्तुताय नमः
203। ॐ खरतापहराय नमः
204। ॐ खस्थाय नमः
205। ॐ खेचराय नमः
206। ॐ खेचराश्रयाय नमः
207। ॐ खंडेंदुमौळितनयाय नमः
208। ॐ खेलाय नमः
209। ॐ खेचरपालकाय नमः
210। ॐ खस्थलाय नमः
211। ॐ खंडितार्काय नमः
212। ॐ खेचरीजनपूजिताय नमः
213। ॐ गांगेयाय नमः
214। ॐ गिरिजापुत्राय नमः
215। ॐ गणनाथानुजाय नमः
216। ॐ गुहाय नमः
217। ॐ गोप्त्रे नमः
218। ॐ गीर्वाणसंसेव्याय नमः
219। ॐ गुणातीताय नमः
220। ॐ गुहाश्रयाय नमः
221। ॐ गतिप्रदाय नमः
222। ॐ गुणनिधये नमः
223। ॐ गंभीराय नमः
224। ॐ गिरिजात्मजाय नमः
225। ॐ गूढरूपाय नमः
226। ॐ गदहराय नमः
227। ॐ गुणाधीशाय नमः
228। ॐ गुणाग्रण्ये नमः
229। ॐ गोधराय नमः
230। ॐ गहनाय नमः
231। ॐ गुप्ताय नमः
232। ॐ गर्वघ्नाय नमः
233। ॐ गुणवर्धनाय नमः
234। ॐ गुह्याय नमः
235। ॐ गुणज्ञाय नमः
236। ॐ गीतिज्ञाय नमः
237। ॐ गतातंकाय नमः
238। ॐ गुणाश्रयाय नमः
239। ॐ गद्यपद्यप्रियाय नमः
240। ॐ गुण्याय नमः
241। ॐ गोस्तुताय नमः
242। ॐ गगनेचराय नमः
243। ॐ गणनीयचरित्राय नमः
244। ॐ गतक्लेशाय नमः
245। ॐ गुणार्णवाय नमः
246। ॐ घूर्णिताक्षाय नमः
247। ॐ घृणिनिधये नमः
248। ॐ घनगंभीरघोषणाय नमः
249। ॐ घंटानादप्रियाय नमः
250। ॐ घोषाय नमः
251। ॐ घोराघौघविनाशनाय नमः
252। ॐ घनानंदाय नमः
253। ॐ घर्महंत्रे नमः
254। ॐ घृणावते नमः
255। ॐ घृष्टिपातकाय नमः
256। ॐ घृणिने नमः
257। ॐ घृणाकराय नमः
258। ॐ घोराय नमः
259। ॐ घोरदैत्यप्रहारकाय नमः
260। ॐ घटितैश्वर्यसंदोहाय नमः
261। ॐ घनार्थाय नमः
262। ॐ घनसंक्रमाय नमः
263। ॐ चित्रकृते नमः
264। ॐ चित्रवर्णाय नमः
265। ॐ चंचलाय नमः
266। ॐ चपलद्युतये नमः
267। ॐ चिन्मयाय नमः
268। ॐ चित्स्वरूपाय नमः
269। ॐ चिरानंदाय नमः
270। ॐ चिरंतनाय नमः
271। ॐ चित्रकेलये नमः
272। ॐ चित्रतराय नमः
273। ॐ चिंतनीयाय नमः
274। ॐ चमत्कृतये नमः
275। ॐ चोरघ्नाय नमः
276। ॐ चतुराय नमः
277। ॐ चारवे नमः
278। ॐ चामीकरविभूषणाय नमः
279। ॐ चंद्रार्ककोटिसदृशाय नमः
280। ॐ चंद्रमौळितनूभवाय नमः
281। ॐ छादितांगाय नमः
282। ॐ छद्महंत्रे नमः
283। ॐ छेदिताखिलपातकाय नमः
284। ॐ छेदीकृततमःक्लेशाय नमः
285। ॐ छत्रीकृतमहायशसे नमः
286। ॐ छादिताशेषसंतापाय नमः
287। ॐ छरितामृतसागराय नमः
288। ॐ छन्नत्रैगुण्यरूपाय नमः
289। ॐ छातेहाय नमः
290। ॐ छिन्नसंशयाय नमः
291। ॐ छंदोमयाय नमः
292। ॐ छंदगामिने नमः
293। ॐ छिन्नपाशाय नमः
294। ॐ छविश्छदाय नमः
295। ॐ जगद्धिताय नमः
296। ॐ जगत्पूज्याय नमः
297। ॐ जगज्ज्येष्ठाय नमः
298। ॐ जगन्मयाय नमः
299। ॐ जनकाय नमः
300। ॐ जाह्नवीसूनवे नमः
301। ॐ जितामित्राय नमः
302। ॐ जगद्गुरवे नमः
303। ॐ जयिने नमः
304। ॐ जितेंद्रियाय नमः
305। ॐ जैत्राय नमः
306। ॐ जरामरणवर्जिताय नमः
307। ॐ ज्योतिर्मयाय नमः
308। ॐ जगन्नाथाय नमः
309। ॐ जगज्जीवाय नमः
310। ॐ जनाश्रयाय नमः
311। ॐ जगत्सेव्याय नमः
312। ॐ जगत्कर्त्रे नमः
313। ॐ जगत्साक्षिणे नमः
314। ॐ जगत्प्रियाय नमः
315। ॐ जंभारिवंद्याय नमः
316। ॐ जयदाय नमः
317। ॐ जगज्जनमनोहराय नमः
318। ॐ जगदानंदजनकाय नमः
319। ॐ जनजाड्यापहारकाय नमः
320। ॐ जपाकुसुमसंकाशाय नमः
321। ॐ जनलोचनशोभनाय नमः
