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श्री मह प्रत्यंगिरा सहस्रनामावळिः

संपादन: अद्यतन
सहस्रनामावली1008 नाम
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  1. ॐ देव्यै नमः 
  2. ॐ प्रत्यंगिरायै नमः
  3. ॐ सेव्यायै नमः
  4. ॐ शिरसा शशिशेखरायै नमः 
  5. ॐ समायै नमः
  6. ॐ समधर्मिण्यै नमः
  7. ॐ समस्तसुर शेमुष्यै नमः 
  8. ॐ सर्वसंपत्तिजनन्यै नमः
  9. ॐ समदायै नमः
  10. ॐ सिंधु सेविन्यै नमः ||10||
  11. ॐ शंभसीमंतिन्यै नमः
  12. ॐ सोमाराध्यायै नमः 
  13. ॐ वसुधायै नमः
  14. ॐ रसायै नमः
  15. ॐ रसवत्यै नमः
  16. ॐ वेळायै नमः
  17. ॐ वन्यायै नमः
  18. ॐ वनमालिन्यै नमः
  19. ॐ वनजाक्ष्यै नमः
  20. ॐ वनचर्यै नमः ||20||
  21. ॐ वन्यै नमः
  22. ॐ वनविनोदिन्यै नमः
  23. ॐ वेगिन्यै नमः
  24. ॐ वेगदायै नमः 
  25. ॐ वेगबलायै नमः 
  26. ॐ स्थानबलाधिकायै नमः
  27. ॐ कळायै नमः 
  28. ॐ कळाप्रियायै नमः 
  29. ॐ काळ्यै नमः 
  30. ॐ कोमलायै नमः ||30||
  31. ॐ कालायै नमः 
  32. ॐ काळकामिन्यै नमः 
  33. ॐ कमलायै नमः 
  34. ॐ कमलास्यायै नमः 
  35. ॐ कमलस्थायै नमः 
  36. ॐ कळावत्यै नमः 
  37. ॐ कुलीनायै नमः 
  38. ॐ कुटिलायै नमः 
  39. ॐ कांतायै नमः 
  40. ॐ कोकिलायै नमः ||40||
  41. ॐ कलभाषिण्यै नमः 
  42. ॐ कीरकेळ्यै नमः 
  43. ॐ कळाकाळ्यै नमः 
  44. ॐ कपालिन्यै नमः 
  45. ॐ काळिकायै नमः 
  46. ॐ केशिन्यै नमः
  47. ॐ कुशावर्तायै नमः
  48. ॐ कौशांब्यै नमः
  49. ॐ केशवप्रियायै नमः
  50. ॐ काश्यै नमः ||50||
  51. ॐ काशापहायै नमः
  52. ॐ कांश्यै नमः
  53. ॐ संकाशायै नमः
  54. ॐ केशदायिन्यै नमः
  55. ॐ कुंडल्यै नमः
  56. ॐ कुंडलीस्थायै नमः
  57. ॐ कुंलांगदमंडितायै नमः 
  58. ॐ तायै नमः 
  59. ॐ कुशायै नमः
  60. ॐ पाश्यै नमः ||60||
  61. ॐ कुमुदिन्यै नमः 
  62. ॐ कुमुदप्रीतिवर्धिन्यै नमः 
  63. ॐ कुंदप्रियायै नमः
  64. ॐ कुंदरुच्यै नमः
  65. ॐ कुरंगायै नमः
  66. ॐ मदमोदिन्यै नमः
  67. ॐ कुरंगनयनायै नमः 
  68. ॐ कुंदायै नमः
  69. ॐ कुरुवृंथाभिनंदिन्यै नमः 
  70. ॐ कुसुंभकुसुमायै नमः ||70||
  71. ॐ किंचित् क्वणत् किंकिणिकायै नमः 
  72. ॐ कट्यैनमः 
  73. ॐ कठोरायै नमः 
  74. ॐ करणायै नमः 
  75. ॐ कंठायै नमः 
  76. ॐ कौमुद्यै नमः 
  77. ॐ कंबुकंठिन्यै नमः 
  78. ॐ कपर्दिन्यै नमः 
  79. ॐ कपटिन्यै नमः 
  80. ॐ कठिन्यै नमः ||80||
  81. ॐ कालकंठिकायै नमः 
  82. ॐ किबृहस्तायै नमः 
  83. ॐ कुमार्यै नमः 
  84. ॐ कुरंदायै नमः 
  85. ॐ कुसुमप्रियायै नमः 
  86. ॐ कुंजरस्थायै नमः 
  87. ॐ कुंजरतायै नमः 
  88. ॐ कुंभ्यै नमः 
  89. ॐ कुंभस्तनद्वयायै नमः 
  90. ॐ कुंभिकायै नमः ||90||
  91. ॐ करभोरवे नमः 
  92. ॐ कदळीदळ शालिन्यै नमः 
  93. ॐ कुपितायै नमः 
  94. ॐ कोटरस्थायै नमः 
  95. ॐ कंकाळ्यै नमः 
  96. ॐ कंदशेखरायै नमः
  97. ॐ एकांतवासिन्यै नमः
  98. ॐ किंचित् कंपमान शिरोरुहायै नमः 
  99. ॐ कादंबर्यै नमः
  100. ॐ कदंबस्थायै नमः ||100||
  101. ॐ कुंकुम्यै नमः
  102. ॐ प्रेमधारिण्यै नमः
  103. ॐ कुटुंबिन्यै नमः
  104. ॐ प्रिययुक्तायै नमः
  105. ॐ क्रतवे नमः 
  106. ॐ क्रतुकर्यै नमः
  107. ॐ क्रियायै नमः
  108. ॐ कात्यायन्यै नमः
  109. ॐ कृत्तिकायै नमः
  110. ॐ कार्तिकेय प्रवर्तिन्यै नमः ||110||
  111. ॐ कामपत्न्यै नमः
  112. ॐ कामधात्र्यै नमः
  113. ॐ कामेश्यै नमः
  114. ॐ कामवंदितायै नमः
  115. ॐ कामरूपायै नमः
  116. ॐ कामगत्यै नमः
  117. ॐ कामाक्ष्यै नमः
  118. ॐ काममोहितायै नमः 
  119. ॐ खड्डिण्यै नमः
  120. ॐ खेचर्यै नमः ||120||
  121. ॐ खंजायै नमः
  122. ॐ खंजर्यै नमः 
  123. ॐ तीक्षणायै नमः 
  124. ॐ खलायै नमः 
  125. ॐ खरगायै नमः 
  126. ॐ खरनासायै नमः 
  127. ॐ खरास्यायै नमः 
  128. ॐ खेलनप्रियायै नमः 
  129. ॐ खरांशवे नमः 
  130. ॐ खेटिन्यै नमः ||130||
  131. ॐ खट्वाकरायै नमः 
  132. ॐ खट्वांगधारिण्यै नमः 
  133. ॐ खलखंडिन्यै नमः 
  134. ॐ विख्यातायै नमः 
  135. ॐ कंखंटिणि विख्यात्यै नमः 
  136. ॐ खंडितायै नमः 
  137. ॐ खंडविस्तरायै नमः 
  138. ॐ खंडप्रियायै नमः 
  139. ॐ खंडखाद्यायै नमः 
  140. ॐ सेंदुखंडायै नमः ||140||
  141. ॐ खंजन्यै नमः 
  142. ॐ गंगायै नमः 
  143. ॐ गोदावर्यै नमः 
  144. ॐ गौर्यै नमः 
  145. ॐ गोमत्यै नमः 
  146. ॐ गौतम्यै नमः
