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श्री सायि सहस्रनामावळिः

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  1. ॐ श्री सायि अखंडसच्चिदानंदाय नमः  
  2. ॐ श्री सायि अखिलजीववत्सलयाय नमः  
  3. ॐ श्री सायि अखिलवस्तुविस्ताराय नमः  
  4. ॐ श्री सायि अक्बराज्ञाभिवंदिताय नमः  
  5. ॐ श्री सायि अखिलचेतनाऽऽविष्टाय नमः  
  6. ॐ श्री सायि अखिलवेदसंप्रदाय नमः  
  7. ॐ श्री सायि अखिलांडेशरूपेऽपि पिंडे प्रतिष्ठिताय नमः  
  8. ॐ श्री सायि अग्रण्ये नमः  
  9. ॐ श्री सायि अग्र्यभूम्ने नमः  
  10. ॐ श्री सायि अगणितगुणाय नमः  10
  11. ॐ श्री सायि अघौघसन्निवर्तिने नमः  
  12. ॐ श्री सायि अचिंत्यमहिम्ने नमः  
  13. ॐ श्री सायि अचलाय नमः  
  14. ॐ श्री सायि अच्युताय नमः  
  15. ॐ श्री सायि अजाय नमः  
  16. ॐ श्री सायि अजातशत्रवे नमः  
  17. ॐ श्री सायि अज्ञानतिमिरांधस्य चक्षुरुन्मीलनक्षमाय नमः  
  18. ॐ श्री सायि आजन्मस्थितिनाशाय नमः  
  19. ॐ श्री सायि अणिमादिविभूषिताय नमः  
  20. ॐ श्री सायि अत्युन्नतधुनिज्वालामाज्ञयैव निवर्तकाय नमः  20
  21. ॐ श्री सायि अत्युल्बणमहासर्पादपि भक्तसुरक्षित्रे नमः  
  22. ॐ श्री सायि अतितीव्रतपस्तप्ताय नमः  
  23. ॐ श्री सायि अतिनम्रस्वभावकाय नमः  
  24. ॐ श्री सायि अन्नदानसदानिष्ठाय नमः  
  25. ॐ श्री सायि अतिथिभुक्तशेषभुजे नमः  
  26. ॐ श्री सायि अदृश्यलोकसंचारिणे नमः  
  27. ॐ श्री सायि अदृष्टपूर्वदर्शित्रे नमः  
  28. ॐ श्री सायि अद्वैतवस्तुतत्त्वज्ञाय नमः  
  29. ॐ श्री सायि अद्वैतानंदवर्षकाय नमः  
  30. ॐ श्री सायि अद्भुतानंतशक्तये नमः  30
  31. ॐ श्री सायि अधिष्ठानाय नमः  
  32. ॐ श्री सायि अधोक्षजाय नमः  
  33. ॐ श्री सायि अधर्मतरुच्छेत्रे नमः  
  34. ॐ श्री सायि अधियज्ञाय नमः  
  35. ॐ श्री सायि अधिभूताय नमः  
  36. ॐ श्री सायि अधिदैवाय नमः  
  37. ॐ श्री सायि अध्यक्षाय नमः  
  38. ॐ श्री सायि अनघाय नमः  
  39. ॐ श्री सायि अनंतनाम्ने नमः  
  40. ॐ श्री सायि अनंतगुणभूषणाय नमः  40
  41. ॐ श्री सायि अनंतमूर्तये नमः  
  42. ॐ श्री सायि अनंताय नमः  
  43. ॐ श्री सायि अनंतशक्तिसंयुताय नमः  
  44. ॐ श्री सायि अनंताश्चर्यवीर्याय नमः  
  45. ॐ श्री सायि अनर्घ (अनह्लक) अतिमानिताय नमः  
  46. ॐ श्री सायि अनवरतसमाधिस्थाय नमः  
  47. ॐ श्री सायि अनाथपरिरक्षकाय नमः  
  48. ॐ श्री सायि अनन्यप्रेमसंहृष्टगुरुपादविलीनहृदे नमः  
  49. ॐ श्री सायि अनादृताष्टसिद्धये नमः  
  50. ॐ श्री सायि अनामयपदप्रदाय नमः  50
  51. ॐ श्री सायि अनादिमत्परब्रह्मणे नमः  
  52. ॐ श्री सायि अनाहतदिवाकराय नमः  
  53. ॐ श्री सायि अनिर्देश्यवपुषे नमः  
  54. ॐ श्री सायि अनिमेषेक्षितप्रजाय नमः  
  55. ॐ श्री सायि अनुग्रहार्थमूर्तये नमः  
  56. ॐ श्री सायि अनुवर्तितवेंकूशाय नमः  वेंकटेशाय
  57. ॐ श्री सायि अनेकदिव्यमूर्तये नमः  
  58. ॐ श्री सायि अनेकाद्भुतदर्शनाय नमः  
  59. ॐ श्री सायि अनेकजन्मजं पापं स्मृतिमात्रेण हारकाय नमः  
  60. ॐ श्री सायि अनेकजन्मवृत्तांतं सविस्तारमुदीरयते नमः  60
  61. ॐ श्री सायि अनेकजन्मसंप्राप्तकर्मबंधविदारणाय नमः  
  62. ॐ श्री सायि अनेकजन्मसंसिद्धशक्तिज्ञानस्वरूपवते नमः  
  63. ॐ श्री सायि अंतर्बहिश्च सर्वत्र व्याप्ताखिलचराचराय नमः  
  64. ॐ श्री सायि अंतर्हृदय आकाशाय नमः  
  65. ॐ श्री सायि अंतकाले रक्षकाय नमः  
  66. ॐ श्री सायि अंतर्यामिने नमः  
  67. ॐ श्री सायि अंतरात्मने नमः  
  68. ॐ श्री सायि अन्नवस्त्रेप्सितप्रदाय नमः  
  69. ॐ श्री सायि अपराजितशक्तये नमः  
  70. ॐ श्री सायि अपरिग्रहभूषिताय नमः  70
  71. ॐ श्री सायि अपवर्गप्रदात्रे नमः  
  72. ॐ श्री सायि अपवर्गमयाय नमः  
  73. ॐ श्री सायि अपांतरात्मरूपेण स्रष्टुरिष्टप्रवर्तकाय नमः  
  74. ॐ श्री सायि अपावृतकृपागाराय नमः  
  75. ॐ श्री सायि अपारज्ञानशक्तिमते नमः  
  76. ॐ श्री सायि अपार्थिवदेहस्थाय नमः  
  77. ॐ श्री सायि अपांपुष्पनिबोधकाय नमः  
  78. ॐ श्री सायि अप्रपंचाय नमः  
  79. ॐ श्री सायि अप्रमत्ताय नमः  
  80. ॐ श्री सायि अप्रमेयगुणाकाराय नमः  80
  81. ॐ श्री सायि अप्राकृतवपुषे नमः  
  82. ॐ श्री सायि अप्राकृतपराक्रमाय नमः  
  83. ॐ श्री सायि अप्राथितेष्टदात्रे नमः  
  84. ॐ श्री सायि अब्दुल्लादि परागतये नमः  
  85. ॐ श्री सायि अभयं सर्वभूतेभ्यो ददामीति व्रतिने नमः  
  86. ॐ श्री सायि अभिमानातिदूराय नमः  
  87. ॐ श्री सायि अभिषेकचमत्कृतये नमः  
  88. ॐ श्री सायि अभीष्टवरवर्षिणे नमः  
  89. ॐ श्री सायि अभीक्ष्णदिव्यशक्तिभृते नमः  
  90. ॐ श्री सायि अभेदानंदसंधात्रे नमः  90
  91. ॐ श्री सायि अमर्त्याय नमः  
  92. ॐ श्री सायि अमृतवाक्सृतये नमः  
  93. ॐ श्री सायि अरविंददलाक्षाय नमः  
  94. ॐ श्री सायि अमितपराक्रमाय नमः  
  95. ॐ श्री सायि अरिषड्वर्गनाशिने नमः  
  96. ॐ श्री सायि अरिष्टघ्नाय नमः  
  97. ॐ श्री सायि अर्हःसत्तमये नमः  
  98. ॐ श्री सायि अलभ्यलाभसंधात्रे नमः  
  99. ॐ श्री सायि अल्पदानसुतोषिताय नमः  
  100. ॐ श्री सायि अल्लानाम सदावक्त्रे नमः  100
  101. ॐ श्री सायि अलंबुध्या स्वलंकृताय नमः  
  102. ॐ श्री सायि अवतारित सर्वेशाय नमः  
  103. ॐ श्री सायि अवधीरितवैभवाय नमः  
  104. ॐ श्री सायि अवलंब्यपदाब्जाय नमः  
  105. ॐ श्री सायि अवलियेतिविश्रुताय नमः  
  106. ॐ श्री सायि अवधूताखिलोपाधये नमः  
  107. ॐ श्री सायि अविशिष्टाय नमः  
  108. ॐ श्री सायि अवशिष्टस्वकार्यार्थे त्यक्तदेहं प्रविष्टवते नमः  
  109. ॐ श्री सायि अवाक्पाणिपादोरवे नमः  
  110. ॐ श्री सायि अवांगमानसगोचराय नमः  110
  111. ॐ श्री सायि अवाप्तसर्वकामोऽपि कर्मण्येव प्रतिष्टिताय नमः  
  112. ॐ श्री सायि अविच्छिन्नाग्निहोत्राय नमः  
  113. ॐ श्री सायि अविच्छिन्नसुखप्रदाय नमः  
  114. ॐ श्री सायि अवेक्षितदिगंतस्थप्रजापालननिष्ठिताय नमः  
  115. ॐ श्री सायि अव्याजकरुणासिंधवे नमः  
  116. ॐ श्री सायि अव्याहतेष्टि देशगाय नमः  
  117. ॐ श्री सायि अव्याहृतोपदेशाय नमः  
  118. ॐ श्री सायि अव्याहतसुखप्रदाय नमः  
  119. ॐ श्री सायि अशक्यशक्यकर्त्रे नमः  
  120. ॐ श्री सायि अशुभाशयशुद्धीकृते नमः  120
  121. ॐ श्री सायि अशेषभूतहृत्स्थानणवे नमः  
  122. ॐ श्री सायि अशोकमोहशृंखलाय नमः  
  123. ॐ श्री सायि अष्टैश्वर्ययुतत्यागिने नमः  
  124. ॐ श्री सायि अष्टसिद्धिपराङ्मुखाय नमः  
  125. ॐ श्री सायि असंयोगयुक्तात्मने नमः  
  126. ॐ श्री सायि असंगदृढशास्त्रभृते नमः  
  127. ॐ श्री सायि असंख्येयावतारेषु ऋणानुबंधिरक्षिताय नमः  
  128. ॐ श्री सायि अहंब्रह्मस्थितप्रज्ञाय नमः  
  129. ॐ श्री सायि अहंभावविवर्जिताय नमः  
  130. ॐ श्री सायि अहंत्वंच त्वमेवाहमिति तत्त्वप्रभोधकाय नमः  130
  131. ॐ श्री सायि अहेतुककृपासिंधवे नमः  
  132. ॐ श्री सायि अहिंसानिरताय नमः  
  133. ॐ श्री सायि अक्षीणसौहृदाय नमः  
  134. ॐ श्री सायि अक्षयाय नमः  
  135. ॐ श्री सायि अक्षयसुखप्रदाय नमः  
  136. ॐ श्री सायि अक्षरादपि कूटस्थादुत्तमपुरुषोत्तमाय नमः  
  137. ॐ श्री सायि आखुवाहनमूर्तये नमः  
  138. ॐ श्री सायि आगमाद्यंतसन्नुताय नमः  
  139. ॐ श्री सायि आगमातीतसद्भावाय नमः  