322। ॐ जनेश्वराय नमः
323। ॐ जितक्रोधाय नमः
324। ॐ जनजन्मनिबर्हणाय नमः
325। ॐ जयदाय नमः
326। ॐ जंतुतापघ्नाय नमः
327। ॐ जितदैत्यमहाव्रजाय नमः
328। ॐ जितमायाय नमः
329। ॐ जितक्रोधाय नमः
330। ॐ जितसंगाय नमः
331। ॐ जनप्रियाय नमः
332। ॐ झंझानिलमहावेगाय नमः
333। ॐ झरिताशेषपातकाय नमः
334। ॐ झर्झरीकृतदैत्यौघाय नमः
335। ॐ झल्लरीवाद्यसंप्रियाय नमः
336। ॐ ज्ञानमूर्तये नमः
337। ॐ ज्ञानगम्याय नमः
338। ॐ ज्ञानिने नमः
339। ॐ ज्ञानमहानिधये नमः
340। ॐ टंकारनृत्तविभवाय नमः
341। ॐ टंकवज्रध्वजांकिताय नमः
342। ॐ टंकिताखिललोकाय नमः
343। ॐ टंकितैनस्तमोरवये नमः
344। ॐ डंबरप्रभवाय नमः
345। ॐ डंभाय नमः
346। ॐ डंबाय नमः
347। ॐ डमरुकप्रियाय नमः
348। ॐ डमरोत्कटसन्नादाय नमः
349। ॐ डिंभरूपस्वरूपकाय नमः
350। ॐ ढक्कानादप्रीतिकराय नमः
351। ॐ ढालितासुरसंकुलाय नमः
352। ॐ ढौकितामरसंदोहाय नमः
353। ॐ ढुंढिविघ्नेश्वरानुजाय नमः
354। ॐ तत्त्वज्ञाय नमः
355। ॐ तत्त्वगाय नमः
356। ॐ तीव्राय नमः
357। ॐ तपोरूपाय नमः
358। ॐ तपोमयाय नमः
359। ॐ त्रयीमयाय नमः
360। ॐ त्रिकालज्ञाय नमः
361। ॐ त्रिमूर्तये नमः
362। ॐ त्रिगुणात्मकाय नमः
363। ॐ त्रिदशेशाय नमः
364। ॐ तारकारये नमः
365। ॐ तापघ्नाय नमः
366। ॐ तापसप्रियाय नमः
367। ॐ तुष्टिदाय नमः
368। ॐ तुष्टिकृते नमः
369। ॐ तीक्ष्णाय नमः
370। ॐ तपोरूपाय नमः
371। ॐ त्रिकालविदे नमः
372। ॐ स्तोत्रे नमः
373। ॐ स्तव्याय नमः
374। ॐ स्तवप्रीताय नमः
375। ॐ स्तुतये नमः
376। ॐ स्तोत्राय नमः
377। ॐ स्तुतिप्रियाय नमः
378। ॐ स्थिताय नमः
379। ॐ स्थायिने नमः
380। ॐ स्थापकाय नमः
381। ॐ स्थूलसूक्ष्मप्रदर्शकाय नमः
382। ॐ स्थविष्ठाय नमः
383। ॐ स्थविराय नमः
384। ॐ स्थूलाय नमः
385। ॐ स्थानदाय नमः
386। ॐ स्थैर्यदाय नमः
387। ॐ स्थिराय नमः
388। ॐ दांताय नमः
389। ॐ दयापराय नमः
390। ॐ दात्रे नमः
391। ॐ दुरितघ्नाय नमः
392। ॐ दुरासदाय नमः
393। ॐ दर्शनीयाय नमः
394। ॐ दयासाराय नमः
395। ॐ देवदेवाय नमः
396। ॐ दयानिधये नमः
397। ॐ दुराधर्षाय नमः
398। ॐ दुर्विगाह्याय नमः
399। ॐ दक्षाय नमः
400। ॐ दर्पणशोभिताय नमः
401। ॐ दुर्धराय नमः
402। ॐ दानशीलाय नमः
403। ॐ द्वादशाक्षाय नमः
404। ॐ द्विषड्भुजाय नमः
405। ॐ द्विषट्कर्णाय नमः
406। ॐ द्विषड्बाहवे नमः
407। ॐ दीनसंतापनाशनाय नमः
408। ॐ दंदशूकेश्वराय नमः
409। ॐ देवाय नमः
410। ॐ दिव्याय नमः
411। ॐ दिव्याकृतये नमः
412। ॐ दमाय नमः
413। ॐ दीर्घवृत्ताय नमः
414। ॐ दीर्घबाहवे नमः
415। ॐ दीर्घदृष्टये नमः
416। ॐ दिवस्पतये नमः
417। ॐ दंडाय नमः
418। ॐ दमयित्रे नमः
419। ॐ दर्पाय नमः
420। ॐ देवसिंहाय नमः
421। ॐ दृढव्रताय नमः
422। ॐ दुर्लभाय नमः
423। ॐ दुर्गमाय नमः
424। ॐ दीप्ताय नमः
425। ॐ दुष्प्रेक्ष्याय नमः
426। ॐ दिव्यमंडनाय नमः
427। ॐ दुरोदरघ्नाय नमः
428। ॐ दुःखघ्नाय नमः
429। ॐ दुरारिघ्नाय नमः
430। ॐ दिशां पतये नमः
431। ॐ दुर्जयाय नमः
432। ॐ देवसेनेशाय नमः
433। ॐ दुर्ज्ञेयाय नमः
434। ॐ दुरतिक्रमाय नमः
435। ॐ दंभाय नमः
436। ॐ दृप्ताय नमः
437। ॐ देवर्षये नमः
438। ॐ दैवज्ञाय नमः
439। ॐ दैवचिंतकाय नमः
440। ॐ धुरंधराय नमः