  147. ॐ गयायै नमः
  148. ॐ गौगज्यै नमः
  149. ॐ गगनायै नमः
  150. ॐ गारुड्यै नमः ||150||
  151. ॐ गरुडध्वजायै नमः
  152. ॐ गीतायै नमः
  153. ॐ गीतप्रियायै नमः
  154. ॐ गोत्रायै नमः
  155. ॐ गोत्रक्षयकर्यै नमः
  156. ॐ गदायै नमः
  157. ॐ गिरिभूपालदुहितायै नमः 
  158. ॐ गोगायै नमः
  159. ॐ गोकुलवर्धिन्यै नमः
  160. ॐ घनस्तन्यै नमः ||160||
  161. ॐ घनरुच्यै नमः
  162. ॐ घनोरवे नमः
  163. ॐ घननिस्वनायै नमः
  164. ॐ घात्कारिण्यै नमः
  165. ॐ घात कर्यैनमः
  166. ॐ घुघाक परिवारितायै नमः 
  167. ॐ घंटानाद प्रियायै नमः 
  168. ॐ घंटायै नमः
  169. ॐ घनायै नमः
  170. ॐ घोटप्रवाहिन्यै नमः ||170||
  171. ॐ घोररूपायै नमः
  172. ॐ घोरायै नमः 
  173. ॐ घाणीप्रीत्यै नमः 
  174. ॐ घनांजन्यै नमः 
  175. ॐ घृताच्यै नमः 
  176. ॐ घनमुष्यै नमः 
  177. ॐ घटायै नमः 
  178. ॐ घंटायै नमः 
  179. ॐ घटामृतायै नमः 
  180. ॐ घटास्यायै नमः ||180||
  181. ॐ घटनादायै नमः 
  182. ॐ घातपातनिवारिण्यै नमः 
  183. ॐ चंचरीकायै नमः 
  184. ॐ चकोर्यै नमः 
  185. ॐ चामुंडायै नमः 
  186. ॐ चीरधारिण्यै नमः 
  187. ॐ चातुर्यै नमः 
  188. ॐ चपलायै नमः 
  189. ॐ चारुश्चलायै नमः 
  190. ॐ चेलायै नमः ||190||
  191. ॐ चलायै नमः 
  192. ॐ अचलायै नमः 
  193. ॐ चतुश्चिरंतनायै नमः 
  194. ॐ चागायै नमः 
  195. ॐ चियायै नमः 
  196. ॐ चामीकरच्छव्यै नमः
  197. ॐ चापिन्यै नमः
  198. ॐ चपलायै नमः
  199. ॐ चंष्यै नमः
  200. ॐ चिंतायै नमः ||200||
  201. ॐ चिंतामण्यै नमः
  202. ॐ चितायै नमः
  203. ॐ चातुर्वर्णमय्यै नमः
  204. ॐ चंचत् चेरायै नमः 
  205. ॐ चापायै नमः
  206. ॐ चमत्मत्यै नमः
  207. ॐ चक्रवर्ति वद्वैनमः
  208. ॐ चक्रायै नमः
  209. ॐ चक्रांगायै नमः
  210. ॐ चक्रमोदिन्यै नमः ||210||
  211. ॐ चेतस्कर्यै नमः
  212. ॐ चित्तवृत्यै नमः
  213. ॐ अचेतनायै नमः
  214. ॐ चेतनप्रदायै नमः
  215. ॐ चांपेयायै नमः
  216. ॐ चंपकप्रीत्यै नमः
  217. ॐ चंड्यै नमः
  218. ॐ चंडालवासिन्यै नमः
  219. ॐ चिरंजीविनिदायै नमः 
  220. ॐ चित्तायै नमः ||220||
  221. ॐ तरुमूल निवासिन्यै नमः 
  222. ॐ छुरिकायै नमः 
  223. ॐ छत्रमध्यस्थायै नमः 
  224. ॐ छिद्रायै नमः 
  225. ॐ छेदकर्यै नमः 
  226. ॐ छिदायै नमः 
  227. ॐ छुचुंदर्यै नमः 
  228. ॐ पालयित्र्यै नमः 
  229. ॐ छुंदरीभनिभस्वनायै नमः 
  230. ॐ छलिन्यै नमः ||230||
  231. ॐ छलवत्यै नमः 
  232. ॐ च्छिन्नायै नमः 
  233. ॐ छिटिकायै नमः 
  234. ॐ छेककृते नमः 
  235. ॐ छद्मिन्यैनमः 
  236. ॐ छंदसे नमः 
  237. ॐ छायायै नमः 
  238. ॐ छायाकृते नमः 
  239. ॐ च्छदिरित्यै नमः 
  240. ॐ जयायै नमः ||240||
  241. ॐ जयदायै नमः 
  242. ॐ जात्यै नमः 
  243. ॐ जृंभिण्यै नमः 
  244. ॐ जामलायतायै नमः 
  245. ॐ जपापुष्पप्रियायै नमः 
  246. ॐ जायायै नमः
  247. ॐ जाप्यायै नमः
  248. ॐ अजाप्यायै नमः
  249. ॐ जगज्जन्यै नमः
  250. ॐ जंबूप्रियायै नमः ||250||
  251. ॐ जयस्थायै नमः
  252. ॐ जंगमायै नमः
  253. ॐ जंगमप्रियायै नमः 
  254. ॐ जंतवे नमः
  255. ॐ जंतुप्रधानायै नमः 
  256. ॐ जरत्कर्णायै नमः
  257. ॐ जगद्गवायै नमः
  258. ॐ जाताप्रियायै नमः 
  259. ॐ जीवनस्थायै नमः
  260. ॐ जीमूत सदृशच्छव्यै नमः ||260||
  261. ॐ जन्यायै नमः
  262. ॐ जनहितायै नमः
  263. ॐ जयायै नमः
  264. ॐ जंभायै नमः
  265. ॐ जंभिलशालिन्यै नमः
  266. ॐ जपदायै नमः
  267. ॐ जपवद्दाहायै नमः
  268. ॐ जमान्यै नमः
  269. ॐ ज्वरहायै नमः
  270. ॐ ज्वरायै नमः ||270||
  271. ॐ जंझानिलमय्यै नमः 
  272. ॐ जंरूनीलमण्यै नमः 
  273. ॐ जंझायै नमः 
  274. ॐ जणत्कार कराचलायै नमः 
  275. ॐ झटीशायै नमः 
  276. ॐ झास्यकृतयै नमः 
  277. ॐ झंपायै नमः 
  278. ॐ यमत्रासनिवारिण्यै नमः 
  279. ॐ टकारस्थायै नमः
  280. ॐ टंकधार्यै नमः ||280||
  281. ॐ टंकार कारणाट्टस्यै नमः 
  282. ॐ ठकुर्यै नमः 
  283. ॐ रीत्कृत्यै नमः 
  284. ॐ तिंटीर वसनावृतायै नमः 
  285. ॐ ठंठानिलमय्यै नमः 
  286. ॐ ठंठायै नमः 
  287. ॐ गणत्कारायै नमः 
  288. ॐ तराट्टसायै नमः 
  289. ॐ ढाकिन्यै नमः 
  290. ॐ दामर्यै नमः ||290||
  291. ॐ डिंडिमध्वनिनादिन्यै नमः 
  292. ॐ ढक्का प्रियस्वन्यै नमः 
  293. ॐ ढक्कायै नमः 
  294. ॐ तपिन्यै नमः 
  295. ॐ तापिन्यै नमः 
  296. ॐ तरुण्यै नमः