  140. ॐ श्री सायि आचार्यपरमाय नमः  140
  141. ॐ श्री सायि आत्मानुभवसंतुष्टाय नमः  
  142. ॐ श्री सायि आत्मविद्याविशारदाय नमः  
  143. ॐ श्री सायि आत्मानंदप्रकाशाय नमः  
  144. ॐ श्री सायि आत्मैव परमात्मदृशे नमः  
  145. ॐ श्री सायि ॐ श्रीसायि आत्मैकसर्वभूतात्मने नमः  
  146. ॐ श्री सायि आत्मारामाय नमः  
  147. ॐ श्री सायि आत्मवते नमः  
  148. ॐ श्री सायि आदित्यमध्यवर्तिने नमः  
  149. ॐ श्री सायि आदिमध्यांतवर्जिताय नमः  
  150. ॐ श्री सायि आनंदपरमानंदाय नमः  150
  151. ॐ श्री सायि आनंदप्रदाय नमः  
  152. ॐ श्री सायि आनाकमादृताज्ञाय नमः  
  153. ॐ श्री सायि आनतावननिर्वृतये नमः  
  154. ॐ श्री सायि आपदामपहर्त्रे नमः  
  155. ॐ श्री सायि आपद्बांधवाय नमः  
  156. ॐ श्री सायि आफ्रिकागतवैद्याय परमानंददायकाय नमः  
  157. ॐ श्री सायि आयुरारोग्यदात्रे नमः  
  158. ॐ श्री सायि आर्तत्राणपरायणाय नमः  
  159. ॐ श्री सायि आरोपनापवादैश्च मायायोगवियोगकृते नमः  
  160. ॐ श्री सायि आविष्कृत तिरोधत्त बहुरूपविडंबनाय नमः  160
  161. ॐ श्री सायि आर्द्रचित्तेन भक्तानां सदानुग्रहवर्षकाय नमः  
  162. ॐ श्री सायि आशापाशविमुक्ताय नमः  
  163. ॐ श्री सायि आशापाशविमोचकाय नमः  
  164. ॐ श्री सायि इच्छाधीनजगत्सर्वाय नमः  
  165. ॐ श्री सायि इच्छाधीनवपुषे नमः  
  166. ॐ श्री सायि इष्टेप्सितार्थदात्रे नमः  
  167. ॐ श्री सायि इच्छामोहनिवर्तकाय नमः  
  168. ॐ श्री सायि इच्छोत्थदुःखसंछेत्रे नमः  
  169. ॐ श्री सायि इंद्रियारातिदर्पघ्ने नमः  
  170. ॐ श्री सायि इंदिरारमणाह्लादिनामसहस्रपूतहृदे नमः  170
  171. ॐ श्री सायि इंदीवरदलज्योतिर्लोचनालंकृताननाय नमः  
  172. ॐ श्री सायि इंदुशीतलभाषिणे नमः  
  173. ॐ श्री सायि इंदुवत्प्रियदर्शनाय नमः  
  174. ॐ श्री सायि इष्टापूर्तशतैर्लब्धाय नमः  
  175. ॐ श्री सायि इष्टदैवस्वरूपधृते नमः  
  176. ॐ श्री सायि इष्टिकादानसुप्रीताय नमः  
  177. ॐ श्री सायि इष्टिकालयरक्षित्रे नमः  
  178. ॐ श्री सायि ईशासक्तमनोबुद्धये नमः  
  179. ॐ श्री सायि ईशाराधनतत्पराय नमः  
  180. ॐ श्री सायि ईशिताखिलदेवाय नमः  180
  181. ॐ श्री सायि ईशावास्यार्थसूचकाय नमः  
  182. ॐ श्री सायि उच्चारणाधृते भक्तहृदांत उपदेशकाय नमः  
  183. ॐ श्री सायि उत्तमोत्तममार्गिणे नमः  
  184. ॐ श्री सायि उत्तमोत्तारकर्मकृते नमः  
  185. ॐ श्री सायि उदासीनवदासीनाय नमः  
  186. ॐ श्री सायि उद्धरामीत्युदीरकाय नमः  
  187. ॐ श्री सायि उद्धवाय मया प्रोक्तंभागवतमिति ब्रुवते नमः  
  188. ॐ श्री सायि उन्मत्तश्वाभिगोप्त्रे नमः  
  189. ॐ श्री सायि उन्मत्तवेषनामधृते नमः  
  190. ॐ श्री सायि उपद्रवनिवारिणे नमः  190
  191. ॐ श्री सायि उपांशुजपबोधकाय नमः  
  192. ॐ श्री सायि उमेशामेशयुक्तात्मने नमः  
  193. ॐ श्री सायि ऊर्जितभक्तिलक्षणाय नमः  
  194. ॐ श्री सायि ऊर्जितवाक्प्रदात्रे नमः  
  195. ॐ श्री सायि ऊर्ध्वरेतसे नमः  
  196. ॐ श्री सायि ऊर्ध्वमूलमधःशाखमश्वत्थं भस्मसात्कराय नमः  
  197. ॐ श्री सायि ऊर्ध्वगतिविधात्रे नमः  
  198. ॐ श्री सायि ऊर्ध्वबद्धद्विकेतनाय नमः  
  199. ॐ श्री सायि ऋजवे नमः  
  200. ॐ श्री सायि ऋतंबरप्रज्ञाय नमः  200
  201. ॐ श्री सायि ऋणक्लिष्टधनप्रदाय नमः  
  202. ॐ श्री सायि ऋणानुबद्धजंतुनां ऋणमुक्त्यै फलप्रदाय नमः  
  203. ॐ श्री सायि ॐ श्रीसायि एकाकिने नमः  
  204. ॐ श्री सायि एकभक्तये नमः  
  205. ॐ श्री सायि एकवाक्कायमानसाय नमः  
  206. ॐ श्री सायि एकादश्यां स्वभक्तानां स्वतनोकृतनिष्कृतये नमः  
  207. ॐ श्री सायि एकाक्षरपरज्ञानिने नमः  
  208. ॐ श्री सायि एकात्मा सर्वदेशदृशे नमः  
  209. ॐ श्री सायि एकेश्वरप्रतीतये नमः  
  210. ॐ श्री सायि एकरीत्यादृताखिलाय नमः  210
  211. ॐ श्री सायि ऐक्यानंदगतद्वंद्वाय नमः  
  212. ॐ श्री सायि ऐक्यानंदविधायकाय नमः  
  213. ॐ श्री सायि ऐक्यकृते नमः  
  214. ॐ श्री सायि ऐक्यभूतात्मने नमः  
  215. ॐ श्री सायि ऐहिकामुष्मिकप्रदाय नमः  
  216. ॐ श्री सायि ओंकारादराय नमः  
  217. ॐ श्री सायि ओजस्विने नमः  
  218. ॐ श्री सायि औषधीकृतभस्मदाय नमः  
  219. ॐ श्री सायि कथाकीर्तनापद्धत्यां नारदानुष्ठितं स्तुवते नमः  
  220. ॐ श्री सायि कपर्दे क्लेशनाशिने नमः  220
  221. ॐ श्री सायि कबीरदास अवतारकाय नमः  
  222. ॐ श्री सायि कपर्दे पुत्ररक्षार्थमनुभूततदामयाय नमः  
  223. ॐ श्री सायि कमलाऽऽश्लिष्टपादाब्जाय नमः  
  224. ॐ श्री सायि कमलायतलोचनाय नमः  
  225. ॐ श्री सायि कंदर्पदर्पविध्वंसिने नमः  
  226. ॐ श्री सायि कमनीयगुणालयाय नमः  
  227. ॐ श्री सायि कर्ताऽकर्ताऽन्यथाकर्त्रे नमः  
  228. ॐ श्री सायि कर्मयुक्तोप्यकर्मकृते नमः  
  229. ॐ श्री सायि कर्मकृते नमः  
  230. ॐ श्री सायि कर्मनिर्मुक्ताय नमः  230
  231. ॐ श्री सायि कर्माऽकर्मविचक्षणाय नमः  
  232. ॐ श्री सायि कर्मबीजक्षयंकर्त्रे नमः  
  233. ॐ श्री सायि कर्मनिर्मूलनक्षमाय नमः  
  234. ॐ श्री सायि कर्मव्याधिव्यपोहिने नमः  
  235. ॐ श्री सायि कर्मबंधविनाशकाय नमः  
  236. ॐ श्री सायि कलिमलापहारिणे नमः  
  237. ॐ श्री सायि कलौ प्रत्यक्षदेवताय नमः  
  238. ॐ श्री सायि कलियुगावताराय नमः  
  239. ॐ श्री सायि कल्युत्थभवभंजनाय नमः  
  240. ॐ श्री सायि कल्याणानंतनाम्ने नमः  240
  241. ॐ श्री सायि कल्याणगुणभूषणाय नमः  
  242. ॐ श्री सायि कविदासगणुत्रात्रे नमः  
  243. ॐ श्री सायि कष्टनाशकरौषधाय नमः  
  244. ॐ श्री सायि काकादीक्षितरक्षायां धुरीणोऽहमितीरकाय नमः  
  245. ॐ श्री सायि कानाभिलादपि दासगनुं त्रात्रे नमः  
  246. ॐ श्री सायि कानने पानदानकृते नमः  
  247. ॐ श्री सायि कामजिते नमः  
  248. ॐ श्री सायि कामरूपिणे नमः  
  249. ॐ श्री सायि कामसंकल्पवर्जिताय नमः  
  250. ॐ श्री सायि कामितार्थप्रदात्रे नमः  250
  251. ॐ श्री सायि कामादिशत्रुनाशनाय नमः  
  252. ॐ श्री सायि काम्यकर्म सुसन्यस्ताय नमः  
  253. ॐ श्री सायि कामेराशक्तिनाशकाय नमः  
  254. ॐ श्री सायि कालाय नमः  
  255. ॐ श्री सायि कालकालाय नमः  
  256. ॐ श्री सायि कालातीताय नमः  
  257. ॐ श्री सायि कालकृते नमः  
  258. ॐ श्री सायि कालदर्पविनाशिने नमः  
  259. ॐ श्री सायि कालरा तर्जनक्षमाय नमः  
  260. ॐ श्री सायि कालशुनकदत्तान्नं ज्वरंहरेदिति ब्रुवते नमः  260
  261. ॐ श्री सायि कालाग्निसदृशक्रोधाय नमः  
  262. ॐ श्री सायि काशिरामसुरक्षकाय नमः  
  263. ॐ श्री सायि कीर्तिव्याप्तदिगंताय नमः  
  264. ॐ श्री सायि कुप्नीवीतकलेवराय नमः  
  265. ॐ श्री सायि कुंबाराग्निशिशुत्रात्रे नमः  
  266. ॐ श्री सायि कुष्ठरोगनिवारकाय नमः  
  267. ॐ श्री सायि कूटस्थाय नमः  
  268. ॐ श्री सायि कृतज्ञाय नमः  
  269. ॐ श्री सायि कृत्स्नक्षेत्रप्रकाशकाय नमः  
  270. ॐ श्री सायि कृत्स्नज्ञाय नमः  270
  271. ॐ श्री सायि कृपापूर्णाय नमः  
  272. ॐ श्री सायि कृपया पालितार्भकाय नमः  
  273. ॐ श्री सायि कृष्णरामशिवात्रेयमारुत्यादिस्वरूपधृते नमः  
  274. ॐ श्री सायि केवलात्मानुभूतये नमः  
  275. ॐ श्री सायि कैवल्यपददायकाय नमः  
  276. ॐ श्री सायि कोविदाय नमः  
  277. ॐ श्री सायि कोमलांगाय नमः  
  278. ॐ श्री सायि कोपव्याजशुभप्रदाय नमः  