441। ॐ धर्मपराय नमः
442। ॐ धनदाय नमः
443। ॐ धृतवर्धनाय नमः
444। ॐ धर्मेशाय नमः
445। ॐ धर्मशास्त्रज्ञाय नमः
446। ॐ धन्विने नमः
447। ॐ धर्मपरायणाय नमः
448। ॐ धनाध्यक्षाय नमः
449। ॐ धनपतये नमः
450। ॐ धृतिमते नमः
451। ॐ धूतकिल्बिषाय नमः
452। ॐ धर्महेतवे नमः
453। ॐ धर्मशूराय नमः
454। ॐ धर्मकृते नमः
455। ॐ धर्मविदे नमः
456। ॐ ध्रुवाय नमः
457। ॐ धात्रे नमः
458। ॐ धीमते नमः
459। ॐ धर्मचारिणे नमः
460। ॐ धन्याय नमः
461। ॐ धुर्याय नमः
462। ॐ धृतव्रताय नमः
463। ॐ नित्योत्सवाय नमः
464। ॐ नित्यतृप्ताय नमः
465। ॐ निर्लेपाय नमः
466। ॐ निश्चलात्मकाय नमः
467। ॐ निरवद्याय नमः
468। ॐ निराधाराय नमः
469। ॐ निष्कळंकाय नमः
470। ॐ निरंजनाय नमः
471। ॐ निर्ममाय नमः
472। ॐ निरहंकाराय नमः
473। ॐ निर्मोहाय नमः
474। ॐ निरुपद्रवाय नमः
475। ॐ नित्यानंदाय नमः
476। ॐ निरातंकाय नमः
477। ॐ निष्प्रपंचाय नमः
478। ॐ निरामयाय नमः
479। ॐ निरवद्याय नमः
480। ॐ निरीहाय नमः
481। ॐ निर्दर्शाय नमः
482। ॐ निर्मलात्मकाय नमः
483। ॐ नित्यानंदाय नमः
484। ॐ निर्जरेशाय नमः
485। ॐ निःसंगाय नमः
486। ॐ निगमस्तुताय नमः
487। ॐ निष्कंटकाय नमः
488। ॐ निरालंबाय नमः
489। ॐ निष्प्रत्यूहाय नमः
490। ॐ निरुद्भवाय नमः
491। ॐ नित्याय नमः
492। ॐ नियतकल्याणाय नमः
493। ॐ निर्विकल्पाय नमः
494। ॐ निराश्रयाय नमः
495। ॐ नेत्रे नमः
496। ॐ निधये नमः
497। ॐ नैकरूपाय नमः
498। ॐ निराकाराय नमः
499। ॐ नदीसुताय नमः
500। ॐ पुलिंदकन्यारमणाय नमः
501। ॐ पुरुजिते नमः
502। ॐ परमप्रियाय नमः
503। ॐ प्रत्यक्षमूर्तये नमः
504। ॐ प्रत्यक्षाय नमः
505। ॐ परेशाय नमः
506। ॐ पूर्णपुण्यदाय नमः
507। ॐ पुण्याकराय नमः
508। ॐ पुण्यरूपाय नमः
509। ॐ पुण्याय नमः
510। ॐ पुण्यपरायणाय नमः
511। ॐ पुण्योदयाय नमः
512। ॐ परस्मै ज्योतिषे नमः
513। ॐ पुण्यकृते नमः
514। ॐ पुण्यवर्धनाय नमः
515। ॐ परानंदाय नमः
516। ॐ परतराय नमः
517। ॐ पुण्यकीर्तये नमः
518। ॐ पुरातनाय नमः
519। ॐ प्रसन्नरूपाय नमः
520। ॐ प्राणेशाय नमः
521। ॐ पन्नगाय नमः
522। ॐ पापनाशनाय नमः
523। ॐ प्रणतार्तिहराय नमः
524। ॐ पूर्णाय नमः
525। ॐ पार्वतीनंदनाय नमः
526। ॐ प्रभवे नमः
527। ॐ पूतात्मने नमः
528। ॐ पुरुषाय नमः
529। ॐ प्राणाय नमः
530। ॐ प्रभवाय नमः
531। ॐ पुरुषोत्तमाय नमः
532। ॐ प्रसन्नाय नमः
533। ॐ परमस्पष्टाय नमः
534। ॐ पराय नमः
535। ॐ परिबृढाय नमः
536। ॐ पराय नमः
537। ॐ परमात्मने नमः
538। ॐ परब्रह्मणे नमः
539। ॐ परार्थाय नमः
540। ॐ प्रियदर्शनाय नमः
541। ॐ पवित्राय नमः
542। ॐ पुष्टिदाय नमः
543। ॐ पूर्तये नमः
544। ॐ पिंगळाय नमः
545। ॐ पुष्टिवर्धनाय नमः
546। ॐ पापहारिणे नमः
547। ॐ पाशधराय नमः
548। ॐ प्रमत्तासुरशिक्षकाय नमः
549। ॐ पावनाय नमः
550। ॐ पावकाय नमः
551। ॐ पूज्याय नमः
552। ॐ पूर्णानंदाय नमः
553। ॐ परात्पराय नमः
554। ॐ पुष्कलाय नमः
555। ॐ प्रवराय नमः
556। ॐ पूर्वस्मै नमः
557। ॐ पितृभक्ताय नमः
558। ॐ पुरोगमाय नमः
559। ॐ प्राणदाय नमः
560। ॐ प्राणिजनकाय नमः
561। ॐ प्रदिष्टाय नमः
562। ॐ पावकोद्भवाय नमः
563। ॐ परब्रह्मस्वरूपाय नमः
564। ॐ परमैश्वर्यकारणाय नमः