  297. ॐ तुंदिलायै नमः
  298. ॐ तुंदायै नमः
  299. ॐ तामस्यै नमः
  300. ॐ तपः प्रियायै नमः ||300||
  301. ॐ ताम्रायै नमः
  302. ॐ ताम्रांबरायै नमः 
  303. ॐ ताळ्यै नमः
  304. ॐ ताळीदळ विभूषिण्यै नमः 
  305. ॐ तुरंगायै नमः
  306. ॐ त्वरितायै नमः
  307. ॐ तोतायै नमः
  308. ॐ तो तलायै नमः
  309. ॐ तादिन्यै नमः
  310. ॐ तुलायै नमः ||310||
  311. ॐ तापत्रयहरायै नमः 
  312. ॐ ताळायै नमः
  313. ॐ ताळकेश्यै नमः
  314. ॐ तमालिन्यै नमः
  315. ॐ तमालदळवच्छायायै नमः 
  316. ॐ ताळस्वनवत्यै नमः
  317. ॐ तम्यै नमः 
  318. ॐ तामस्यै नमः
  319. ॐ तमिस्रायै नमः
  320. ॐ तीव्रायै नमः ||320||
  321. ॐ तीव्र पराक्रमायै नमः
  322. ॐ तटस्थायै नमः 
  323. ॐ तिलतैलाक्तायै नमः 
  324. ॐ तारिण्यै नमः 
  325. ॐ तपनद्युत्यै नमः 
  326. ॐ तिलोत्तमायै नमः 
  327. ॐ तिलककृते नमः 
  328. ॐ तारकाधीश शेखरायै नमः 
  329. ॐ तिलपुष्प प्रियायै नमः 
  330. ॐ तारायै नमः ||330||
  331. ॐ तारकेशकुटुंबिन्यै नमः 
  332. ॐ स्थाणुपत्यै नमः 
  333. ॐ स्थितिकर्यै नमः 
  334. ॐ स्थलस्थायै नमः 
  335. ॐ स्थलवर्धिन्यै नमः 
  336. ॐ स्थित्यै नमः 
  337. ॐ सैर्यायै नमः 
  338. ॐ स्रविष्टायै नमः 
  339. ॐ स्थावत्यै नमः 
  340. ॐ स्टूलविग्रहायै नमः ||340||
  341. ॐ दंतिन्यै नमः 
  342. ॐ दंडिन्यै नमः 
  343. ॐ दीनायै नमः 
  344. ॐ दरिद्रायै नमः 
  345. ॐ दीनवत्सलायै नमः 
  346. ॐ देव्यै नमः
  347. ॐ देववध्यैनमः 
  348. ॐ दैत्यदमन्यै नमः 
  349. ॐ दंतभूषणायै नमः 
  350. ॐ दयामत्यै नमः ||350||
  351. ॐ दमवत्यै नमः 
  352. ॐ दमदायै नमः 
  353. ॐ दाडिमस्तन्यै नमः 
  354. ॐ दंतशूकनिभायै नमः 
  355. ॐ दैत्यधारिण्यै नमः 
  356. ॐ देवताननायै नमः 
  357. ॐ डोलाक्रीडायै नमः 
  358. ॐ दयाळुवे नमः 
  359. ॐ दंपत्यै नमः 
  360. ॐ देवतामय्यै नमः ||360||
  361. ॐ दशायै नमः 
  362. ॐ दीपस्थितायै नमः 
  363. ॐ दोषायै नमः 
  364. ॐ दोषहायै नमः 
  365. ॐ दोषकारिण्यै नमः 
  366. ॐ दुर्गायै नमः 
  367. ॐ दुर्गा शमन्यै नमः 
  368. ॐ दुर्गमायै नमः 
  369. ॐ दुर्गवासिन्यै नमः 
  370. ॐ दुर्गंधनाशिन्यै नमः ||370||
  371. ॐ दुः स्थायै नमः 
  372. ॐ दुःस्वप्नशमकारिण्यै नमः 
  373. ॐ दुर्वारायै नमः
  374. ॐ दुंदुभिध्वानायै नमः 
  375. ॐ दूरगायै नमः
  376. ॐ दूरवासिन्यै नमः 
  377. ॐ दरदायै नमः 
  378. ॐ दरहायै नमः 
  379. ॐ दात्यै नमः 
  380. ॐ दयादायै नमः ||380||
  381. ॐ दुहितायै नमः 
  382. ॐ दशायै नमः 
  383. ॐ दुरंधरायै नमः
  384. ॐ धुरीणायै नमः 
  385. ॐ धौरेयायै नमः
  386. ॐ धनदायिन्यै नमः 
  387. ॐ धीरायै नमः 
  388. ॐ अधीरायै नमः 
  389. ॐ धरित्र्यै नमः 
  390. ॐ धीरधरित्यै नमः ||390||
  391. ॐ धर्मदायै नमः 
  392. ॐ दीनमानसायै नमः 
  393. ॐ धनुर्धरायै नमः
  394. ॐ दामिन्यै नमः 
  395. ॐ धूर्तायै नमः
  396. ॐ धूर्तपरिग्रहायै नमः
  397. ॐ धूमवर्णायै नमः 
  398. ॐ धूमपानायै नमः 
  399. ॐ धूमलायै नमः 
  400. ॐ धूममोदिन्यै नमः ||400||
  401. ॐ नळिन्यै नमः 
  402. ॐ नंदिन्यै नमः 
  403. ॐ नंदायै नमः 
  404. ॐ आनंदिन्यै नमः 
  405. ॐ नंदबालिकायै नमः 
  406. ॐ नवीनायै नमः 
  407. ॐ नर्मदायै नमः 
  408. ॐ नर्यै नमः 
  409. ॐ नेम्यै नमः 
  410. ॐ नियमायै नमः ||410||
  411. ॐ निश्चयायै नमः 
  412. ॐ निर्मलायै नमः 
  413. ॐ निगमाचारायै नमः 
  414. ॐ निमग्नायै नमः 
  415. ॐ नग्निकायै नमः 
  416. ॐ निम्यै नमः 
  417. ॐ नाळायै नमः 
  418. ॐ निरंतरायै नमः 
  419. ॐ निष्म्यै नमः 
  420. ॐ निर्लेपायै नमः ||420||
  421. ॐ निर्गुणायै नमः
  422. ॐ नित्यै नमः 
  423. ॐ नीलग्रीवायै नमः 
  424. ॐ नीरीहायै नमः 
  425. ॐ निरंजनजन्यै नमः 
  426. ॐ नव्यै नमः 
  427. ॐ नवनीत प्रियायै नमः 
  428. ॐ नार्यै नमः 
  429. ॐ नरकार्णवतारिण्यै नमः 
  430. ॐ नारायण्यै नमः ||430||
  431. ॐ निराकारायै नमः 
  432. ॐ निपुणाय नमः 
  433. ॐ निपुणाप्रियायै नमः 
  434. ॐ निशायै नमः 
  435. ॐ निद्रायै नमः 
  436. ॐ नरेंद्रस्थायै नमः 
  437. ॐ नमितायै नमः 
  438. ॐ नामितायै नमः 
  439. ओंनिर्गुंडिकायै नमः 
  440. ॐ निर्गुंडायै नमः ||440||
  441. ॐ निर्मांसायै नमः 
  442. ॐ नासिकाभिदायै नमः 
  443. ॐ पताकिन्यै नमः 
  444. ॐ पताकायै नमः 
  445. ॐ फलप्रीतायै नमः 