  279. ॐ श्री सायि कोऽहमिति दिवानक्तं विचारमनुशासकाय नमः  
  280. ॐ श्री सायि क्लिष्टरक्षाधुरीणाय नमः  280
  281. ॐ श्री सायि क्रोधजिते नमः  
  282. ॐ श्री सायि क्लेशनाशनाय नमः  
  283. ॐ श्री सायि गगनसौक्ष्म्यविस्ताराय नमः  
  284. ॐ श्री सायि गंभीरमधुरस्वनाय नमः  
  285. ॐ श्री सायि गंगातीरनिवासिने नमः  
  286. ॐ श्री सायि गंगोत्पत्तिपदांबुजाय नमः  
  287. ॐ श्री सायि गंगागिरिरिति ख्यातयतिश्रेष्ठेन संस्तुताय नमः  
  288. ॐ श्री सायि गंधपुष्पाक्षतैः पूज्याय नमः  
  289. ॐ श्री सायि गतिविदे नमः  
  290. ॐ श्री सायि गतिसूचकाय नमः  290
  291. ॐ श्री सायि गह्वरेष्ठपुराणाय नमः  
  292. ॐ श्री सायि गर्वमात्सर्यवर्जिताय नमः  
  293. ॐ श्री सायि गाननृत्यविनोदाय नमः  
  294. ॐ श्री सायि गालवंकर्वरप्रदाय नमः  
  295. ॐ श्री सायि गिरीशसदृशत्यागिने नमः  
  296. ॐ श्री सायि गीताचार्याय नमः  
  297. ॐ श्री सायि गीताद्भुतार्थवक्त्रे नमः  
  298. ॐ श्री सायि गीतारहस्यसंप्रदाय नमः  
  299. ॐ श्री सायि गीताज्ञानमयाय नमः  
  300. ॐ श्री सायि गीतापूर्णोपदेशकाय नमः  300
  301. ॐ श्री सायि गुणातीताय नमः  
  302. ॐ श्री सायि गुणात्मने नमः  
  303. ॐ श्री सायि गुणदोषविवर्जिताय नमः  
  304. ॐ श्री सायि गुणागुणेषु वर्तंत इत्यनासक्तिसुस्तिराय नमः  
  305. ॐ श्री सायि गुप्ताय नमः  
  306. ॐ श्री सायि गुहाहिताय नमः  
  307. ॐ श्री सायि गूढाय नमः  
  308. ॐ श्री सायि गुप्तसर्वनिबोधकाय नमः  
  309. ॐ श्री सायि गुर्वंघ्रितीव्रभक्तिचेतदेवालयमितीरयते नमः  
  310. ॐ श्री सायि गुरवे नमः  310
  311. ॐ श्री सायि गुरुतमाय नमः  
  312. ॐ श्री सायि गुह्याय नमः  
  313. ॐ श्री सायि गुरुपादपरायणाय नमः  
  314. ॐ श्री सायि गुर्वीशांघ्रिसदाध्यात्रे नमः  
  315. ॐ श्री सायि गुरुसंतोषवर्धनाय नमः  
  316. ॐ श्री सायि गुरुप्रेमसमालब्धपरिपूर्णस्वरूपवते नमः  
  317. ॐ श्री सायि गुरूपासनसंसिद्धाय नमः  
  318. ॐ श्री सायि गुरुमार्गप्रवर्तकाय नमः  
  319. ॐ श्री सायि गुर्वात्मदेवताबुद्ध्या ब्रह्मानंदमयाय नमः  
  320. ॐ श्री सायि गुरोस्समाधिपार्श्वस्थनिंबच्छायानिवासकृते नमः  320
  321. ॐ श्री सायि गुरुवेंकूशसंप्राप्तवस्त्रेष्टिका सदाधृताय नमः  
  322. ॐ श्री सायि गुरुपरंपराऽऽदिष्टसर्वत्यागपरायणाय नमः  
  323. ॐ श्री सायि गुरुपरंपराप्राप्तसच्चिदानंदमूर्तिमते नमः  
  324. ॐ श्री सायि गृहहीनमहाराजाय नमः  
  325. ॐ श्री सायि गृहमेधिपराश्रयाय नमः  
  326. ॐ श्री सायि गोपींस्त्राता यथा कृष्णस्तथा नाच्ने कुलावनाय नमः  
  327. ॐ श्री सायि गोपालगुंडूरायादि पुत्रपौत्रादिवर्धनाय नमः  
  328. ॐ श्री सायि गोष्पदीकृतकष्टाब्धये नमः  
  329. ॐ श्री सायि गोदावरीतटागताय नमः  
  330. ॐ श्री सायि चतुर्भुजाय नमः  330
  331. ॐ श्री सायि चतुर्बाहुनिवारितनृसंकटाय नमः  
  332. ॐ श्री सायि चमत्कारैः संक्लिष्टैर्भक्तिज्ञानविवर्धनाय नमः  
  333. ॐ श्री सायि चंदनालेपारुष्टानां दुष्टानां धर्षणक्षमाय नमः  
  334. ॐ श्री सायि चंदोर्करादि भक्तानांसदापालननिष्ठिताय नमः  
  335. ॐ श्री सायि चराचरपरिव्याप्ताय नमः  
  336. ॐ श्री सायि चर्मदाहेऽप्यविकृयाय नमः  
  337. ॐ श्री सायि चांदभायाख्य पाटेलार्थं चमत्कारसहायकृते नमः  
  338. ॐ श्री सायि चिंतामग्नपरित्राणे तस्य सर्वभारंवहाय नमः  
  339. ॐ श्री सायि चित्रातिचित्र चारित्राय नमः  
  340. ॐ श्री सायि चिन्मयानंदाय नमः  340
  341. ॐ श्री सायि चिरवासकृतैर्बंधैः शिर्डिग्रामं पुनर्गताय नमः  
  342. ॐ श्री सायि चोराद्याहृतवस्तूनि दत्तान्येवेतिहर्षिताय नमः  
  343. ॐ श्री सायि छिन्नसंशयाय नमः  
  344. ॐ श्री सायि छिन्नसंसारबंधनाय नमः  
  345. ॐ श्री सायि जगत्पित्रे नमः  
  346. ॐ श्री सायि जगन्मात्रे नमः  
  347. ॐ श्री सायि जगत्त्रात्रे नमः  
  348. ॐ श्री सायि जगद्धिताय नमः  
  349. ॐ श्री सायि जगत्स्रष्ट्रे नमः  
  350. ॐ श्री सायि जगत्साक्षिणे नमः  350
  351. ॐ श्री सायि जगद्व्यापिने नमः  
  352. ॐ श्री सायि जगद्गुरवे नमः  
  353. ॐ श्री सायि जगत्प्रभवे नमः  
  354. ॐ श्री सायि जगन्नाथाय नमः  
  355. ॐ श्री सायि जगदेकदिवाकराय नमः  
  356. ॐ श्री सायि जगन्मोहचमत्काराय नमः  
  357. ॐ श्री सायि जगन्नाटकसूत्रधृते नमः  
  358. ॐ श्री सायि जगन्मंगलकर्त्रे नमः  
  359. ॐ श्री सायि जगन्मायेति बोधकाय नमः  
  360. ॐ श्री सायि जडोन्मत्तपिशाचाभोप्यंतःसच्चित्सुखस्थिताय नमः  360
  361. ॐ श्री सायि जन्मबंधविनिर्मुक्ताय नमः  
  362. ॐ श्री सायि जन्मसाफल्यमंत्रदाय नमः  
  363. ॐ श्री सायि जन्मजन्मांतरज्ञाय नमः  
  364. ॐ श्री सायि जन्मनाशरहस्यविदे नमः  
  365. ॐ श्री सायि जप्तनामसुसंतुष्टहरिप्रत्यक्षभाविताय नमः  
  366. ॐ श्री सायि जनजल्पमनाद्यत्य(मनाकृष्ट) जपसिद्धिमहाद्युतये नमः  
  367. ॐ श्री सायि जपप्रेरितभक्ताय नमः  
  368. ॐ श्री सायि जप्यनाम्ने नमः  
  369. ॐ श्री सायि जनेश्वराय नमः  
  370. ॐ श्री सायि जलहीनस्थले खिन्नभक्तार्थं जलसृष्टिकृते नमः  370
  371. ॐ श्री सायि जवारालीति मौलानासेवनेऽक्लिष्टमानसाय नमः  
  372. ॐ श्री सायि जातग्रामांतगुरोर्वासं तस्मात्पूर्वस्थलं व्रजते नमः  
  373. ॐ श्री सायि जातिभेदमतैर्भेद इति भेदतिरस्कृताय नमः  
  374. ॐ श्री सायि जातिविद्याधनैश्चापि हीनानार्द्रहृदावनाय नमः  
  375. ॐ श्री सायि जांबूनदपरित्यागिने नमः  
  376. ॐ श्री सायि जागरूकावितप्रजाय नमः  
  377. ॐ श्री सायि जायापत्यगृहक्षेत्रस्वजनस्वार्थवर्जिताय नमः  
  378. ॐ श्री सायि जितद्वैतमहामोहाय नमः  
  379. ॐ श्री सायि जितक्रोधाय नमः  
  380. ॐ श्री सायि जितेंद्रियाय नमः  380
  381. ॐ श्री सायि जितकंदर्पदर्पाय नमः  
  382. ॐ श्री सायि जितात्मने नमः  
  383. ॐ श्री सायि जितषड्रिपवे नमः  
  384. ॐ श्री सायि जीर्णहूणालयस्थाने पूर्वजन्मकृतं स्मरते नमः  
  385. ॐ श्री सायि जीर्णहूणालयं चाद्य सर्वमर्त्यालयंकराय नमः  
  386. ॐ श्री सायि जीर्णवस्त्रसमं मत्वा देहं त्यक्त्वा सुखं स्थिताय नमः  
  387. ॐ श्री सायि जीर्णवस्त्रसमं पश्यन् त्यक्त्वा देहं प्रविष्टवते नमः  
  388. ॐ श्री सायि जीवन्मुक्ताय नमः  
  389. ॐ श्री सायि जीवानां मुक्तिसद्गतिदायकाय नमः  
  390. ॐ श्री सायि ज्योतिषशास्त्ररहस्यज्ञाय नमः  390
  391. ॐ श्री सायि ज्योतिर्ज्ञानप्रदाय नमः  
  392. ॐ श्री सायि ज्योत्स्ना सूर्यं दृशा पश्यते नमः  
  393. ॐ श्री सायि ज्ञानभास्करमूर्तिमते नमः  
  394. ॐ श्री सायि ज्ञानसर्वरहस्याय नमः  
  395. ॐ श्री सायि ज्ञातब्रह्मपरात्पराय नमः  
  396. ॐ श्री सायि ज्ञानभक्तिप्रदाय नमः  
  397. ॐ श्री सायि ज्ञानविज्ञाननिश्चयाय नमः  
  398. ॐ श्री सायि ज्ञानशक्तिसमारूढाय नमः  
  399. ॐ श्री सायि ज्ञानयोगव्यवस्थिताय नमः  
  400. ॐ श्री सायि ज्ञानाग्निदग्धकर्मणे नमः  400
  401. ॐ श्री सायि ज्ञाननिर्धूतकल्मषाय नमः  
  402. ॐ श्री सायि ज्ञानवैराग्यसंधात्रे नमः  
  403. ॐ श्री सायि ज्ञानसंछिन्नसंशयाय नमः  
  404. ॐ श्री सायि ज्ञानापास्तमहामोहाय नमः  
  405. ॐ श्री सायि ज्ञानीत्यात्मैव निश्चयाय नमः  
  406. ॐ श्री सायि ज्ञानेश्वरी पठद्दैवप्रतिबंधनिवारकाय नमः  
  407. ॐ श्री सायि ज्ञानाय नमः  
  408. ॐ श्री सायि ज्ञेयाय नमः  