565। ॐ परर्धिदाय नमः
566। ॐ पुष्टिकराय नमः
567। ॐ प्रकाशात्मने नमः
568। ॐ प्रतापवते नमः
569। ॐ प्रज्ञापराय नमः
570। ॐ प्रकृष्टार्थाय नमः
571। ॐ पृथुवे नमः
572। ॐ पृथुपराक्रमाय नमः
573। ॐ फणीश्वराय नमः
574। ॐ फणिवाराय नमः
575। ॐ फणामणिविभुषणाय नमः
576। ॐ फलदाय नमः
577। ॐ फलहस्ताय नमः
578। ॐ फुल्लांबुजविलोचनाय नमः
579। ॐ फडुच्चाटितपापौघाय नमः
580। ॐ फणिलोकविभूषणाय नमः
581। ॐ बाहुलेयाय नमः
582। ॐ बृहद्रूपाय नमः
583। ॐ बलिष्ठाय नमः
584। ॐ बलवते नमः
585। ॐ बलिने नमः
586। ॐ ब्रह्मेशविष्णुरूपाय नमः
587। ॐ बुद्धाय नमः
588। ॐ बुद्धिमतां वराय नमः
589। ॐ बालरूपाय नमः
590। ॐ ब्रह्मगर्भाय नमः
591। ॐ ब्रह्मचारिणे नमः
592। ॐ बुधप्रियाय नमः
593। ॐ बहुश्रुताय नमः
594। ॐ बहुमताय नमः
595। ॐ ब्रह्मण्याय नमः
596। ॐ ब्राह्मणप्रियाय नमः
597। ॐ बलप्रमथनाय नमः
598। ॐ ब्रह्मणे नमः
599। ॐ बहुरूपाय नमः
600। ॐ बहुप्रदाय नमः
601। ॐ बृहद्भानुतनूद्भूताय नमः
602। ॐ बृहत्सेनाय नमः
603। ॐ बिलेशयाय नमः
604। ॐ बहुबाहवे नमः
605। ॐ बलश्रीमते नमः
606। ॐ बहुदैत्यविनाशकाय नमः
607। ॐ बिलद्वारांतरालस्थाय नमः
608। ॐ बृहच्छक्तिधनुर्धराय नमः
609। ॐ बालार्कद्युतिमते नमः
610। ॐ बालाय नमः
611। ॐ बृहद्वक्षसे नमः
612। ॐ बृहद्धनुषे नमः
613। ॐ भव्याय नमः
614। ॐ भोगीश्वराय नमः
615। ॐ भाव्याय नमः
616। ॐ भवनाशाय नमः
617। ॐ भवप्रियाय नमः
618। ॐ भक्तिगम्याय नमः
619। ॐ भयहराय नमः
620। ॐ भावज्ञाय नमः
621। ॐ भक्तसुप्रियाय नमः
622। ॐ भुक्तिमुक्तिप्रदाय नमः
623। ॐ भोगिने नमः
624। ॐ भगवते नमः
625। ॐ भाग्यवर्धनाय नमः
626। ॐ भ्राजिष्णवे नमः
627। ॐ भावनाय नमः
628। ॐ भर्त्रे नमः
629। ॐ भीमाय नमः
630। ॐ भीमपराक्रमाय नमः
631। ॐ भूतिदाय नमः
632। ॐ भूतिकृते नमः
633। ॐ भोक्त्रे नमः
634। ॐ भूतात्मने नमः
635। ॐ भुवनेश्वराय नमः
636। ॐ भावकाय नमः
637। ॐ भीकराय नमः
638। ॐ भीष्माय नमः
639। ॐ भावकेष्टाय नमः
640। ॐ भवोद्भवाय नमः
641। ॐ भवतापप्रशमनाय नमः
642। ॐ भोगवते नमः
643। ॐ भूतभावनाय नमः
644। ॐ भोज्यप्रदाय नमः
645। ॐ भ्रांतिनाशाय नमः
646। ॐ भानुमते नमः
647। ॐ भुवनाश्रयाय नमः
648। ॐ भूरिभोगप्रदाय नमः
649। ॐ भद्राय नमः
650। ॐ भजनीयाय नमः
651। ॐ भिषग्वराय नमः
652। ॐ महासेनाय नमः
653। ॐ महोदराय नमः
654। ॐ महाशक्तये नमः
655। ॐ महाद्युतये नमः
656। ॐ महाबुद्धये नमः
657। ॐ महावीर्याय नमः
658। ॐ महोत्साहाय नमः
659। ॐ महाबलाय नमः
660। ॐ महाभोगिने नमः
661। ॐ महामायिने नमः
662। ॐ मेधाविने नमः
663। ॐ मेखलिने नमः
664। ॐ महते नमः
665। ॐ मुनिस्तुताय नमः
666। ॐ महामान्याय नमः
667। ॐ महानंदाय नमः
668। ॐ महायशसे नमः
669। ॐ महोर्जिताय नमः
670। ॐ माननिधये नमः
671। ॐ मनोरथफलप्रदाय नमः
672। ॐ महोदयाय नमः
673। ॐ महापुण्याय नमः
674। ॐ महाबलपराक्रमाय नमः
675। ॐ मानदाय नमः
676। ॐ मतिदाय नमः
677। ॐ मालिने नमः
678। ॐ मुक्तामालाविभूषणाय नमः
679। ॐ मनोहराय नमः
680। ॐ महामुख्याय नमः
681। ॐ महर्धये नमः
682। ॐ मूर्तिमते नमः
683। ॐ मुनये नमः
684। ॐ महोत्तमाय नमः
685। ॐ महोपायाय नमः
686। ॐ मोक्षदाय नमः