  446. ॐ यशस्विन्यै नमः
  447. ॐ पीनायै नमः
  448. ॐ पीनस्तनायै नमः
  449. ॐ पत्यै नमः
  450. ॐ पवनाशनशायिन्यै नमः ||450||
  451. ॐ परायै नमः
  452. ॐ पराकळायै नमः
  453. ॐ पाकायै नमः
  454. ॐ पाककृत्यायै नमः
  455. ॐ रतिप्रियायै नमः
  456. ॐ पवनस्थायै नमः
  457. ॐ सुपवनायै नमः
  458. ॐ तापसीप्रीतिवर्धिन्यै नमः 
  459. ॐ पशुवृद्धिकर्यै नमः
  460. ॐ पुष्ट्यै  नमः ||460||
  461. ॐ पोषिण्यै नमः
  462. ॐ पुष्पवर्धिन्यै नमः
  463. ॐ पुष्पिण्यै नमः
  464. ॐ पुस्तककरायै नमः
  465. ओंपुन्नागदळवासिन्यै नमः 
  466. ॐ पुरंदर प्रियायै नमः 
  467. ॐ प्रीत्यै नमः
  468. ॐ पुरमार्गनिवासिन्यै नमः 
  469. ॐ पाशायै नमः
  470. ॐ पाशकरायै नमः ||470||
  471. ॐ पाशबंधकायै नमः
  472. ॐ पांशुलायै नमः 
  473. ॐ पशवे नमः
  474. ॐ पटायै नमः 
  475. ॐ पटाशायै नमः 
  476. ॐ परशुधारिण्यै नमः 
  477. ॐ पाशिन्यै नमः 
  478. ॐ पापघ्यै नमः 
  479. ॐ पतिपत्न्यै नमः 
  480. ॐ पतितायै नमः ||480||
  481. ॐ अपतितायै नमः 
  482. ॐ पिशाच्यै नमः 
  483. ॐ पिशाचम्नै नमः 
  484. ॐ पिशिताशनतोषितायै नमः 
  485. ॐ पानदायै नमः 
  486. ॐ पानपात्रायै नमः 
  487. ॐ पानदानकरोद्यतायै नमः 
  488. ॐ पेषायै नमः 
  489. ॐ प्रसिद्दायै नमः 
  490. ॐ पीयूषायै नमः ||490||
  491. ॐ पूर्णायै नमः 
  492. ॐ पूर्णमनोरधायै नमः 
  493. ॐ पतत दुर्भायै नमः 
  494. ॐ पतत् गात्रायै नमः 
  495. ॐ पौनःपुन्यायै नमः 
  496. ॐ सुरायै नमः
  497. ॐ पंकिलायै नमः
  498. ॐ पंकमग्नायै नमः
  499. ॐ पामीपायै नमः
  500. ॐ पंजरस्थितायै नमः ||500||
  501. ॐ पंचम्यैनमः
  502. ॐ पंचयामायै नमः 
  503. ॐ पंचमप्रियायै नमः 
  504. ॐ पंचमुद्रायै नमः
  505. ॐ पुंडरीकायै नमः
  506. ॐ पिंगळायै नमः
  507. ॐ पिंगलोचनायै नमः 
  508. ॐ प्रियांगुमंजर्यै नमः 
  509. ॐ पिंड्यै नमः
  510. ॐ पंडितायै नमः ||510||
  511. ॐ पांडुरप्रभायै नमः 
  512. ॐ प्रेतासनायै नमः
  513. ॐ प्रियाळुस्थायै नमः 
  514. ॐ पांडु फ्यैनमः
  515. ॐ पीतसापहायै नमः
  516. ॐ फलिन्यै नमः
  517. ॐ फलदात्र्यै नमः
  518. ॐ फलश्रियै नमः
  519. ॐ फणिभूषणायै नमः
  520. ॐ पूत्कार कारिण्यै नमः ||520||
  521. ॐ स्पारायै नमः
  522. ॐ फुल्लायै नमः 
  523. ॐ फुल्लांबुजासनायै नमः 
  524. ॐ फिरंगहायै नमः 
  525. ॐ स्फीतमत्यै नमः 
  526. ॐ स्फीत्यै नमः 
  527. ॐ स्फीतिकर्यै नमः 
  528. ॐ वनमायायै नमः 
  529. ॐ बलरात्यै नमः 
  530. ॐ बलिन्यै नमः ||530||
  531. ॐ बलवर्धिन्यै नमः 
  532. ॐ वेणुवाद्यायै नमः 
  533. ॐ वनचर्यै नमः 
  534. ॐ वीरायै नमः 
  535. ॐ विजयिन्यै नमः 
  536. ॐ विद्यायै नमः 
  537. ॐ विद्याप्रदायै नमः 
  538. ॐ विद्याबोधिन्यै नमः 
  539. ॐ वेददायिन्यै नमः 
  540. ॐ बुधमातायै नमः ||540||
  541. ॐ बुद्धायै नमः 
  542. ॐ वनमालावत्यै नमः 
  543. ॐ वरायै नमः 
  544. ॐ वरदायै नमः 
  545. ॐ वारुण्यै नमः 
  546. ॐ वीणायै नमः
  547. ॐ वीणावादनतत्परायै नमः 
  548. ॐ विनोदिन्यै नमः 
  549. ॐ विनोदस्थायै नमः 
  550. ॐ वैष्णव्यै नमः ||550||
  551. ॐ विष्णुवल्लभायै नमः 
  552. ॐ विद्यायै नमः 
  553. ॐ वैद्यचिकित्सायै नमः 
  554. ॐ विवशायै नमः 
  555. ॐ विश्वायै नमः 
  556. ॐ विश्रुतायै नमः 
  557. ॐ वितंत्रायै नमः 
  558. ॐ विह्वलायै नमः 
  559. ॐ वेलायै नमः 
  560. ॐ विरावायै नमः ||560||
  561. ॐ विरत्यै नमः 
  562. ॐ विविधार्ककरायै नमः 
  563. ॐ वीरायै नमः 
  564. ॐ बिंबोष्यै नमः 
  565. ॐ बिंबवत्सलायै नमः 
  566. ॐ विंध्यस्थायै नमः 
  567. ॐ वीरवंद्यायै नमः 
  568. ॐ वरीयानपरायै नमः 
  569. ॐ विचिते नमः 
  570. ॐ वेदांतवेद्यायै नमः ||570||
  571. ॐ वैद्यायै नमः
  572. ॐ वेदास्यायै नमः 
  573. ॐ विजयप्रदायै नमः 
  574. ॐ विरोधवर्दिन्यै नमः 
  575. ॐ वंध्यायै नमः 
  576. ॐ अवंध्यायै नमः 
  577. ॐ बंधनिवारिण्यै नमः 
  578. ॐ भगिन्यै नमः 
  579. ॐ भगमालायै नमः 
  580. ॐ भवान्यै नमः ||580||
  581. ॐ भयभाविन्यै नमः 
  582. ॐ भीमायै नमः 
  583. ॐ भीमनायै नमः 
  584. ॐ भैम्यै नमः 
  585. ॐ भंगुरायै नमः 
  586. ॐ भीमदर्शनायै नमः 
  587. ॐ भिल्यै नमः 
  588. ॐ भल्लधरायै नमः 
  589. ॐ भीरवे नमः 
  590. ॐ भेरुंड्यै नमः ||590||
  591. ॐ भयापहायै नमः 
  592. ॐ भगसरिण्यै नमः 
  593. ॐ भगायै नमः 