  409. ॐ श्री सायि ज्ञानगम्याय नमः  
  410. ॐ श्री सायि ज्ञातसर्वपरं मताय नमः  410
  411. ॐ श्री सायि ज्योतिषां प्रथमज्योतिषे नमः  
  412. ॐ श्री सायि ज्योतिर्हीनद्युतिप्रदाय नमः  
  413. ॐ श्री सायि तपस्संदीप्ततेजस्विने नमः  
  414. ॐ श्री सायि तप्तकांचनसन्निभाय नमः  
  415. ॐ श्री सायि तत्त्वज्ञानार्थदर्शिने नमः  
  416. ॐ श्री सायि तत्त्वमस्यादिलक्षिताय नमः  
  417. ॐ श्री सायि तत्त्वविदे नमः  
  418. ॐ श्री सायि तत्त्वमूर्तये नमः  
  419. ॐ श्री सायि तंद्राऽऽलस्यविवर्जिताय नमः  
  420. ॐ श्री सायि तत्त्वमालाधराय नमः  420
  421. ॐ श्री सायि तत्त्वसारविशारदाय नमः  
  422. ॐ श्री सायि तर्जितांतकदूताय नमः  
  423. ॐ श्री सायि तमसःपराय नमः  
  424. ॐ श्री सायि तात्यागणपतिप्रेष्ठाय नमः  
  425. ॐ श्री सायि तात्यानूल्कर्गतिप्रदाय नमः  
  426. ॐ श्री सायि तारकब्रह्मनाम्ने नमः  
  427. ॐ श्री सायि तमोरजोविवर्जिताय नमः  
  428. ॐ श्री सायि तामरसदलाक्षाय नमः  
  429. ॐ श्री सायि ताराबाय्यसुरक्षाय नमः  
  430. ॐ श्री सायि तिलकपूजितांघ्रये नमः  430
  431. ॐ श्री सायि तिर्यग्जंतुगतिप्रदाय नमः  
  432. ॐ श्री सायि तीर्थकृतनिवासाय नमः  
  433. ॐ श्री सायि तीर्थपादाय नमः  
  434. ॐ श्री सायि तीव्रभक्ति नृसिंहादिभक्तालीभूर्यनुग्रहाय नमः  
  435. ॐ श्री सायि तीव्रप्रेमविरागाप्तवेंकटेशकृपानिधये नमः  
  436. ॐ श्री सायि तुल्यप्रियाप्रियाय नमः  
  437. ॐ श्री सायि तुल्यनिंदाऽऽत्मसंस्तुतये नमः  
  438. ॐ श्री सायि तुल्याधिकविहीनाय नमः  
  439. ॐ श्री सायि तुष्टसज्जनसंवृताय नमः  
  440. ॐ श्री सायि तृप्तात्मने नमः  440
  441. ॐ श्री सायि तृषाहीनाय नमः  
  442. ॐ श्री सायि तृणीकृतजगद्वसवे नमः  
  443. ॐ श्री सायि तैलीकृतजलपूर्णदीपसंज्वलितालयाय नमः  
  444. ॐ श्री सायि त्रिकालज्ञाय नमः  
  445. ॐ श्री सायि त्रिमूर्तये नमः  
  446. ॐ श्री सायि त्रिगुणातीताय नमः  
  447. ॐ श्री सायि त्रियामायोगनिष्ठात्मा दशदिग्भक्तपालकाय नमः  
  448. ॐ श्री सायि त्रिवर्गमोक्षसंधात्रे नमः  
  449. ॐ श्री सायि त्रिपुटिरहितस्थितये नमः  
  450. ॐ श्री सायि त्रिलोकस्वेच्छासंचारिणे नमः  450
  451. ॐ श्री सायि त्रैलोक्यतिमिरापहाय नमः  
  452. ॐ श्री सायि त्यक्तकर्मफलासंगाय नमः  
  453. ॐ श्री सायि त्यक्तभोगसदासुखिने नमः  
  454. ॐ श्री सायि त्यक्तदेहात्मबुद्धये नमः  
  455. ॐ श्री सायि त्यक्तसर्वपरिग्रहाय नमः  
  456. ॐ श्री सायि त्यक्त्वा मायामयं सर्वं स्वे महिम्नि सदा स्थिताय नमः  
  457. ॐ श्री सायि दंडधृते नमः  
  458. ॐ श्री सायि दंडनार्हाणां दुष्टवृत्तेर्निवर्तकाय नमः  
  459. ॐ श्री सायि दंभदर्पातिदूराय नमः  
  460. ॐ श्री सायि दक्षिणामूर्तये नमः  460
  461. ॐ श्री सायि दक्षिणादानकर्तृभ्यो दशधाप्रतिदायकाय नमः  
  462. ॐ श्री सायि दक्षिणाप्रार्थनाद्वारा शुभकृत्तत्त्वबोधकाय नमः  
  463. ॐ श्री सायि दयापराय नमः  
  464. ॐ श्री सायि दयासिंधवे नमः  
  465. ॐ श्री सायि दत्तात्रेयाय नमः  
  466. ॐ श्री सायि दरिद्रोऽयं धनीवेति भेदाचारविवर्जिताय नमः  
  467. ॐ श्री सायि दहराकाशभानवे नमः  
  468. ॐ श्री सायि दग्धहस्तार्भकावनाय नमः  
  469. ॐ श्री सायि दारिद्र्यदुःखभीतिघ्नाय नमः  
  470. ॐ श्री सायि दामोदरवरप्रदाय नमः  470
  471. ॐ श्री सायि दानशौंडाय नमः  
  472. ॐ श्री सायि दांताय नमः  
  473. ॐ श्री सायि दानैश्चान्यान् वशं नयते नमः  
  474. ॐ श्री सायि दानमार्गस्खलत्पादनानाचंदोर्करावनाय नमः  
  475. ॐ श्री सायि दिव्यज्ञानप्रदाय नमः  
  476. ॐ श्री सायि दिव्यमंगलविग्रहाय नमः  
  477. ॐ श्री सायि दीनदयापराय नमः  
  478. ॐ श्री सायि दीर्घदृशे नमः  
  479. ॐ श्री सायि दीनवत्सलाय नमः  
  480. ॐ श्री सायि दुष्टानां दमने शक्ताय नमः  480
  481. ॐ श्री सायि दुरादर्षतपोबलाय नमः  
  482. ॐ श्री सायि दुर्भिक्षोऽप्यन्नदात्रे नमः  
  483. ॐ श्री सायि दुदृष्टविनाशकृते नमः  
  484. ॐ श्री सायि दुःखशोकभयद्वेषमोहाद्यशुभनाशकाय नमः  
  485. ॐ श्री सायि दुष्टनिग्रह-शिष्टानुग्रहरूपमहाव्रताय नमः  
  486. ॐ श्री सायि दुष्टमूर्खजडादिनामप्रकाशस्वरूपवते नमः  
  487. ॐ श्री सायि दुष्टजंतुपरित्रात्रे नमः  
  488. ॐ श्री सायि दूरवर्तिसमस्तदृशे नमः  
  489. ॐ श्री सायि दृश्यं नश्यं न विश्वास्यमिति बुद्धिप्रबोधकाय नमः  
  490. ॐ श्री सायि दृश्यं सर्वं हि चैतन्यमित्यानंदप्रतिष्ठाय नमः  490
  491. ॐ श्री सायि देहे विगलिताशाय नमः  
  492. ॐ श्री सायि देहयात्रार्थं अन्नभुजे नमः  
  493. ॐ श्री सायि देहो गेहस्ततो मांतु निन्ये गुरुरितीरकाय नमः  
  494. ॐ श्री सायि देहात्मबुद्धिहीनाय नमः  
  495. ॐ श्री सायि देहमोहप्रभंजनाय नमः  
  496. ॐ श्री सायि देहो देवालयस्तस्मिन् देवं पश्येदित्युदीरयते नमः  
  497. ॐ श्री सायि दैवीसंपत्प्रपूर्णाय नमः  
  498. ॐ श्री सायि देशोद्धारसहायकृते नमः  
  499. ॐ श्री सायि द्वंद्वमोहविनिर्मुक्ताय नमः  
  500. ॐ श्री सायि द्वंद्वातीतविमत्सराय नमः  500
  501. ॐ श्री सायि द्वारकामायिवासिने (द्वारकामयि) नमः  
  502. ॐ श्री सायि द्वेषद्रोहविवर्जिताय नमः  
  503. ॐ श्री सायि द्वैताद्वैतविशिष्ठदीन् काले स्थाने विबोधकाय नमः  
  504. ॐ श्री सायि धनहीनान् धनाढ्यांश्च समदृष्ट्यैव रक्षकाय नमः  
  505. ॐ श्री सायि धनदेनसमत्यागाय नमः  
  506. ॐ श्री सायि धरणीधरसन्निभाय नमः  
  507. ॐ श्री सायि धर्मज्ञाय नमः  
  508. ॐ श्री सायि धर्मसेतवे नमः  
  509. ॐ श्री सायि धर्मस्थापनसंभवाय नमः  
  510. ॐ श्री सायि धुमाले उपासनी पत्न्योः निर्वाणे सद्गतिप्रदाय नमः  510
  511. ॐ श्री सायि धूपखेडा पटेल चांदभाय नष्टाश्वस्थानसूचकाय नमः  
  512. ॐ श्री सायि धूमयानात् पतत्पाथेवार पत्नी सुरक्षकाय नमः  
  513. ॐ श्री सायि ध्यानावस्थितचेतसे नमः  
  514. ॐ श्री सायि धृत्युत्साहसमन्विताय नमः  
  515. ॐ श्री सायि नतजनावनाय नमः  
  516. ॐ श्री सायि नरलोकमनोरमाय नमः  
  517. ॐ श्री सायि नष्टदृष्टिप्रदात्रे नमः  
  518. ॐ श्री सायि नरलोकविडंबनाय नमः  
  519. ॐ श्री सायि नागसर्पे मयूरे च समारूढषडाननाय नमः  
  520. ॐ श्री सायि नाना चांदोर्करं आहूय तत्सद्गत्यै कृतोद्यमया नमः  520
  521. ॐ श्री सायि नाना निंहोणकस्यांते स्वांघ्रिध्यानलयप्रदाय नमः  
  522. ॐ श्री सायि नानादेशाभिधाकाराय नमः  
  523. ॐ श्री सायि नानाविधिसमर्चिताय नमः  
  524. ॐ श्री सायि नारायणमहाराज संश्लाघितपदांबुजाय नमः  
  525. ॐ श्री सायि नारायणपराय नमः  
  526. ॐ श्री सायि नामवर्जिताय नमः  
  527. ॐ श्री सायि निगृहितेंद्रियग्रामाय नमः  
  528. ॐ श्री सायि निगमागम अगोचराय नमः  
  529. ॐ श्री सायि नित्यसर्वगतस्थाणवे नमः  
  530. ॐ श्री सायि नित्यतृप्ताय नमः  530
  531. ॐ श्री सायि निराश्रयाय नमः  
  532. ॐ श्री सायि नित्यान्नदानधर्मिष्ठाय नमः  
  533. ॐ श्री सायि नित्यानंदप्रवाहकाय नमः  
  534. ॐ श्री सायि नित्यमंगलधाम्ने नमः  
  535. ॐ श्री सायि नित्याग्निहोत्रवर्धनाय नमः  
  536. ॐ श्री सायि नित्यकर्मनियोक्त्रे नमः  
  537. ॐ श्री सायि नित्यसत्त्वस्थिताय नमः  
  538. ॐ श्री सायि निंबपादपमूलस्थाय नमः  
  539. ॐ श्री सायि निरंतराग्निरक्षित्रे नमः  