687। ॐ मंगळप्रदाय नमः
688। ॐ मुदाकराय नमः
689। ॐ मुक्तिदात्रे नमः
690। ॐ महाभोगाय नमः
691। ॐ महोरगाय नमः
692। ॐ यशस्कराय नमः
693। ॐ योगयोनये नमः
694। ॐ योगिष्ठाय नमः
695। ॐ यमिनां वराय नमः
696। ॐ यशस्विने नमः
697। ॐ योगपुरुषाय नमः
698। ॐ योग्याय नमः
699। ॐ योगनिधये नमः
700। ॐ यमिने नमः
701। ॐ यतिसेव्याय नमः
702। ॐ योगयुक्ताय नमः
703। ॐ योगविदे नमः
704। ॐ योगसिद्धिदाय नमः
705। ॐ यंत्राय नमः
706। ॐ यंत्रिणे नमः
707। ॐ यंत्रज्ञाय नमः
708। ॐ यंत्रवते नमः
709। ॐ यंत्रवाहकाय नमः
710। ॐ यातनारहिताय नमः
711। ॐ योगिने नमः
712। ॐ योगीशाय नमः
713। ॐ योगिनां वराय नमः
714। ॐ रमणीयाय नमः
715। ॐ रम्यरूपाय नमः
716। ॐ रसज्ञाय नमः
717। ॐ रसभावनाय नमः
718। ॐ रंजनाय नमः
719। ॐ रंजिताय नमः
720। ॐ रागिणे नमः
721। ॐ रुचिराय नमः
722। ॐ रुद्रसंभवाय नमः
723। ॐ रणप्रियाय नमः
724। ॐ रणोदाराय नमः
725। ॐ रागद्वेषविनाशनाय नमः
726। ॐ रत्नार्चिषे नमः
727। ॐ रुचिराय नमः
728। ॐ रम्याय नमः
729। ॐ रूपलावण्यविग्रहाय नमः
730। ॐ रत्नांगदधराय नमः
731। ॐ रत्नभूषणाय नमः
732। ॐ रमणीयकाय नमः
733। ॐ रुचिकृते नमः
734। ॐ रोचमानाय नमः
735। ॐ रंजिताय नमः
736। ॐ रोगनाशनाय नमः
737। ॐ राजीवाक्षाय नमः
738। ॐ राजराजाय नमः
739। ॐ रक्तमाल्यानुलेपनाय नमः
740। ॐ राजद्वेदागमस्तुत्याय नमः
741। ॐ रजःसत्त्वगुणान्विताय नमः
742। ॐ रजनीशकलारम्याय नमः
743। ॐ रत्नकुंडलमंडिताय नमः
744। ॐ रत्नसन्मौलिशोभाढ्याय नमः
745। ॐ रणन्मंजीरभूषणाय नमः
746। ॐ लोकैकनाथाय नमः
747। ॐ लोकेशाय नमः
748। ॐ ललिताय नमः
749। ॐ लोकनायकाय नमः
750। ॐ लोकरक्षाय नमः
751। ॐ लोकशिक्षाय नमः
752। ॐ लोकलोचनरंजिताय नमः
753। ॐ लोकबंधवे नमः
754। ॐ लोकधात्रे नमः
755। ॐ लोकत्रयमहाहिताय नमः
756। ॐ लोकचूडामणये नमः
757। ॐ लोकवंद्याय नमः
758। ॐ लावण्यविग्रहाय नमः
759। ॐ लोकाध्यक्षाय नमः
760। ॐ लीलावते नमः
761। ॐ लोकोत्तरगुणान्विताय नमः
762। ॐ वरिष्ठाय नमः
763। ॐ वरदाय नमः
764। ॐ वैद्याय नमः
765। ॐ विशिष्टाय नमः
766। ॐ विक्रमाय नमः
767। ॐ विभवे नमः
768। ॐ विबुधाग्रचराय नमः
769। ॐ वश्याय नमः
770। ॐ विकल्पपरिवर्जिताय नमः
771। ॐ विपाशाय नमः
772। ॐ विगतातंकाय नमः
773। ॐ विचित्रांगाय नमः
774। ॐ विरोचनाय नमः
775। ॐ विद्याधराय नमः
776। ॐ विशुद्धात्मने नमः
777। ॐ वेदांगाय नमः
778। ॐ विबुधप्रियाय नमः
779। ॐ वचस्कराय नमः
780। ॐ व्यापकाय नमः
781। ॐ विज्ञानिने नमः
782। ॐ विनयान्विताय नमः
783। ॐ विद्वत्तमाय नमः
784। ॐ विरोधिघ्नाय नमः
785। ॐ वीराय नमः
786। ॐ विगतरागवते नमः
787। ॐ वीतभावाय नमः
788। ॐ विनीतात्मने नमः
789। ॐ वेदगर्भाय नमः
790। ॐ वसुप्रदाय नमः
791। ॐ विश्वदीप्तये नमः
792। ॐ विशालाक्षाय नमः
793। ॐ विजितात्मने नमः
794। ॐ विभावनाय नमः
795। ॐ वेदवेद्याय नमः
796। ॐ विधेयात्मने नमः
797। ॐ वीतदोषाय नमः
798। ॐ वेदविदे नमः
799। ॐ विश्वकर्मणे नमः
800। ॐ वीतभयाय नमः
801। ॐ वागीशाय नमः
802। ॐ वासवार्चिताय नमः
803। ॐ वीरध्वंसाय नमः
804। ॐ विश्वमूर्तये नमः
805। ॐ विश्वरूपाय नमः
806। ॐ वरासनाय नमः
807। ॐ विशाखाय नमः
808। ॐ विमलाय नमः