  594. ॐ भगरूपायै नमः 
  595. ॐ भगालयायै नमः 
  596. ॐ भगासनायै नमः
  597. ॐ भगामोदायै नमः 
  598. ॐ भेर्यै नमः 
  599. ॐ भंकार रंजितायै नमः 
  600. ॐ भीषणायै नमः ||600||
  601. ॐ भीषणारावायै नमः 
  602. ॐ भगवत्यभिभूषणायै नमः 
  603. ॐ भारद्वाज्यै नमः 
  604. ॐ भोगदात्र्यै नमः 
  605. ॐ भवम्नै नमः 
  606. ॐ भूतिभूषणायै नमः 
  607. ॐ भूतिदायै नमः 
  608. ॐ भूतिदात्र्यै नमः 
  609. ॐ भूपतित्व प्रदायिन्यै नमः 
  610. ॐ भ्रमर्यै नमः  ||610||
  611. ॐ भ्रामरीनीलायै नमः 
  612. ॐ भूपालमुकुटस्थितायै नमः 
  613. ॐ मत्तायै नमः 
  614. ॐ मनोहरामनायै नमः 
  615. ॐ मानिन्यै नमः 
  616. ॐ मोहिन्यै नमः 
  617. ॐ मह्यै नमः 
  618. ॐ महालक्ष्मै नमः 
  619. ॐ मदक्षीबायै नमः 
  620. ॐ मदीयायै नमः  ||620||
  621. ॐ मदिरालयायै नमः
  622. ॐ मदोद्धतायै नमः 
  623. ॐ मतंगस्थायै नमः 
  624. ॐ माधव्यै नमः 
  625. ॐ मधुमादिन्यै नमः 
  626. ॐ मेधायै नमः 
  627. ॐ मेधाकर्यै नमः 
  628. ॐ मेध्यायै नमः 
  629. ॐ मध्यायै नमः 
  630. ॐ मध्यावय स्थितायै नमः  ||630||
  631. ॐ मद्यपायै नमः 
  632. ॐ मांसलायै नमः 
  633. ॐ मत्स्यायै नमः 
  634. ॐ मोदिन्यै नमः 
  635. ॐ मैथुनोद्धदायै नमः 
  636. ॐ मुद्रायै नमः 
  637. ॐ मुद्रावत्यै नमः 
  638. ॐ मातायै नमः 
  639. ॐ मायायै नमः 
  640. ॐ महिमायै नमः  ||640||
  641. ॐ मंदिरायै नमः 
  642. ॐ महामायायै नमः 
  643. ॐ महाविद्यायै नमः 
  644. ॐ महामार्यै नमः 
  645. ॐ महेश्वर्यै नमः 
  646. ॐ महादेववध्वे नमः
  647. ॐ मान्यायै नमः
  648. ॐ मधुरायै नमः
  649. ॐ वीरमंडलायै नमः
  650. ॐ मेधाश्विन्यै नमः  ||650||
  651. ॐ मीलदश्रियै नमः
  652. ॐ महिषासुरमर्दिन्यै नमः 
  653. ॐ मंटपस्थायै नमः
  654. ॐ मठस्थायै नमः
  655. ॐ मदिरागमगर्वितायै नमः 
  656. ॐ मोक्षदायै नमः
  657. ॐ मुंडमालायै नमः 
  658. ॐ मालायै नमः
  659. ॐ मालाविलासिन्यै नमः 
  660. ॐ मांतगिन्यै नमः  ||660||
  661. ॐ मातंग्यै नमः
  662. ॐ मतंगतनयायै नमः 
  663. ॐ मधुस्रवायै नमः
  664. ॐ मधुरसायै नमः
  665. ॐ मधूककुसुम प्रियायै नमः 
  666. ॐ यामिन्यै नमः
  667. ॐ यामिनीनाधभूषायै नमः
  668. ॐ यावकरंजितायै नमः 
  669. ॐ यवांकुर प्रियायै नमः
  670. ॐ मायायै नमः  ||670||
  671. ॐ यवन्यै नमः
  672. ॐ यवनाधिपायै नमः 
  673. ॐ यमघ्नै नमः 
  674. ॐ यमकन्यायै नमः 
  675. ॐ यजमानस्वरूपिण्यै नमः 
  676. ॐ यज्ञायै नमः 
  677. ॐ यज्वायै नमः 
  678. ॐ यजुर्यज्वायै नमः 
  679. ॐ यशोनिकरकारिण्यै नमः 
  680. ॐ यज्ञसूत्रप्रदायै नमः  ||680||
  681. ॐ ज्येष्ठायै नमः 
  682. ॐ यज्ञकर्मकर्यै नमः 
  683. ॐ यशस्विन्यै नमः 
  684. ॐ यकारस्थायै नमः 
  685. ॐ यूपस्तंभनिवासिन्यै नमः 
  686. ॐ रंजितायै नमः 
  687. ॐ राजपत्यै नमः 
  688. ॐ रमायै नमः 
  689. ॐ रेखारवे नमः 
  690. ॐ रण्यै नमः  ||690||
  691. ॐ रजोवत्यै नमः 
  692. ॐ रजश्चित्रायै नमः 
  693. ॐ रजन्यै नमः 
  694. ॐ रजनीपत्यै नमः 
  695. ॐ रागिण्यै नमः 
  696. ॐ राज्यन्यै नमः
  697. ॐ राज्यायै नमः 
  698. ॐ राज्यदायै नमः 
  699. ॐ राज्यवर्धिन्यै नमः 
  700. ॐ राजन्वत्यै नमः  ||700||
  701. ॐ राजनीत्यै नमः 
  702. ॐ रजतवासिन्यै नमः 
  703. ॐ रमण्यै नमः 
  704. ॐ रमणीयायै नमः 
  705. ॐ रामायै नमः 
  706. ॐ रामावत्यै नमः 
  707. ॐ रत्यै नमः 
  708. ॐ रेतोवत्यै नमः 
  709. ॐ रतोत्साहायै नमः 
  710. ॐ रोगहृते नमः  ||710||
  711. ॐ रोगकारिणे नमः 
  712. ॐ रंगायै नमः 
  713. ॐ रंगवत्यै नमः 
  714. ॐ रागायै नमः 
  715. ॐ रागज्ञायै नमः 
  716. ॐ रागकृते नमः 
  717. ॐ रणायै नमः 
  718. ॐ रंजिकायै नमः 
  719. ॐ रंजिकारंजायै नमः 
  720. ॐ रंजिन्यै नमः ||720||
  721. ॐ रक्तलोचनायै नमः
  722. ॐ रक्तचर्मधरायै नमः 
  723. ॐ रंजायै नमः 
  724. ॐ रक्तस्थायै नमः 
  725. ॐ रक्तवादिन्यै नमः 
  726. ॐ रंभायै नमः 
  727. ॐ रंभाफलप्रीत्यै नमः 
  728. ॐ रंभोरवे नमः 
  729. ॐ राघवप्रियायै नमः 
  730. ॐ रंगभृते नमः ||730||
  731. ॐ रंगमधुरायै नमः 
  732. ॐ रोदस्यै नमः 
  733. ॐ रोदसीग्रहायै नमः 
  734. ॐ रोदकृते नमः 
  735. ॐ रोधहंत्र्यै नमः 
  736. ॐ रोगभृते नमः 
  737. ॐ रोगशायिन्यै नमः 
  738. ॐ वंद्यै नमः 
  739. ॐ वंदिस्तुतायै नमः 
  740. ॐ बंधायै नमः ||740||