  540. ॐ श्री सायि निस्पृहा नमः  540
  541. ॐ श्री सायि निर्विकल्पाय नमः  
  542. ॐ श्री सायि निरंकुशगतागतये नमः  
  543. ॐ श्री सायि निर्जितकामनादोषाय नमः  
  544. ॐ श्री सायि निराशाय नमः  
  545. ॐ श्री सायि निरंजनाय नमः  
  546. ॐ श्री सायि निर्विकल्पसमाधिस्थाय नमः  
  547. ॐ श्री सायि निरपेक्षाय नमः  
  548. ॐ श्री सायि निर्गुणाय नमः  
  549. ॐ श्री सायि निर्द्वंद्वाय नमः  
  550. ॐ श्री सायि नित्यसत्त्वस्थाय नमः  550
  551. ॐ श्री सायि निर्विकाराय नमः  
  552. ॐ श्री सायि निश्चलाय नमः  
  553. ॐ श्री सायि निरालंबाय नमः  
  554. ॐ श्री सायि निराकाराय नमः  
  555. ॐ श्री सायि निवृत्तगुणदोषकाय नमः  
  556. ॐ श्री सायि नूल्कर विजयानंद माहिषां दत्तसद्गतये नमः  
  557. ॐ श्री सायि नरसिंह गनूदास दत्त प्रचारसाधनाय नमः  
  558. ॐ श्री सायि नैष्ठिकब्रह्मचर्याय नमः  
  559. ॐ श्री सायि नैष्कर्म्यपरिनिष्ठिताय नमः  
  560. ॐ श्री सायि पंडरीपांडुरंगाख्याय नमः  560
  561. ॐ श्री सायि पाटिल तात्याजी मातुलाय नमः  
  562. ॐ श्री सायि पतितपावनाय नमः  
  563. ॐ श्री सायि पत्रिग्रामसमुद्भवाय नमः  
  564. ॐ श्री सायि पदविसृष्टगंगांभसे नमः  
  565. ॐ श्री सायि पदांबुजनतावनाय नमः  
  566. ॐ श्री सायि परब्रह्मस्वरूपिणे नमः  
  567. ॐ श्री सायि परमकरुणालयाय नमः  
  568. ॐ श्री सायि परतत्त्वप्रदीपाय नमः  
  569. ॐ श्री सायि परमार्थनिवेदकाय नमः  
  570. ॐ श्री सायि परमानंदनिस्यंदाय नमः  570
  571. ॐ श्री सायि परंज्योतिषे नमः  
  572. ॐ श्री सायि परात्पराय नमः  
  573. ॐ श्री सायि परमेष्ठिने नमः  
  574. ॐ श्री सायि परंधाम्ने नमः  
  575. ॐ श्री सायि परमेश्वराय नमः  
  576. ॐ श्री सायि परमसद्गुरवे नमः  
  577. ॐ श्री सायि परमाचार्याय नमः  
  578. ॐ श्री सायि परधर्मभयाद्भक्तान् स्वे स्वे धर्मे नियोजकाय नमः  
  579. ॐ श्री सायि परार्थैकांतसंभूतये नमः  
  580. ॐ श्री सायि परमात्मने नमः  580
  581. ॐ श्री सायि परागतये नमः  
  582. ॐ श्री सायि पापतापौघसंहारिणे नमः  
  583. ॐ श्री सायि पामरव्याजपंडिताय नमः  
  584. ॐ श्री सायि पापाद्दासं समाकृष्य पुण्यमार्गप्रवर्तकाय नमः  
  585. ॐ श्री सायि पिपीलिकासुखान्नदाय नमः  
  586. ॐ श्री सायि पिशाचे च व्यवस्थिताय नमः  
  587. ॐ श्री सायि पुत्रकामेष्ठि यागादेः ऋते संतानवर्धनाय नमः  
  588. ॐ श्री सायि पुनरुज्जीवितप्रेताय नमः  
  589. ॐ श्री सायि पुनरावृत्तिनाशकाय नमः  
  590. ॐ श्री सायि पुनःपुनरिहागम्य भक्तेभ्यः सद्गतिप्रदाय नमः  590
  591. ॐ श्री सायि पुंडरीकायताक्षाय नमः  
  592. ॐ श्री सायि पुण्यश्रवणकीर्तनाय नमः  
  593. ॐ श्री सायि पुरंदरादि भक्ताग्र्यपरित्राणधुरंधराय नमः  
  594. ॐ श्री सायि पुराणपुरुषाय नमः  
  595. ॐ श्री सायि पुरीशाय नमः  
  596. ॐ श्री सायि पुरुषोत्तमाय नमः  
  597. ॐ श्री सायि पूजापराङ्मुखाय नमः  
  598. ॐ श्री सायि पूर्णाय नमः  
  599. ॐ श्री सायि पूर्णवैराग्यशोभिताय नमः  
  600. ॐ श्री सायि पूर्णानंदस्वरूपिणे नमः  600
  601. ॐ श्री सायि पूर्णकृपानिधये नमः  
  602. ॐ श्री सायि पूर्णचंद्रसमाह्लादिने नमः  
  603. ॐ श्री सायि पूर्णकामाय नमः  
  604. ॐ श्री सायि पूर्वजाय नमः  
  605. ॐ श्री सायि प्रणतपालनोद्युक्ताय नमः  
  606. ॐ श्री सायि प्रणतार्तिहराय नमः  
  607. ॐ श्री सायि प्रत्यक्षदेवतामूर्तये नमः  
  608. ॐ श्री सायि प्रत्यगात्मनिदर्शकाय नमः  
  609. ॐ श्री सायि प्रपन्नपारिजाताय नमः  
  610. ॐ श्री सायि प्रपन्नानां परागतये नमः  610
  611. ॐ श्री सायि प्रमाणातीतचिन्मूर्तये नमः  
  612. ॐ श्री सायि प्रमादाभिधमृत्युजिते नमः  
  613. ॐ श्री सायि प्रसन्नवदनाय नमः  
  614. ॐ श्री सायि प्रसादाभिमुखद्युतये नमः  
  615. ॐ श्री सायि प्रशस्तवाचे नमः  
  616. ॐ श्री सायि प्रशांतात्मने नमः  
  617. ॐ श्री सायि प्रियसत्यमुदाहरते नमः  
  618. ॐ श्री सायि प्रेमदाय नमः  
  619. ॐ श्री सायि प्रेमवश्याय नमः  
  620. ॐ श्री सायि प्रेममार्गैकसाधनाय नमः  620
  621. ॐ श्री सायि बहुरूपनिगूढात्मने नमः  
  622. ॐ श्री सायि बलदृप्तदमक्षमाय नमः  
  623. ॐ श्री सायि बलातिदर्प भय्याजि महागर्वविभंजनाय नमः  
  624. ॐ श्री सायि बुधसंतोषदाय नमः  
  625. ॐ श्री सायि बुद्धाय नमः  
  626. ॐ श्री सायि बुधजनावनाय नमः  
  627. ॐ श्री सायि बृहद्बंधविमोक्त्रे नमः  
  628. ॐ श्री सायि बृहद्भारवहक्षमाय नमः  
  629. ॐ श्री सायि ब्रह्मकुलसमुद्भूताय नमः  
  630. ॐ श्री सायि ब्रह्मचारिव्रतस्थिताय नमः  630
  631. ॐ श्री सायि ब्रह्मानंदामृतमग्नाय नमः  
  632. ॐ श्री सायि ब्रह्मानंदाय नमः  
  633. ॐ श्री सायि ब्रह्मानंदलसद्दृष्टये नमः  
  634. ॐ श्री सायि ब्रह्मवादिने नमः  
  635. ॐ श्री सायि बृहच्छ्रवसे नमः  
  636. ॐ श्री सायि ब्राह्मणस्त्रीविसृष्टोल्कातर्जितश्वाऽऽकृतये नमः  
  637. ॐ श्री सायि ब्राह्मणानां मशीदिस्थाय नमः  
  638. ॐ श्री सायि ब्रह्मण्याय नमः  
  639. ॐ श्री सायि ब्रह्मवित्तमाय नमः  
  640. ॐ श्री सायि भक्तदासगणु प्राणमानवृत्त्यादिरक्षकाय नमः  640
  641. ॐ श्री सायि भक्तात्यंतहितैषिणे नमः  
  642. ॐ श्री सायि भक्ताश्रितदयापराय नमः  
  643. ॐ श्री सायि भक्तार्थे धृतदेहाय नमः  
  644. ॐ श्री सायि भक्तार्थे दग्धहस्तकाय नमः  
  645. ॐ श्री सायि भक्तपरागतये नमः  
  646. ॐ श्री सायि भक्तवत्सलाय नमः  
  647. ॐ श्री सायि भक्तमानसवासिने नमः  
  648. ॐ श्री सायि भक्तातिसुलभाय नमः  
  649. ॐ श्री सायि भक्तभवाब्धिपोताय नमः  
  650. ॐ श्री सायि भगवते नमः  650
  651. ॐ श्री सायि भजतां सुहृदे नमः  
  652. ॐ श्री सायि भक्तसर्वस्वहारिणे नमः  
  653. ॐ श्री सायि भक्तानुग्रहकातराय नमः  
  654. ॐ श्री सायि भक्तरास्न्यादि सर्वेषां अमोघाभयसंप्रदाय नमः  
  655. ॐ श्री सायि भक्तावनसमर्थाय नमः  
  656. ॐ श्री सायि भक्तावनधुरंधराय नमः  
  657. ॐ श्री सायि भक्तभावपराधीनाय नमः  
  658. ॐ श्री सायि भक्तात्यंतहितौषधाय नमः  
  659. ॐ श्री सायि भक्तावनप्रतिज्ञाय नमः  
  660. ॐ श्री सायि भजतां इष्टकामदुहे नमः  660
  661. ॐ श्री सायि भक्तहृत्पद्मवासिने नमः  
  662. ॐ श्री सायि भक्तिमार्गप्रदर्शकाय नमः  
  663. ॐ श्री सायि भक्ताशयविहारिणे नमः  
  664. ॐ श्री सायि भक्तसर्वमलापहाय नमः  
  665. ॐ श्री सायि भक्तबोधैकनिष्ठाय नमः  
  666. ॐ श्री सायि भक्तानां सद्गतिप्रदाय नमः  
  667. ॐ श्री सायि भद्रमार्गप्रदर्शिने नमः  
  668. ॐ श्री सायि भद्रं भद्रमिति ब्रुवते नमः  
  669. ॐ श्री सायि भद्रश्रवसे नमः  
  670. ॐ श्री सायि भन्नूमाइसाध्वीहितशासनाय नमः  670
  671. ॐ श्री सायि भयसंत्रस्तकपर्दे अमोघाभयवरप्रदाय नमः  
  672. ॐ श्री सायि भयहीनाय नमः  
  673. ॐ श्री सायि भयत्रात्रे नमः  
  674. ॐ श्री सायि भयकृते नमः  
  675. ॐ श्री सायि भयनाशनाय नमः  
  676. ॐ श्री सायि भववारिधिपोताय नमः  
  677. ॐ श्री सायि भवलुंठनकोविदाय नमः  
  678. ॐ श्री सायि भस्मदानेन निरस्ताधिव्याधिदुःखाशुभाखिलाय नमः  
  679. ॐ श्री सायि भस्मसात्कृतभक्तारये नमः  
  680. ॐ श्री सायि भस्मसात्कृतमन्मथाय नमः  680
  681. ॐ श्री सायि भस्मपूतमशीदिस्थाय नमः  
  682. ॐ श्री सायि भस्मदग्धाखिलामयाय नमः  
