1। ॐ ऐं ग्लौं ऐं पंचम्यै नमः
2। ॐ ऐं ग्लौं ऐं पोत्रिण्यै नमः
3। ॐ ऐं ग्लौं ऐं दंडनाथायै नमः
4। ॐ ऐं ग्लौं ऐं शिवायै नमः
5। ॐ ऐं ग्लौं ऐं संकेतायै नमः
6। ॐ ऐं ग्लौं ऐं वार्ताळ्यै नमः
7। ॐ ऐं ग्लौं ऐं समयेश्वर्यै नमः
8। ॐ ऐं ग्लौं ऐं महासेनायै नमः
9। ॐ ऐं ग्लौं ऐं समयसंकेतायै नमः
10। ॐ ऐं ग्लौं ऐं आज्ञाचक्रेश्वर्यै नमः
11। ॐ ऐं ग्लौं ऐं अरिघ्न्यै नमः
12। ॐ ऐं ग्लौं ऐं वाराह्यै नमः
इति श्री वाराही द्वादशनामावळिः संपूर्णं ||
अर्थ
श्री वाराही द्वादशनामावलि देवी वाराही को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली और पवित्र स्तोत्र है। द्वादशनामावलि का अर्थ है देवी के बारह शुभ नामों का पाठ करके उनकी आराधना करना। वाराही देवी सप्तमातृकाओं में से एक हैं, जो भगवान विष्णु के वराह अवतार की शक्ति स्वरूपिणी हैं। उन्हें मुख्य रूप से रक्षक, बाधाओं को दूर करने वाली और भक्तों को उनकी इच्छाएँ पूरी करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। यह द्वादशनामावलि देवी के विभिन्न गुणों, शक्तियों और रूपों का संक्षेप में लेकिन गहराई से वर्णन करती है, जिससे भक्तों को उनकी दिव्य उपस्थिति से जुड़ने में मदद मिलती है।
वाराही देवी की आराधना का तांत्रिक परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान है। वे पृथ्वी, समृद्धि, शक्ति और विजय की अधिष्ठात्री देवी हैं। देवी के इन बारह नामों का स्मरण करने से मन को शांति, साहस और आत्मविश्वास प्राप्त होता है। उन्हें आज्ञा चक्र की अधिष्ठात्री देवी भी कहा जाता है, जो आंतरिक ज्ञान, जागरूकता और निर्णय लेने की शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। वाराही देवी में हमारे भीतर की नकारात्मक शक्तियों, भयों और अज्ञान को नष्ट करने की शक्ति है। इस नामावलि का पाठ भक्तों को दैवीय सुरक्षा प्रदान करता है और जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए आंतरिक शक्ति देता है।
इस द्वादशनामावलि का पहला नाम 'ओम् ऐं ग्लौं ऐं पंचम्यै नमः' यह दर्शाता है कि देवी को पंचम शक्ति के रूप में या पाँच तत्वों की अधिष्ठात्री देवी के रूप में पूजा जाता है। 'ओम् ऐं ग्लौं ऐं पोत्रिण्यै नमः' का अर्थ है वराह रूप धारण करने वाली, सूअर के मुख वाली। यह उनकी पृथ्वी की रक्षा और पोषण करने की शक्ति का प्रतीक है। 'ओम् ऐं ग्लौं ऐं दण्डनाथायै नमः' का अर्थ है दंड धारण कर दुष्टों को दंडित करने वाली और धर्म की स्थापना करने वाली नायिका। 'ओम् ऐं ग्लौं ऐं शिवायै नमः' यह इंगित करता है कि देवी शुभ हैं, कल्याणकारी हैं और परम कल्याणी हैं।
'ओम् ऐं ग्लौं ऐं संकेतायै नमः' का अर्थ है गुप्त संकेतों को जानने वाली या भक्तों को सही मार्ग सुझाने वाली। 'ओम् ऐं ग्लौं ऐं वार्ताळ्यै नमः' का अर्थ है ज्ञान का प्रसार करने वाली, सत्य बोलने वाली या समाचार लाने वाली। 'ओम् ऐं ग्लौं ऐं समयेस्वर्ये नमः' का अर्थ है काल की अधिष्ठात्री देवी, समय पर नियंत्रण रखने वाली या धार्मिक अनुष्ठानों के नियमों को नियंत्रित करने वाली। 'ओम् ऐं ग्लौं ऐं महासैन्यायै नमः' का अर्थ है एक विशाल सेना वाली, अपार शक्ति और क्षमता वाली।
'ओम् ऐं ग्लौं ऐं समयसंकेतायै नमः' का अर्थ है समय के अनुसार सही संकेत देने वाली, भक्तों को सही समय पर सही मार्ग पर ले जाने वाली। 'ओम् ऐं ग्लौं ऐं आज्ञाचक्रेश्वर्यै नमः' का अर्थ है आज्ञा चक्र की अधिष्ठात्री देवी, जो ज्ञान, विवेक और अलौकिक शक्तियों का स्थान है। यह नाम दर्शाता है कि वे आंतरिक दृष्टि और स्पष्टता प्रदान करती हैं। 'ओम् ऐं ग्लौं ऐं अरिघ्न्यै नमः' का अर्थ है शत्रुओं और बाधाओं को नष्ट करने वाली, भक्तों को विजय दिलाने वाली। अंत में, 'ओम् ऐं ग्लौं ऐं वाराह्यै नमः' देवी के मूल रूप का स्मरण कराता है, यह प्रकट करता है कि वे सभी शक्तियों का मूल हैं।
लाभ (Benefits):
- शत्रु नाश और सुरक्षा: इस नामावलि का नियमित पाठ बाहरी और आंतरिक शत्रुओं से, जैसे कि बुरी शक्तियों, परेशानियों और नकारात्मक विचारों से सुरक्षा प्रदान करता है।
- आर्थिक समृद्धि और स्थिरता: वाराही देवी पृथ्वी की अधिष्ठात्री होने के कारण, उनकी पूजा कृषि, व्यापार और धन में वृद्धि लाती है, आर्थिक स्थिरता प्रदान करती है।
- स्वास्थ्य और दीर्घायु: देवी की शक्ति रोगों को दूर कर उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करती है और जीवन में दीर्घायु प्रदान करती है।
- आज्ञा चक्र जागरण और ज्ञान: आज्ञा चक्रेश्वरी के रूप में वे आंतरिक ज्ञान, स्पष्टता, बेहतर निर्णय लेने की क्षमता और आध्यात्मिक प्रगति को बढ़ावा देती हैं।
- विजय और साहस: किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने, चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक साहस और आत्मविश्वास देवी प्रदान करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्री वाराही द्वादशनामावलि क्या है?
इस नामावलि का पाठ कब और कैसे करना चाहिए?
श्री वाराही द्वादशनामावलि पाठ के क्या लाभ हैं?
कौन श्री वाराही द्वादशनामावलि का पाठ कर सकता है?
इस नामावलि का कितनी बार पाठ करना चाहिए?
श्री वाराही द्वादशनामावलि का मूल क्या है?
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