  741. ॐ बंदूककुसुमधरायै नमः 
  742. ॐ वंदित्रायै नमः 
  743. ॐ वंदितायै नमः 
  744. ॐ मात्रेयै नमः 
  745. ॐ विंदुरायै नमः 
  746. ॐ वैंदव्यै नमः
  747. ॐ विद्यायै नमः
  748. ॐ विंक्यै नमः
  749. ॐ विंकफलायै नमः
  750. ॐ विंकायै नमः ||750||
  751. ॐ विंकस्थायै नमः
  752. ॐ विंकवत्सलायै नमः 
  753. ॐ वत्यै नमः
  754. ॐ विलग्नायै नमः
  755. ॐ विप्रायै नमः
  756. ॐ विध्यै नमः
  757. ॐ विधिकर्यै नमः
  758. ॐ विधायै नमः
  759. ॐ शंखिण्यै नमः
  760. ॐ शंखवलयायै नमः ||760||
  761. ॐ शंखमालावत्यै नमः
  762. ॐ शम्यै नमः
  763. ॐ शंखपात्रासन्यै नमः
  764. ॐ शंखायै नमः
  765. ॐ अशंखायै नमः
  766. ॐ शंखगळायै नमः
  767. ॐ शशिन्यै नमः
  768. ॐ शंभ्यै नमः
  769. ॐ शरावत्यै नमः
  770. ॐ श्यामायै नमः ||770||
  771. ॐ श्यामांग्यै नमः
  772. ॐ श्यामलोचनायै नमः 
  773. ॐ श्मशानस्थायै नमः 
  774. ॐ श्मशानायै नमः 
  775. ॐ श्मशानस्थलभूषणायै नमः 
  776. ॐ शमदायै नमः 
  777. ॐ शमहंत्र्यै नमः 
  778. ॐ शाकिन्यै नमः 
  779. ॐ शंकुशेखरायै नमः 
  780. ॐ शांत्यै नमः ||780||
  781. ॐ शांतिप्रदायै नमः 
  782. ॐ शेषायै नमः 
  783. ॐ शेषस्थायै नमः 
  784. ॐ शेषदायिन्यै नमः 
  785. ॐ शेमुष्यै नमः 
  786. ॐ शोषिण्यै नमः 
  787. ॐ शिर्यै नमः 
  788. ॐ शौरीशौर्यायै नमः 
  789. ॐ शरायै नमः 
  790. ॐ शल्यै नमः ||790||
  791. ॐ शापहायै नमः 
  792. ॐ शापहान्यै नमः 
  793. ॐ शंपायै नमः 
  794. ॐ शपथदायिन्यै नमः 
  795. ॐ शृंगिण्यै नमः 
  796. ॐ शृंगफलभुजे नमः
  797. ॐ शंकर्यै नमः
  798. ॐ शांकर्यै नमः
  799. ॐ शंकायै नमः
  800. ॐ शंकापहायै नमः ||800||
  801. ॐ शंस्थायै नमः
  802. ॐ शाश्वत्यै नमः
  803. ॐ शीतलायै नमः
  804. ॐ शिवायै नमः
  805. ॐ शिवस्थायै नमः
  806. ॐ शवभुक्तायै नमः
  807. ॐ शाववर्णायै नमः
  808. ॐ शिवोदर्यै नमः
  809. ॐ शायिन्यै नमः
  810. ॐ शावशयनायै नमः ||810||
  811. ॐ शिंशपायै नमः
  812. ॐ शिशपायनायै नमः
  813. ॐ शवकुंडलिन्यै नमः
  814. ॐ शैवायै नमः
  815. ॐ शंकरायै नमः
  816. ॐ शिशिरायै नमः
  817. ॐ शिरायै नमः
  818. ॐ शवकांच्यै नमः
  819. ॐ शवश्रीकायै नमः
  820. ॐ शावमालायै नमः ||820||
  821. ॐ शवाकृत्यै नमः
  822. ॐ शयन्यै नमः 
  823. ॐ शंकुवायै नमः 
  824. ॐ शक्यै नमः 
  825. ॐ शंतन्यै नमः 
  826. ॐ शीलदायिन्यै नमः 
  827. ॐ सिंधवे नमः 
  828. ॐ सरस्वत्यै नमः 
  829. ॐ सिंधुसुंदर्यै नमः 
  830. ॐ सुंदराननायै नमः ||830||
  831. ॐ साधुवे नमः 
  832. ॐ सिध्यै नमः 
  833. ॐ सिद्धिधात्र्यै नमः 
  834. ॐ सिद्धायै नमः 
  835. ॐ सिद्दसरस्वत्यै नमः 
  836. ॐ संतत्यै नमः 
  837. ॐ संपदायै नमः 
  838. ॐ संवते नमः
  839. ॐ संविते नमः 
  840. ॐ सुरतिदायिन्यै नमः ||840||
  841. ॐ सपत्यै नमः 
  842. ॐ सरसायै नमः 
  843. ॐ सारायै नमः 
  844. ॐ सरस्वतिकर्यै नमः 
  845. ॐ स्वधायै नमः 
  846. ॐ सरस्समायै नमः
  847. ॐ समानायै नमः 
  848. ॐ समाराध्यायै नमः 
  849. ॐ समस्तदायै नमः 
  850. ॐ समिद्दायै नमः ||850||
  851. ॐ समदायै नमः 
  852. ॐ सम्मायै नमः 
  853. ॐ सम्मोहायै नमः 
  854. ॐ समदर्शनायै नमः 
  855. ॐ समत्यै नमः 
  856. ॐ समिध्यै नमः 
  857. ॐ समिधायै नमः 
  858. ॐ सीमायै नमः 
  859. ॐ सावित्र्यै नमः 
  860. ॐ सविधायै नमः ||860||
  861. ॐ सत्यै नमः 
  862. ॐ सवन्यै नमः 
  863. ॐ सवनाधारायै नमः 
  864. ॐ सावनायै नमः 
  865. ॐ समरायै नमः 
  866. ॐ सम्यै नमः 
  867. ॐ सिमिरायै नमः 
  868. ॐ सततायै नमः 
  869. ॐ स्साध्यैनमः 
  870. ॐ सघ्रीं चिंत्यायै नमः  ||870||
  871. ॐ सहायिन्यै नमः
  872. ॐ हंस्यै नमः 
  873. ॐ हंसगत्यै नमः 
  874. ॐ हंसायै नमः 
  875. ॐ हंसोज्वलनिचोळयुजे नमः 
  876. ॐ हालिन्यै नमः 
  877. ॐ हलदायै नमः 
  878. ॐ हालायै नमः 
  879. ॐ हरश्रीयै नमः 
  880. ॐ हरवल्लभायै नमः  ||880||
  881. ॐ हेलायै नमः 
  882. ॐ हेलावत्यै नमः 
  883. ॐ हेषायै नमः 
  884. ॐ हेषस्थायै नमः 
  885. ॐ हेषवर्दिन्यै नमः 
  886. ॐ हंतायै नमः 
  887. ॐ हंत्यै नमः 
  888. ॐ हतायै नमः 
  889. ॐ हत्याहायै नमः 
  890. ॐ हंततापहारिण्यै नमः  ||890||
  891. ॐ हंकार्यै नमः 
  892. ॐ हंतकृते नमः 
  893. ॐ हंकायै नमः 
  894. ॐ हीहायै नमः 
  895. ॐ हातायै नमः 
  896. ॐ हतायै नमः