809। ॐ वाग्मिने नमः
810। ॐ विदुषे नमः
811। ॐ वेदधराय नमः
812। ॐ वटवे नमः
813। ॐ वीरचूडामणये नमः
814। ॐ वीराय नमः
815। ॐ विद्येशाय नमः
816। ॐ विबुधाश्रयाय नमः
817। ॐ विजयिने नमः
818। ॐ विनयिने नमः
819। ॐ वेत्रे नमः
820। ॐ वरीयसे नमः
821। ॐ विरजसे नमः
822। ॐ वसवे नमः
823। ॐ वीरघ्नाय नमः
824। ॐ विज्वराय नमः
825। ॐ वेद्याय नमः
826। ॐ वेगवते नमः
827। ॐ वीर्यवते नमः
828। ॐ वशिने नमः
829। ॐ वरशीलाय नमः
830। ॐ वरगुणाय नमः
831। ॐ विशोकाय नमः
832। ॐ वज्रधारकाय नमः
833। ॐ शरजन्मने नमः
834। ॐ शक्तिधराय नमः
835। ॐ शत्रुघ्नाय नमः
836। ॐ शिखिवाहनाय नमः
837। ॐ श्रीमते नमः
838। ॐ शिष्टाय नमः
839। ॐ शुचये नमः
840। ॐ शुद्धाय नमः
841। ॐ शाश्वताय नमः
842। ॐ श्रुतिसागराय नमः
843। ॐ शरण्याय नमः
844। ॐ शुभदाय नमः
845। ॐ शर्मणे नमः
846। ॐ शिष्टेष्टाय नमः
847। ॐ शुभलक्षणाय नमः
848। ॐ शांताय नमः
849। ॐ शूलधराय नमः
850। ॐ श्रेष्ठाय नमः
851। ॐ शुद्धात्मने नमः
852। ॐ शंकराय नमः
853। ॐ शिवाय नमः
854। ॐ शितिकंठात्मजाय नमः
855। ॐ शूराय नमः
856। ॐ शांतिदाय नमः
857। ॐ शोकनाशनाय नमः
858। ॐ षाण्मातुराय नमः
859। ॐ षण्मुखाय नमः
860। ॐ षड्गुणैश्वर्यसंयुताय नमः
861। ॐ षट्चक्रस्थाय नमः
862। ॐ षडूर्मिघ्नाय नमः
863। ॐ षडंगश्रुतिपारगाय नमः
864। ॐ षड्भावरहिताय नमः
865। ॐ षट्काय नमः
866। ॐ षट्छास्त्रस्मृतिपारगाय नमः
867। ॐ षड्वर्गदात्रे नमः
868। ॐ षड्ग्रीवाय नमः
869। ॐ षडरिघ्नाय नमः
870। ॐ षडाश्रयाय नमः
871। ॐ षट्किरीटधराय श्रीमते नमः
872। ॐ षडाधाराय नमः
873। ॐ षट्क्रमाय नमः
874। ॐ षट्कोणमध्यनिलयाय नमः
875। ॐ षंडत्वपरिहारकाय नमः
876। ॐ सेनान्ये नमः
877। ॐ सुभगाय नमः
878। ॐ स्कंदाय नमः
879। ॐ सुरानंदाय नमः
880। ॐ सतां गतये नमः
881। ॐ सुब्रह्मण्याय नमः
882। ॐ सुराध्यक्षाय नमः
883। ॐ सर्वज्ञाय नमः
884। ॐ सर्वदाय नमः
885। ॐ सुखिने नमः
886। ॐ सुलभाय नमः
887। ॐ सिद्धिदाय नमः
888। ॐ सौम्याय नमः
889। ॐ सिद्धेशाय नमः
890। ॐ सिद्धिसाधनाय नमः
891। ॐ सिद्धार्थाय नमः
892। ॐ सिद्धसंकल्पाय नमः
893। ॐ सिद्धसाधवे नमः
894। ॐ सुरेश्वराय नमः
895। ॐ सुभुजाय नमः
896। ॐ सर्वदृशे नमः
897। ॐ साक्षिणे नमः
898। ॐ सुप्रसादाय नमः
899। ॐ सनातनाय नमः
900। ॐ सुधापतये नमः
901। ॐ स्वयंज्योतिषे नमः
902। ॐ स्वयंभुवे नमः
903। ॐ सर्वतोमुखाय नमः
904। ॐ समर्थाय नमः
905। ॐ सत्कृतये नमः
906। ॐ सूक्ष्माय नमः
907। ॐ सुघोषाय नमः
908। ॐ सुखदाय नमः
909। ॐ सुहृदे नमः
910। ॐ सुप्रसन्नाय नमः
911। ॐ सुरश्रेष्ठाय नमः
912। ॐ सुशीलाय नमः
913। ॐ सत्यसाधकाय नमः
914। ॐ संभाव्याय नमः
915। ॐ सुमनसे नमः
916। ॐ सेव्याय नमः
917। ॐ सकलागमपारगाय नमः
918। ॐ सुव्यक्ताय नमः
919। ॐ सच्चिदानंदाय नमः
920। ॐ सुवीराय नमः
921। ॐ सुजनाश्रयाय नमः
922। ॐ सर्वलक्षणसंपन्नाय नमः
923। ॐ सत्यधर्मपरायणाय नमः
924। ॐ सर्वदेवमयाय नमः
925। ॐ सत्याय नमः
926। ॐ सदामृष्टान्नदायकाय नमः
927। ॐ सुधापिने नमः
928। ॐ सुमतये नमः
929। ॐ सत्याय नमः
930। ॐ सर्वविघ्नविनाशनाय नमः
931। ॐ सर्वदुःखप्रशमनाय नमः
932। ॐ सुकुमाराय नमः
933। ॐ सुलोचनाय नमः