  683. ॐ श्री सायि भागोजि कुष्ठरोगघ्नाय नमः  
  684. ॐ श्री सायि भाषाखिलसुवेदिताय नमः  
  685. ॐ श्री सायि भाष्यकृते नमः  
  686. ॐ श्री सायि भावगम्याय नमः  
  687. ॐ श्री सायि भारसर्वपरिग्रहाय नमः  
  688. ॐ श्री सायि भागवतसहायाय नमः  
  689. ॐ श्री सायि भावनाशून्यतः सुखिने नमः  
  690. ॐ श्री सायि भागवतप्रधानाय नमः  690
  691. ॐ श्री सायि भागवतोत्तमाय नमः  
  692. ॐ श्री सायि भाटे द्वेषं समाकृष्य भक्तिं तस्मै प्रदत्तवते नमः  
  693. ॐ श्री सायि भिल्लरूपेण दत्तांभसे नमः  
  694. ॐ श्री सायि भिक्षान्नदानशेषभुजे नमः  
  695. ॐ श्री सायि भिक्षाधर्ममहाराजाय नमः  
  696. ॐ श्री सायि भिक्षौघदत्तभोजनाय नमः  
  697. ॐ श्री सायि भीमाजि क्षयपापघ्ने नमः  
  698. ॐ श्री सायि भीमबलान्विताय नमः  
  699. ॐ श्री सायि भीतानां भीतिनाशिने नमः  
  700. ॐ श्री सायि भीषणभीषणाय नमः  700
  701. ॐ श्री सायि भीषाचालितसुर्याग्निमघवन्मृत्युमारुताय नमः  
  702. ॐ श्री सायि भुक्तिमुक्तिप्रदात्रे नमः  
  703. ॐ श्री सायि भुजगाद्रक्षितप्रजाय नमः  
  704. ॐ श्री सायि भुजंगरूपमाविश्य सहस्रजनपूजिताय नमः  
  705. ॐ श्री सायि भुक्त्वा भोजनदातॄणां दग्धप्रागुत्तर अशुभाय नमः  
  706. ॐ श्री सायि भूटिद्वरा गृहं बद्ध्वा कृतसर्वमतालयाय नमः  
  707. ॐ श्री सायि भूभृतसम उपकारिणे नमः  
  708. ॐ श्री सायि ॐ श्रीसायि भूम्ने नमः  
  709. ॐ श्री सायि भूशयाय नमः  
  710. ॐ श्री सायि भूतशरण्यभूताय नमः  710
  711. ॐ श्री सायि भूतात्मने नमः  
  712. ॐ श्री सायि भूतभावनाय नमः  
  713. ॐ श्री सायि भूतप्रेतपिशाचादीन् धर्ममार्गे नियोजयते नमः  
  714. ॐ श्री सायि भृत्यस्य भृत्यसेवाकृते नमः  
  715. ॐ श्री सायि भृत्य भारवहाय नमः  
  716. ॐ श्री सायि भेकं दत्तवरं स्मृत्वा सर्पास्यादपि रक्षकाय नमः  
  717. ॐ श्री सायि भोगैश्वैर्येषु असक्तात्मने नमः  
  718. ॐ श्री सायि भैषज्ये भिषजांवराय नमः  
  719. ॐ श्री सायि मर्करूपेण भक्तस्य रक्षणे तेन ताडिताय नमः  
  720. ॐ श्री सायि मंत्रघोषमशीदिस्थाय नमः  720
  721. ॐ श्री सायि मदाभिमानवर्जिताय नमः  
  722. ॐ श्री सायि मधुपानभृशासक्तिं दिव्यशक्त्या व्यपोहकाय नमः  
  723. ॐ श्री सायि मशीध्यां तुलसीपूजां अग्निहोत्रं च शासकाय नमः  
  724. ॐ श्री सायि महावाक्यसुधामग्नाय नमः  
  725. ॐ श्री सायि महाभागवताय नमः  
  726. ॐ श्री सायि महानुभाव तेजस्विने नमः  
  727. ॐ श्री सायि महायोगेश्वराय नमः  
  728. ॐ श्री सायि महाभयपरित्रात्रे नमः  
  729. ॐ श्री सायि महात्मने नमः  
  730. ॐ श्री सायि महाबलाय नमः  730
  731. ॐ श्री सायि माधवराय देशपांडे सख्युः साहाय्यकृते नमः  
  732. ॐ श्री सायि मानापमानयोस्तुल्याय नमः  
  733. ॐ श्री सायि मार्गबंधवे नमः  
  734. ॐ श्री सायि मारुतये नमः  
  735. ॐ श्री सायि मायामानुष रूपेण गूढैश्वर्यपरात्पराय नमः  
  736. ॐ श्री सायि मार्गस्थदेवसत्कारः कार्य इत्यानुशसित्रे नमः  
  737. ॐ श्री सायि मारीग्रस्थ बूटीत्रात्रे नमः  
  738. ॐ श्री सायि मार्जालोच्छिष्ठभोजनाय नमः  
  739. ॐ श्री सायि मिरीकरं सर्पगंडात् दैवाज्ञाप्ताद्विमोचयते नमः  
  740. ॐ श्री सायि मितवाचे नमः  740
  741. ॐ श्री सायि मितभुजे नमः  
  742. ॐ श्री सायि मित्रे शत्रौ सदा समाय नमः  
  743. ॐ श्री सायि मीनाताइ प्रसूत्यर्थं प्रेषिताय रथं ददते नमः  
  744. ॐ श्री सायि मुक्तसंगैः आनंवादिने (आनमिताय) नमः  
  745. ॐ श्री सायि मुक्तसंसृतिबंधनाय नमः  
  746. ॐ श्री सायि मुहुर्देवावतारादि नामोच्चारणनिर्वृताय नमः  
  747. ॐ श्री सायि मूर्तिपूजानुशास्त्रे नमः  
  748. ॐ श्री सायि मूर्तिमानपि अमूर्तिमते नमः  
  749. ॐ श्री सायि मूलेशास्त्रिणः गुरोर्घोलपमहाराजस्य रूपधृते नमः  
  750. ॐ श्री सायि मृतसूनुं समाकृष्य पूर्वमातरि योजयते नमः  750
  751. ॐ श्री सायि मृदालयनिवासिने नमः  
  752. ॐ श्री सायि मृत्युभीतिव्यपोहकाय नमः  
  753. ॐ श्री सायि मेघश्यामाय-पूजार्थं शिवलिंगमुपाहरते नमः  
  754. ॐ श्री सायि मोहकलिलतीर्णाय नमः  
  755. ॐ श्री सायि मोहसंशयनाशकाय नमः  
  756. ॐ श्री सायि मोहिनीराजपूजायां कुल्कर्ण्यप्पा नियोजकाय नमः  
  757. ॐ श्री सायि मोक्षमार्गसहायाय नमः  
  758. ॐ श्री सायि मौनव्याख्याप्रबोधकाय नमः  
  759. ॐ श्री सायि यज्ञदानतपोनिष्ठाय नमः  
  760. ॐ श्री सायि यज्ञशिष्ठान्नभोजनाय नमः  760
  761. ॐ श्री सायि यतेंद्रियमनोबुद्धये नमः  
  762. ॐ श्री सायि यतिधर्मसुपालकाय नमः  
  763. ॐ श्री सायि यतो वाचो निवर्तंते तदानंदसुनिष्ठिताय नमः  
  764. ॐ श्री सायि यत्नातिशयसेवाप्तगुरुपूर्णकृपाबलाय नमः  
  765. ॐ श्री सायि यथेच्छसूक्ष्मसंचारिने नमः  
  766. ॐ श्री सायि यथेष्टदानधर्मकृते नमः  
  767. ॐ श्री सायि यंत्रारूढं जगत्सर्वमायया भ्रामयत्प्रभवे नमः  
  768. ॐ श्री सायि यमकिंकरसंत्रस्तसामंतस्य सहायकृते नमः  
  769. ॐ श्री सायि यमदूतपरिक्लिष्टपुरंदरेऽसुरक्षकाय नमः  
  770. ॐ श्री सायि यमभीतीविनाशिने नमः  770
  771. ॐ श्री सायि यवनालयभूषणाय नमः  
  772. ॐ श्री सायि यशसापि महाराजाय नमः  
  773. ॐ श्री सायि यशःपूरितभारताय नमः  
  774. ॐ श्री सायि यक्षराक्षसपिशाचानां सानिध्यदेव नाशकाय नमः  
  775. ॐ श्री सायि युक्तभोजननिद्राय नमः  
  776. ॐ श्री सायि युगांतरचरित्रविदे नमः  
  777. ॐ श्री सायि योगशक्तिजितस्वप्नाय नमः  
  778. ॐ श्री सायि योगमायासमावृताय नमः  
  779. ॐ श्री सायि योगवीक्षणसंदत्तपरमानंदमूर्तिमते नमः  
  780. ॐ श्री सायि योगिभिर्ध्यानगम्याय नमः  780
  781. ॐ श्री सायि योगक्षेमवहाय नमः  
  782. ॐ श्री सायि रथस्य रजताश्वेषु हृतेष्वम्लानमानसाय नमः  
  783. ॐ श्री सायि रसाय नमः  
  784. ॐ श्री सायि रससाराज्ञाय नमः  
  785. ॐ श्री सायि रसनारसजिते नमः  
  786. ॐ श्री सायि रसोऽप्यस्य परं दृष्ट्वा निवर्तितमहायशसे नमः  
  787. ॐ श्री सायि रक्षणात्पोषणात्सर्वपितृमातृगुरुप्रभवे नमः  
  788. ॐ श्री सायि रागद्वेषवियुक्तात्मने नमः  
  789. ॐ श्री सायि राकाचंद्रसमाननाय नमः  
  790. ॐ श्री सायि राजीवलोचनाय नमः  790
  791. ॐ श्री सायि राजभिश्चाभिवंदिताय नमः  
  792. ॐ श्री सायि रामभक्तिप्रपूर्णाय नमः  
  793. ॐ श्री सायि रामरूपप्रदर्शकाय नमः  
  794. ॐ श्री सायि रामसारूप्यलब्धाय नमः  
  795. ॐ श्री सायि रामसाइ इति विश्रुताय नमः  
  796. ॐ श्री सायि रामदूतमयाय नमः  
  797. ॐ श्री सायि राममंत्रोपदेशकाय नमः  
  798. ॐ श्री सायि राममूर्त्या आविर्भूतवते (राममूर्त्यादिशंकर्त्रे) नमः  
  799. ॐ श्री सायि रासनेकुलवर्धनाय नमः  
  800. ॐ श्री सायि रुद्रतुल्यप्रकोपाय नमः  800
  801. ॐ श्री सायि रुद्रकोपदमक्षमाय नमः  
  802. ॐ श्री सायि रुद्रविष्णुकृताभेदाय नमः  
  803. ॐ श्री सायि रूपिणि रूप्यमोहजिते नमः  
  804. ॐ श्री सायि रूपेऽरूपे चिदात्मानं पश्यध्वमिति बोधकाय नमः  
  805. ॐ श्री सायि रूपात् रूपांतरं यतोऽमृत इत्यभयप्रदाय नमः  
  806. ॐ श्री सायि रेगे शिशोः तथांधस्य सदा सद्गतिदायकाय नमः  
  807. ॐ श्री सायि रोगदारिद्र्यदुःखादीन् भस्मदानेन वारयते नमः  
  808. ॐ श्री सायि रोदनातार्द्रचित्ताय नमः  
  809. ॐ श्री सायि रोमहर्षात्वाकृतये नमः  
  810. ॐ श्री सायि लघ्वाशिने नमः  810