  897. ॐ अहतायै नमः
  898. ॐ हेमप्रदायै नमः
  899. ॐ हंसवत्यै नमः
  900. ॐ हार्यै नमः ||900||
  901. ॐ हातरिसम्मतायै नमः 
  902. ॐ होर्यै नमः
  903. ॐ होत्यै नमः
  904. ॐ होळिकायै नमः
  905. ॐ होमायै नमः
  906. ॐ अहोमायै नमः
  907. ॐ हवये नमः
  908. ॐ हर्यै नमः
  909. ॐ हारिण्यै नमः
  910. ॐ हरिणीनेत्रायै नमः ||910||
  911. ॐ हिमाचलनिवासिन्यै नमः 
  912. ॐ लंबोदर्यै नमः
  913. ॐ लंबकर्णायै नमः
  914. ॐ लंबिकायै नमः
  915. ॐ लंबहिग्रहायै नमः 
  916. ॐ लीलायै नमः
  917. ॐ लोलावत्यै नमः
  918. ॐ लोलायै नमः
  919. ॐ ललिन्यै नमः
  920. ॐ लालितायै नमः ||920||
  921. ॐ लतायै नमः
  922. ॐ ललामायै नमः 
  923. ॐ लोचनायै नमः 
  924. ॐ लोच्यायै नमः 
  925. ॐ लोलाक्यै नमः 
  926. ॐ लक्षणायै नमः 
  927. ॐ लतायै नमः 
  928. ॐ लंपत्यै नमः 
  929. ॐ लुंपत्यै नमः 
  930. ॐ लंपायै नमः ||930||
  931. ॐ लोपामुद्रायै नमः 
  932. ॐ ललंतिन्यै नमः 
  933. ॐ लंतिकायै नमः 
  934. ॐ लंबिकायै नमः 
  935. ॐ लंबायै नमः 
  936. ॐ लघिमायै नमः 
  937. ॐ लघुमध्यमायै नमः 
  938. ॐ लघीयस्यै नमः 
  939. ॐ लघुदयी नमः 
  940. ॐ लूतायै नमः ||940||
  941. ॐ लूतानिवारिण्यै नमः 
  942. ॐ लोमभृते नमः 
  943. ॐ लोमायै नमः 
  944. ॐ लोक्तायै नमः 
  945. ॐ लुलत्यै नमः 
  946. ॐ लुलुसंयुत्यैनमः
  947. ॐ लुचायस्थायै नमः 
  948. ॐ लहर्यै नमः 
  949. ॐ लंकापुर्यै नमः 
  950. ॐ पुरंदर्यै नमः ||950||
  951. ॐ लक्ष्मै नमः 
  952. ॐ लक्ष्मी प्रदायै नमः 
  953. ॐ लक्ष्यायै नमः 
  954. ॐ लक्ष्म्याबलमति प्रदायै नमः 
  955. ॐ क्षुणायै नमः 
  956. ॐ क्षपायै नमः 
  957. ॐ क्षणायै नमः 
  958. ॐ क्षीणायै नमः 
  959. ॐ क्षमायै नमः 
  960. ॐ क्षांत्यै नमः ||960||
  961. ॐ क्षणावत्यै नमः 
  962. ॐ क्षामायै नमः 
  963. ॐ क्षमोदर्यै नमः 
  964. ॐ क्षेमायै नमः 
  965. ॐ क्लैमभृते नमः 
  966. ॐ क्षत्रियांगनायै नमः 
  967. ॐ क्षयायै नमः 
  968. ॐ क्षयकर्यै नमः 
  969. ॐ क्षीरायै नमः 
  970. ॐ क्षीरदायै नमः ||970||
  971. ॐ क्षीरसागराय नमः
  972. ॐ क्षेमंकर्यै नमः 
  973. ॐ क्षयकर्यै नमः 
  974. ॐ क्षयदायै नमः 
  975. ॐ क्षणदायै नमः 
  976. ॐ क्षत्यै नमः 
  977. ॐ क्षुरंत्यै नमः 
  978. ॐ क्षुद्रिकायै नमः 
  979. ॐ क्षुद्रायै नमः 
  980. ॐ क्षुत् क्षामायै नमः ||980||
  981. ॐ क्षरपातकायै नमः
  982. ॐ अनंतकळ्याणगुणभिरामायै नमः 
  983. ॐ सर्वभयापहंत्र्यै नमः 
  984. ॐ सिंहाकृत्यै नमः 
  985. ॐ महॆग्रकृत्यायै नमः
  986. ॐ अशेषजगदाराध्यायै नमः 
  987. ॐ सकलापन्निवृत्तये नमः 
  988. ॐ महदुर्गायै नमः 
  989. ॐ दैत्य पाणापहर्रे नमः 
  990. ॐ श्यामवर्णायै नमः ||990||
  991. ॐ महादेवमनः प्रियायै नमः 
  992. ॐ भयापहायै नमः 
  993. ॐ अष्टादशभुजमालाविभूषितायै नमः
  994. ॐ महबलपराक्रमायै नमः 
  995. ॐ अनेक सिंहकोटिचारिणे नमः 
  996. ॐ कृष्णांबरशोभितायै नमः 
  997. ॐ कालरात्रिस्वरूपिण्यै नमः 
  998. ॐ संसारार्णवतारिण्यै नमः 
  999. ॐ सिद्धचामुंडये नमः 
  1000. ॐ शत सहस्रसिंहवदनायै नमः ||1000||
  1001. ॐ महद्रूपायै नमः 
  1002. ॐ सर्वजगत्प्रसूत्यैनमः 
  1003. ॐ विष्णु विरिंचि भवपूजितायै नमः 
  1004. ॐ सत्यजनांदमय्यै नमः 
  1005. ॐ सकलापन्निवृत्तये नमः 
  1006. ॐ अपराजितायै नमः 
  1007. ॐ अध्वर्वणभद्रकाळ्यै नमः
  1008. ॐ महप्रत्यंगिरायै नमः ||1008||

|| इति श्री मह प्रत्यंगिरा सहस्रनामं सपूर्णं ||

अर्थ

श्री मह प्रत्यंगिरा सहस्रनामावलिः आदिशक्ति परांबा के एक अत्यंत उग्र और शक्तिशाली स्वरूप, देवी प्रत्यंगिरा के हजार नामों का एक दिव्य स्तोत्र है। देवी प्रत्यंगिरा को नकारात्मक शक्तियों, जादू-टोने और शत्रुओं का नाश करने वाली तथा अपने भक्तों को सभी प्रकार के संकटों से बचाने वाली महाशक्ति के रूप में पूजा जाता है। यह सहस्रनामावलि देवी के अनंत गुणों, महिमाओं और स्वरूपों का वर्णन करती है, जहाँ प्रत्येक नाम देवी के एक अद्वितीय पहलू को उजागर करता है।

इस सहस्रनामावलि का पाठ केवल देवी की स्तुति नहीं है, बल्कि उनकी दिव्य ऊर्जा के साथ गहरा आध्यात्मिक संबंध स्थापित करने का एक माध्यम भी है। देवी के हजार नामों का उच्चारण करते समय, प्रत्येक नाम भक्त के मन में देवी की शक्ति का आह्वान करता है, आंतरिक शुद्धि लाता है और नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर भगाता है। यह भक्त को असीम साहस, आत्मविश्वास और आंतरिक शांति प्रदान करता है। प्रत्यंगिरा देवी को काल की अधिष्ठात्री, दुष्टों का संहार करने वाली और सज्जनों की रक्षक माना जाता है।