934। ॐ सुग्रीवाय नमः
935। ॐ सुधृतये नमः
936। ॐ साराय नमः
937। ॐ सुराराध्याय नमः
938। ॐ सुविक्रमाय नमः
939। ॐ सुरारिघ्नाय नमः
940। ॐ स्वर्णवर्णाय नमः
941। ॐ सर्पराजाय नमः
942। ॐ सदाशुचये नमः
943। ॐ सप्तार्चिर्भुवे नमः
944। ॐ सुरवराय नमः
945। ॐ सर्वायुधविशारदाय नमः
946। ॐ हस्तिचर्मांबरसुताय नमः
947। ॐ हस्तिवाहनसेविताय नमः
948। ॐ हस्तचित्रायुधधराय नमः
949। ॐ हृताघाय नमः
950। ॐ हसिताननाय नमः
951। ॐ हेमभूषाय नमः
952। ॐ हरिद्वर्णाय नमः
953। ॐ हृष्टिदाय नमः
954। ॐ हृष्टिवर्धनाय नमः
955। ॐ हेमाद्रिभिदे नमः
956। ॐ हंसरूपाय नमः
957। ॐ हुंकारहतकिल्बिषाय नमः
958। ॐ हिमाद्रिजातातनुजाय नमः
959। ॐ हरिकेशाय नमः
960। ॐ हिरण्मयाय नमः
961। ॐ हृद्याय नमः
962। ॐ हृष्टाय नमः
963। ॐ हरिसखाय नमः
964। ॐ हंसाय नमः
965। ॐ हंसगतये नमः
966। ॐ हविषे नमः
967। ॐ हिरण्यवर्णाय नमः
968। ॐ हितकृते नमः
969। ॐ हर्षदाय नमः
970। ॐ हेमभूषणाय नमः
971। ॐ हरप्रियाय नमः
972। ॐ हितकराय नमः
973। ॐ हतपापाय नमः
974। ॐ हरोद्भवाय नमः
975। ॐ क्षेमदाय नमः
976। ॐ क्षेमकृते नमः
977। ॐ क्षेम्याय नमः
978। ॐ क्षेत्रज्ञाय नमः
979। ॐ क्षामवर्जिताय नमः
980। ॐ क्षेत्रपालाय नमः
981। ॐ क्षमाधाराय नमः
982। ॐ क्षेमक्षेत्राय नमः
983। ॐ क्षमाकराय नमः
984। ॐ क्षुद्रघ्नाय नमः
985। ॐ क्षांतिदाय नमः
986। ॐ क्षेमाय नमः
987। ॐ क्षितिभूषाय नमः
988। ॐ क्षमाश्रयाय नमः
989। ॐ क्षालिताघाय नमः
990। ॐ क्षितिधराय नमः
991। ॐ क्षीणसंरक्षणक्षमाय नमः
992। ॐ क्षणभंगुरसन्नद्धघनशोभिकपर्दकाय नमः
993। ॐ क्षितिभृन्नाथतनयामुखपंकजभास्कराय नमः
994। ॐ क्षताहिताय नमः
995। ॐ क्षराय नमः
996। ॐ क्षंत्रे नमः
997। ॐ क्षतदोषाय नमः
998। ॐ क्षमानिधये नमः
999। ॐ क्षपिताखिलसंतापाय नमः
1000। ॐ क्षपानाथसमाननाय नमः ||इति श्री सुब्रह्मण्य सहस्रनामावळिः||

अर्थ

श्री सुब्रह्मण्य सहस्रनामावली 2 भगवान श्री कार्तिकेय स्वामी के हज़ार पवित्र नामों का एक भव्य संग्रह है। भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र, सुब्रह्मण्य (जिन्हें स्कंद, मुरुगन या कुमार स्वामी के नाम से भी जाना जाता है) को दिव्य सेना के सर्वोच्च सेनापति और राक्षसी शक्तियों के संहारक के रूप में पूजा जाता है। यह सहस्रनामावली उनकी दिव्य महिमा, वीरता, ज्ञान और करुणा स्वरूप का गहनता से गुणगान करती है।

इस सहस्रनामावली का प्रत्येक नाम भगवान सुब्रह्मण्य के अनंत स्वरूप के एक पहलू को दर्शाता है। यह केवल नामों का पाठ नहीं है, बल्कि भक्त को दैवीय सिद्धांत से जोड़ने वाला एक आध्यात्मिक मार्ग है। प्रत्येक नाम उनके दिव्य गुणों, लीलाओं और भक्तों के प्रति उनके अपार प्रेम का स्मरण कराता है। यह भगवान के साथ गहरा संबंध स्थापित करने में मदद करता है और आंतरिक शुद्धता व शांति प्रदान करता है।

सहस्रनामावली में 'अचिंत्यशक्तये' (अकल्पनीय शक्ति वाले), 'अनघाय' (निष्पाप), 'अक्षोभ्याय' (अविचल) जैसे नाम उनके अलौकिक गुणों को उजागर करते हैं। यह तारकासुर के संहार से लेकर ज्ञान के देवता के रूप में गुह्य रहस्यों का उपदेश देने तक, उनके सभी रूपों का वर्णन करता है। भक्तों के रक्षक, ज्ञानमूर्ति, साहस, पवित्रता और विजय प्रदान करने वाले के रूप में सुब्रह्मण्य स्वामी की महिमा को ये नाम उद्घाटित करते हैं।