  811. ॐ श्री सायि लघुनिद्राय नमः  
  812. ॐ श्री सायि लब्धाश्वग्रामणिस्तुताय नमः  
  813. ॐ श्री सायि लगुडोद्धृतरोहिल्लास्तंभनाद्दर्पनाशकाय नमः  
  814. ॐ श्री सायि ललिताद्भुतचारित्राय नमः  
  815. ॐ श्री सायि लक्ष्मीनारायणाय नमः  
  816. ॐ श्री सायि लीलामानुषदेहस्थाय नमः  
  817. ॐ श्री सायि लीलामानुषकर्मकृते नमः  
  818. ॐ श्री सायि लेलेशास्त्रि श्रुतिप्रीत्या मशीदि वेदघोषणाय नमः  
  819. ॐ श्री सायि लोकाभिरामाय नमः  
  820. ॐ श्री सायि लोकेशाय नमः  820
  821. ॐ श्री सायि लोलुप्त्वविवर्जिताय नमः  
  822. ॐ श्री सायि लोकेषु विहरंश्चापि सच्चिदानंदसंस्थिताय नमः  
  823. ॐ श्री सायि लोनीवारण्यगणूदासं महापायाद्विमोचकाय नमः  
  824. ॐ श्री सायि वस्त्रवद्वपुं वीक्ष्य स्वेच्छात्यक्तकलेवराय नमः  
  825. ॐ श्री सायि वस्त्रवद्देहमुत्सृज्य पुनर्देहं प्रविष्टवते नमः  
  826. ॐ श्री सायि वंध्यादोषविमुक्त्यर्थं तद्वस्त्रे नारिकेलदाय नमः  
  827. ॐ श्री सायि वासुदेवैकसंतुष्टये नमः  
  828. ॐ श्री सायि वादद्वेष अप्रियाय नमः  
  829. ॐ श्री सायि विद्याविनयसंपन्नाय नमः  
  830. ॐ श्री सायि विधेयात्मने नमः  830
  831. ॐ श्री सायि वीर्यवते नमः  
  832. ॐ श्री सायि विविक्तदेशसेविने नमः  
  833. ॐ श्री सायि विश्वभावनभाविताय नमः  
  834. ॐ श्री सायि विश्वमंगलमांगल्याय नमः  
  835. ॐ श्री सायि विषयात्संहृतेंद्रियाय नमः  
  836. ॐ श्री सायि वीतरागभयक्रोधाय नमः  
  837. ॐ श्री सायि वृद्धांध ईक्षणसंप्रदाय नमः  
  838. ॐ श्री सायि वेदांतांबुजसूर्याय नमः  
  839. ॐ श्री सायि वेदिस्थाग्निविवर्धनाय नमः  
  840. ॐ श्री सायि वैराग्यपूर्णचारित्राय नमः  840
  841. ॐ श्री सायि वैकुंठप्रियकर्मकृते नमः  
  842. ॐ श्री सायि वैहायसगतये नमः  
  843. ॐ श्री सायि व्यामोहप्रशमौषधाय नमः  
  844. ॐ श्री सायि शत्रुच्छेदैकमंत्राय नमः  
  845. ॐ श्री सायि शरणागतवत्सलाय नमः  
  846. ॐ श्री सायि शरणागतभीमाजीश्वांधभेकादिरक्षकाय नमः  
  847. ॐ श्री सायि शरीरस्थ अशरीरस्थाय नमः  
  848. ॐ श्री सायि शरीरानेकसंभृताय नमः  
  849. ॐ श्री सायि शाश्वतपरार्थसर्वेहाय नमः  
  850. ॐ श्री सायि शरीरकर्मकेवलाय नमः  850
  851. ॐ श्री सायि शाश्वतधर्मगोप्त्रे नमः  
  852. ॐ श्री सायि शांतिदांतिविभूषिताय नमः  
  853. ॐ श्री सायि शिरस्तंभितगंगांभसे नमः  
  854. ॐ श्री सायि शांताकाराय नमः  
  855. ॐ श्री सायि शिष्टधर्ममनुप्राप्य मौलानपादसेविताय नमः  
  856. ॐ श्री सायि शिवदाय नमः  
  857. ॐ श्री सायि शिवरूपाय नमः  
  858. ॐ श्री सायि शिवशक्तियुताय नमः  
  859. ॐ श्री सायि शिरीयानसुतोद्वाहं यथोक्तं परिपूरयते नमः  
  860. ॐ श्री सायि शीतोष्णसुखदुःखेषु समाय नमः  860
  861. ॐ श्री सायि शीतलवाक्सुधाय नमः  
  862. ॐ श्री सायि शिर्डिन्यस्तगुरोर्देहाय नमः  
  863. ॐ श्री सायि शिर्डित्यक्तकलेवराय नमः  
  864. ॐ श्री सायि शुक्लांबरधराय नमः  
  865. ॐ श्री सायि शुद्धसत्त्वगुणस्थिताय नमः  
  866. ॐ श्री सायि शुद्धज्ञानस्वरूपाय नमः  
  867. ॐ श्री सायि शुभाऽशुभविवर्जिताय नमः  
  868. ॐ श्री सायि शुभ्रमार्गेण तद्विष्णोः परमं पदं नॄन् नेत्रे नमः  
  869. ॐ श्री सायि शेलुगुरुकुले वासिने नमः  
  870. ॐ श्री सायि शेषशायिने नमः  870
  871. ॐ श्री सायि श्रीकांताय नमः  
  872. ॐ श्री सायि श्रीकराय नमः  
  873. ॐ श्री सायि श्रीमते नमः  
  874. ॐ श्री सायि श्रेष्ठाय नमः  
  875. ॐ श्री सायि श्रेयोविधायकाय नमः  
  876. ॐ श्री सायि श्रुतिस्मृतिशिरोरत्नविभूषितपदांबुजाय नमः  
  877. ॐ श्री सायि श्रेयान् स्वधर्म इत्युक्त्वा स्वस्वधर्मनियोजकाय नमः  
  878. ॐ श्री सायि सखाराम सच्छिष्याय नमः  
  879. ॐ श्री सायि सकलाश्रयकामदुहे नमः  
  880. ॐ श्री सायि सगुणनिर्गुणब्रह्मणे नमः  880
  881. ॐ श्री सायि सज्जनमानसव्योमराजमानसुधाकराय नमः  
  882. ॐ श्री सायि सत्कर्मनिरताय नमः  
  883. ॐ श्री सायि सत्संतानवरप्रदाय नमः  
  884. ॐ श्री सायि सत्यव्रताय नमः  
  885. ॐ श्री सायि सत्याय नमः  
  886. ॐ श्री सायि सत्सुलभोऽन्यदुर्लभाय नमः  
  887. ॐ श्री सायि सत्यवाचे नमः  
  888. ॐ श्री सायि सत्यसंकल्पाय नमः  
  889. ॐ श्री सायि सत्यधर्मपरायणाय नमः  
  890. ॐ श्री सायि सत्यपराक्रमाय नमः  890
  891. ॐ श्री सायि सत्यद्रष्ट्रे नमः  
  892. ॐ श्री सायि सनातनाय नमः  
  893. ॐ श्री सायि सत्यनारायणाय नमः  
  894. ॐ श्री सायि सत्यतत्त्वप्रभोधकाय नमः  
  895. ॐ श्री सायि सत्पुरुषाय नमः  
  896. ॐ श्री सायि सदाचाराय नमः  
  897. ॐ श्री सायि सदा परहिते रताय नमः  
  898. ॐ श्री सायि सदा क्षिप्तनिजानंदाय नमः  
  899. ॐ श्री सायि सदानंदाय नमः  
  900. ॐ श्री सायि सद्गुरवे नमः  900
  901. ॐ श्री सायि सदा जनहितोद्युक्ताय नमः  
  902. ॐ श्री सायि सदात्मने नमः  
  903. ॐ श्री सायि सदाशिवाय नमः  
  904. ॐ श्री सायि सदाऽऽर्द्रचिताय नमः  
  905. ॐ श्री सायि सद्रूपिणे नमः  
  906. ॐ श्री सायि सदाश्रयाय नमः  
  907. ॐ श्री सायि सदाजिताय नमः  
  908. ॐ श्री सायि सन्यासयोगयुक्तात्मने नमः  
  909. ॐ श्री सायि सन्मार्गस्थापनव्रताय नमः  
  910. ॐ श्री सायि सबीजं फलमादाय निर्बीजपरिणामकाय नमः  910
  911. ॐ श्री सायि समदुःखसुखस्वस्थाय नमः  
  912. ॐ श्री सायि समलोष्टाश्मकांचनाय नमः  
  913. ॐ श्री सायि समर्थसद्गुरुश्रेष्ठाय नमः  
  914. ॐ श्री सायि समानरहिताय नमः  
  915. ॐ श्री सायि समाश्रितजनत्राणव्रतपालनतत्पराय नमः  
  916. ॐ श्री सायि समुद्रसमगांभीर्याय नमः  
  917. ॐ श्री सायि संकल्परहिताय नमः  
  918. ॐ श्री सायि संसारतापहार्यंघ्रये नमः  
  919. ॐ श्री सायि संसारवर्जिताय नमः  
  920. ॐ श्री सायि संसारोत्तारनाम्ने नमः  920
  921. ॐ श्री सायि सरोजदलकोमलाय नमः  
  922. ॐ श्री सायि सर्पादिभयहारिणे नमः  
  923. ॐ श्री सायि सर्परूपेऽप्यवस्थिताय नमः  
  924. ॐ श्री सायि सर्वकर्मफलत्यागिने नमः  
  925. ॐ श्री सायि सर्वत्र समवस्थिताय नमः  
  926. ॐ श्री सायि सर्वतःपाणिपादाय नमः  
  927. ॐ श्री सायि सर्वतोऽक्षिशिरोमुखाय नमः  
  928. ॐ श्री सायि सर्वतःश्रुतिमन्मूर्तये नमः  
  929. ॐ श्री सायि सर्वमावृत्य संस्थिताय नमः  
  930. ॐ श्री सायि सर्वधर्मसमत्रात्रे नमः  930
  931. ॐ श्री सायि सर्वधर्मसुपूजिताय नमः  
  932. ॐ श्री सायि सर्वधर्मान् परित्यज्य गुर्विशं शरणं गताय नमः  
  933. ॐ श्री सायि सर्वधीसाक्षिभूताय नमः  
  934. ॐ श्री सायि सर्वनामाभिसूचिताय नमः  
  935. ॐ श्री सायि सर्वभूतांतरात्मने नमः  
  936. ॐ श्री सायि सर्वभूताशयस्थिताय नमः  
  937. ॐ श्री सायि सर्वभूतादिवासाय नमः  
  938. ॐ श्री सायि सर्वभूतहिते रताय नमः  
  939. ॐ श्री सायि सर्वभूतात्मभूतात्मने नमः  
  940. ॐ श्री सायि सर्वभूतसहृदे नमः  940
  941. ॐ श्री सायि सर्वभूतनिशोन्निद्राय नमः  
  942. ॐ श्री सायि सर्वभूतसमादृताय नमः  
  943. ॐ श्री सायि सर्वज्ञाय नमः  
  944. ॐ श्री सायि सर्वविदे नमः  
  945. ॐ श्री सायि सर्वस्मै नमः  
  946. ॐ श्री सायि सर्वमत सुसम्मताय नमः  
  947. ॐ श्री सायि सर्वब्रह्ममयं द्रष्ट्रे नमः  
  948. ॐ श्री सायि सर्वशक्त्युपबृंहिताय नमः  
  949. ॐ श्री सायि सर्वसंकल्पसन्यासिने नमः  