स्तोत्र के प्रारंभिक नाम देवी को 'देव्यै नमः' (देवी को नमस्कार), 'प्रत्यंगिरायै नमः' (प्रत्यंगिरा देवी को नमस्कार) कहकर स्तुति करते हैं। 'शिरसा शशिशेखरयै नमः' नाम भगवान शिव की शक्ति के साथ उनके संबंध को या स्वयं के सिर पर चंद्रमा धारण करने वाली उनकी सुंदरता को इंगित करता है। 'समायै नमः' और 'समधर्मिण्यै नमः' नाम उनकी समानता और धर्मनिष्ठा को दर्शाते हैं। 'सर्वसंपत्तिजनन्यै नमः' नाम यह दर्शाता है कि वह सभी संपत्तियों की जननी हैं। 'काल्यै नमः, कोमलायै नमः, कालायै नमः' नाम उनके भयानक काली रूप और कोमल मातृ रूप की द्वंद्वता के साथ-साथ समय को नियंत्रित करने की उनकी शक्ति का वर्णन करते हैं। ऐसे हजारों नाम देवी के विभिन्न गुणों, उनके सृष्टि, स्थिति और लय के कार्यों को बताते हैं।

इस सहस्रनामावलि का नियमित पाठ भक्तों को दिव्य सुरक्षा कवच प्रदान करता है। यह न केवल बाहरी खतरों से बचाता है, बल्कि आंतरिक भय, कमजोरी और नकारात्मक विचारों से भी मुक्ति दिलाता है। प्रत्यंगिरा देवी की कृपा से, भक्त जीवन में आने वाली बाधाओं को आसानी से पार कर सकते हैं और आध्यात्मिक तथा भौतिक समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं। यह स्तोत्र भक्तिपूर्वक पाठ करने वालों को अद्भुत परिणाम देता है, ऐसा पुराणों में उल्लेख है।

लाभ (Benefits):

  • शत्रु संहार और सुरक्षा: प्रत्यंगिरा देवी शत्रुओं का नाश करने और जादू-टोने, नकारात्मक शक्तियों से बचाने में अत्यंत शक्तिशाली हैं। इस स्तोत्र के पाठ से शत्रु बाधाएँ दूर होती हैं।
  • नकारात्मक ऊर्जाओं का निवारण: घर या जीवन में व्याप्त सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जाएँ, बुरी नज़र और ग्रह बाधाएँ देवी की कृपा से दूर होती हैं।
  • साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि: इस स्तोत्र का पाठ करने से भक्तों को असीम साहस, आत्मविश्वास और मानसिक बल प्राप्त होता है, जिससे किसी भी कठिन परिस्थिति का सामना करने की शक्ति मिलती है।
  • बाधाओं का निवारण: जीवन की प्रगति में आने वाली सभी प्रकार की बाधाएँ और विघ्न देवी की कृपा से दूर होते हैं, जिससे सफलता और समृद्धि प्राप्त होती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति: देवी के हजार नामों का स्मरण करने से मन शुद्ध होता है, आध्यात्मिक ज्ञान बढ़ता है और मोक्ष का मार्ग सुगम होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्री मह प्रत्यंगिरा सहस्रनामावलि क्या है?
श्री मह प्रत्यंगिरा सहस्रनामावलि आदिशक्ति परांबा के उग्र स्वरूप, देवी प्रत्यंगिरा के हजार नामों का एक शक्तिशाली स्तोत्र है। यह देवी के विभिन्न गुणों और महिमाओं का वर्णन करता है।
इस स्तोत्र का पाठ कब और कैसे करना चाहिए?
इस स्तोत्र का पाठ प्रतिदिन सुबह या शाम स्नान के बाद शुद्ध मन से किया जा सकता है। देवी के चित्र के सामने दीपक जलाकर और धूप करके भक्तिपूर्वक पाठ करना उत्तम है। विशेष रूप से शुक्रवार या अमावस्या पर पाठ करना अधिक फलदायी होता है।
श्री प्रत्यंगिरा सहस्रनामावलि के प्रमुख लाभ क्या हैं?
इस स्तोत्र का पाठ करने से शत्रु बाधाओं से मुक्ति, जादू-टोने का निवारण, नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा, साहस में वृद्धि और जीवन की बाधाओं का निवारण जैसे लाभ प्राप्त होते हैं।
इस स्तोत्र का पाठ कौन कर सकता है?
कोई भी व्यक्ति शुद्ध मन और भक्ति के साथ इस स्तोत्र का पाठ कर सकता है। विशेष रूप से शत्रु बाधाओं, नकारात्मक ऊर्जा की समस्याओं से ग्रस्त लोग या आंतरिक शक्ति और सुरक्षा चाहने वाले इसे पढ़ सकते हैं।
इस स्तोत्र का पाठ कितनी बार करना चाहिए?
प्रतिदिन कम से कम एक बार पाठ करना उत्तम है। विशेष परिणामों के लिए 11 या 108 बार पाठ किया जा सकता है। आप अपनी सुविधा और गुरु के मार्गदर्शन के अनुसार पाठ कर सकते हैं।
श्री मह प्रत्यंगिरा सहस्रनामावलि की उत्पत्ति कहाँ से हुई है?
श्री मह प्रत्यंगिरा सहस्रनामावलि हिंदू धर्म के शक्ति संप्रदाय का एक हिस्सा है। यह तंत्रशास्त्र और पुराणों में वर्णित प्रत्यंगिरा देवी की महिमा को बताता है।

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