इन नामों का भक्तिपूर्वक जप करने से भक्तों को अटूट शक्ति, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उत्थान प्राप्त होता है। यह भय को दूर करता है, रोगों का नाश करता है और धर्मपरायण कार्यों में सफलता प्रदान करता है। सुब्रह्मण्य भक्तों के पापों को नष्ट करते हैं और उन्हें धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। यह सहस्रनामावली अनगिनत जन्मों के पापों का नाश करती है, दुःख से मुक्ति सुनिश्चित करती है और सर्वोच्च के साथ अंतिम मिलन प्रदान करती है।

लाभ (Benefits):

  • **भय निवारण और रोग मुक्ति:** इस स्तोत्र का नियमित पाठ सभी प्रकार के भयों को दूर करता है और शारीरिक व मानसिक रोगों से मुक्ति दिलाता है।
  • **शांति और साहस:** भगवान सुब्रह्मण्य के नाम का स्मरण मन को अटूट शांति और किसी भी परिस्थिति का सामना करने का साहस प्रदान करता है।
  • **ज्ञान और विवेक:** भगवान सुब्रह्मण्य ज्ञान के देवता हैं, इसलिए यह नामावली ज्ञान और विवेक को बढ़ाती है, सही निर्णय लेने में सहायता करती है।
  • **शत्रु संहार और विजय:** देव सेनापति सुब्रह्मण्य के आशीर्वाद से, जीवन में आने वाली बाधाओं और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।
  • **आध्यात्मिक उत्थान और मोक्ष:** इन पवित्र नामों का जप भक्तों को आध्यात्मिक रूप से उन्नत करता है, जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति और परमात्मा के साथ एकात्मता प्रदान करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्री सुब्रह्मण्य सहस्रनामावली 2 क्या है?
श्री सुब्रह्मण्य सहस्रनामावली 2 भगवान कार्तिकेय के हज़ार पवित्र नामों का एक संग्रह है। यह उनकी दिव्य शक्ति, ज्ञान और करुणा का गुणगान करने वाला एक श्रेष्ठ स्तोत्र है।
इस सहस्रनामावली का पाठ कब करना चाहिए?
इस सहस्रनामावली का पाठ षष्ठी तिथि पर, कृतिका नक्षत्र के दिन, मंगलवार या शुक्रवार को, और सुब्रह्मण्य स्वामी के मंदिरों में करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
श्री सुब्रह्मण्य सहस्रनामावली 2 के पाठ से क्या लाभ होते हैं?
इसके पाठ से भय, रोग, शत्रु बाधाएँ दूर होती हैं। यह शांति, साहस, समृद्धि, आध्यात्मिक शक्ति और मोक्ष प्रदान करता है।
यह सहस्रनामावली कौन पढ़ सकता है?
भगवान सुब्रह्मण्य के प्रति भक्ति रखने वाला कोई भी व्यक्ति इस सहस्रनामावली का पाठ कर सकता है। विशेष रूप से बच्चे, युवा और जीवन में बाधाओं का सामना कर रहे लोग इसे पढ़ सकते हैं।
इस सहस्रनामावली का पाठ कितनी बार करना चाहिए?
सामान्यतः, पूरी सहस्रनामावली का पाठ एक बार किया जाता है। हालांकि, भक्त की इच्छा और समय के अनुसार प्रतिदिन एक बार या विशेष दिनों पर कई बार इसका पाठ किया जा सकता है।
इस सहस्रनामावली का मूल क्या है?
श्री सुब्रह्मण्य सहस्रनामावली पुराणों और आगम ग्रंथों से संकलित की गई है। यह सुब्रह्मण्य तत्व की गहरी समझ प्रदान करती है।

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