  950. ॐ श्री सायि सर्वसंगविवर्जिताय नमः  950
  951. ॐ श्री सायि सर्वलोकशरण्याय नमः  
  952. ॐ श्री सायि सर्वलोकमहेश्वराय नमः  
  953. ॐ श्री सायि सर्वेशाय नमः  
  954. ॐ श्री सायि सर्वरूपिणे नमः  
  955. ॐ श्री सायि सर्वशत्रुनिर्वहनाय नमः  
  956. ॐ श्री सायि सर्वैश्वर्यैकमंत्राय नमः  
  957. ॐ श्री सायि सर्वेप्सितफलप्रदाय नमः  
  958. ॐ श्री सायि सर्वोपकारिणे नमः  
  959. ॐ श्री सायि सर्वोपास्यपदांबुजाय नमः  
  960. ॐ श्री सायि सहस्रशिर्षमूर्तये नमः  960
  961. ॐ श्री सायि सहस्राक्षाय नमः  
  962. ॐ श्री सायि सहस्रपादे नमः  
  963. ॐ श्री सायि सहस्रनामविश्वासिने नमः  
  964. ॐ श्री सायि सहस्रनामलक्षिताय नमः  
  965. ॐ श्री सायि साकारोऽपि निराकाराय नमः  
  966. ॐ श्री सायि साकारार्चासुमानिताय नमः  
  967. ॐ श्री सायि साधुजनपरित्रात्रे नमः  
  968. ॐ श्री सायि साधुपोषकाय नमः  
  969. ॐ श्री सायि सालोक्यसार्ष्टिसामीप्यसायुज्यपददायकाय नमः  
  970. ॐ श्री सायि सायिरामाय नमः  970
  971. ॐ श्री सायि सायिनाथाय नमः  
  972. ॐ श्री सायि सायिशाय नमः  
  973. ॐ श्री सायि सायिसत्तमाय नमः  
  974. ॐ श्री सायि साक्षात्कृतहरिप्रीत्या सर्वशक्तियुताय नमः  
  975. ॐ श्री सायि साक्षात्कारप्रदात्रे नमः  
  976. ॐ श्री सायि साक्षान्मन्मथमर्दनाय नमः  
  977. ॐ श्री सायि सायिने नमः  
  978. ॐ श्री सायि सायिदेवाय नमः  
  979. ॐ श्री सायि सिद्धेशाय नमः  
  980. ॐ श्री सायि सिद्धसंकल्पाय नमः  980
  981. ॐ श्री सायि सिद्धिदाय नमः  
  982. ॐ श्री सायि सिद्धवांग्मुखाय नमः  
  983. ॐ श्री सायि सुकृतदुष्कृतातीताय नमः  
  984. ॐ श्री सायि सुखेषु विगतस्पृहाय नमः  
  985. ॐ श्री सायि सुखदुःखसमाय नमः  
  986. ॐ श्री सायि सुधास्यंदिमुखोज्वलाय नमः  
  987. ॐ श्री सायि स्वेच्छामात्रजडद्देहाय नमः  
  988. ॐ श्री सायि स्वेच्छोपात्ततनवे नमः  
  989. ॐ श्री सायि स्वीकृतभक्तरोगाय नमः  
  990. ॐ श्री सायि स्वे महिम्नि प्रतिष्टिताय नमः  990
  991. ॐ श्री सायि हरिसाटे तथा नानांकामादेः परिरक्षकाय नमः  
  992. ॐ श्री सायि हर्षामर्षभयोद्वेगैर्निर्मुक्तविमलाशयाय नमः  
  993. ॐ श्री सायि हिंदूमुस्लिंसमूहांश्च मैत्रीकरणतत्पराय नमः  
  994. ॐ श्री सायि हूंकारेणैव सुक्षिप्रं स्तब्धप्रचंडमारुताय नमः  
  995. ॐ श्री सायि हृदयग्रंथिभेदिने नमः  
  996. ॐ श्री सायि हृदयग्रंथिवर्जिताय नमः  
  997. ॐ श्री सायि क्षांतानंतदौर्जन्याय नमः  
  998. ॐ श्री सायि क्षितिपालादिसेविताय नमः  
  999. ॐ श्री सायि क्षिप्रप्रसाददात्रे नमः  
  1000. ॐ श्री सायि क्षेत्रीकृतस्वशिर्डिकाय नमः  1000

ॐ श्री सायि श्रीसायि चरणं शरणं मम  
श्री सायि चरणं शरणं मम 

|| इति श्री सायि सहस्रनामावळिः संपूर्णं ||

अर्थ

श्री सायि सहस्रनामावळिः शिरडी साईं बाबा के एक हजार पवित्र नामों का संग्रह है, जो भक्तों को उनके दिव्य गुणों, महिमा और सार्वभौमिक स्वरूप का स्मरण करने का एक पवित्र माध्यम प्रदान करती है। यह सहस्रनामावली साईं बाबा के भक्तों को उनके अनंत रूपों और लीलाओं की प्रशंसा करने, उन पर अपनी भक्ति केंद्रित करने और गहन आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करने में सहायता करती है। साईं बाबा जाति, धर्म या पंथ के भेद के बिना सभी से प्रेम करने वाले, सर्वधर्म समभाव के प्रतीक थे। उनका प्रत्येक नाम उनके अखंड सच्चिदानंद स्वरूप, अखिल जीववत्सलता, अचिंत्य महिमा और अघौघसन्निवर्तिने गुण को उजागर करता है, जो भक्तों को गहन आध्यात्मिक चिंतन के लिए प्रेरित करता है।

इस सहस्रनामावली का पाठ केवल नामों के उच्चारण से कहीं अधिक है; यह साईं बाबा के सिद्धांतों और उनकी शिक्षाओं को हमारे जीवन में आत्मसात करने की एक विधि है। "श्रद्धा" (विश्वास) और "सबुरी" (धैर्य) उनकी दो मूलभूत शिक्षाएँ हैं जो इस नामावली के प्रत्येक नाम में निहित हैं। अखिल ब्रह्मांड के स्वामी के रूप में भी, हर कण में निवास करने वाले साईं बाबा, यह नाम स्पष्ट करते हैं कि वे सर्वव्यापी और सर्वान्तर्यामी हैं। "ॐ श्री साईं अखण्डसच्चिदानंदाय नमः" का अर्थ है कि साईं बाबा अनंत सत्य, चेतना और आनंद के स्वरूप हैं। "ॐ श्री साईं अखिलजीववत्सलाय नमः" का अर्थ है कि वे सभी जीवों को अपने बच्चों के समान प्रेम करते हैं, जो उनकी अपार करुणा को दर्शाता है।

सहस्रनामावली का प्रत्येक नाम साईं बाबा के दिव्य लक्षणों, उनके चमत्कारों, उनके ज्ञान और उनके भक्तों के प्रति उनकी करुणा का वर्णन करता है। "ॐ श्री साईं अचिंत्यमहिम्ने नमः" का अर्थ है कि उनकी महिमा की कल्पना करना असंभव है। "ॐ श्री साईं अचलाय नमः" का अर्थ है कि वे अचल, स्थिर और किसी भी परिवर्तन से अप्रभावित हैं। "ॐ श्री साईं अघौघसन्निवर्तिने नमः" का अर्थ है कि वे पापों के समूह को नष्ट करने वाले हैं। इन नामों के पाठ से भक्त अपने मन को शुद्ध कर सकते हैं, नकारात्मक विचारों से मुक्ति पा सकते हैं और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकते हैं। इसमें अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करने की शक्ति है।

इस पवित्र सहस्रनामावली का नित्य पाठ करने से भक्त साईं बाबा की सन्निधि का अनुभव करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। साईं बाबा अपने भक्तों को मार्गदर्शन देने वाले, कठिनाइयों से बचाने वाले और आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ाने वाले गुरु हैं। यह नामावली भक्तों को भौतिक और आध्यात्मिक दोनों क्षेत्रों में समृद्धि और सफलता की ओर ले जाती है। यह मन को शांति, हृदय को प्रसन्नता और जीवन को अर्थ प्रदान करती है, जिससे साईं बाबा की दिव्य शक्ति हमारे भीतर प्रवाहित होती है।

लाभ (Benefits):

  • मानसिक शांति और स्थिरता: सहस्रनामावली का पाठ मन को केंद्रित करता है, आंतरिक शांति प्रदान करता है और दैनिक तनाव से मुक्ति दिलाता है।
  • बाधाओं का निवारण: साईं बाबा के दिव्य नामों का स्मरण करने से जीवन में आने वाली बाधाएँ, कठिनाइयाँ और नकारात्मक शक्तियाँ दूर होती हैं।
  • आध्यात्मिक उन्नति: साईं बाबा के गुणों का ध्यान करने से भक्त आध्यात्मिक रूप से विकसित होते हैं, आत्मज्ञान प्राप्त करते हैं और मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर होते हैं।
  • मनोकामना पूर्ति: शुद्ध मन और श्रद्धा से इस नामावली का पाठ करने पर साईं बाबा भक्तों की सद्गुण युक्त मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं।
  • सुरक्षा और मार्गदर्शन: साईं बाबा अपने भक्तों को सभी प्रकार के खतरों से बचाते हैं और सही मार्ग पर चलने के लिए दिव्य मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्री सायि सहस्रनामावळिः क्या है?
श्री सायि सहस्रनामावळिः शिरडी साईं बाबा के एक हजार पवित्र नामों का संग्रह है। यह भक्तों को उनके दिव्य गुणों, चमत्कारों और सार्वभौमिक स्वरूप का स्मरण करने का एक शक्तिशाली माध्यम प्रदान करती है।
इस सहस्रनामावली का पाठ कब और कैसे करना चाहिए?
इस सहस्रनामावली का पाठ किसी भी शुभ समय पर, विशेष रूप से प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद या शाम को दीप प्रज्वलित करने के बाद किया जा सकता है। शुद्ध मन, एकाग्रता और भक्ति के साथ पाठ करना उत्तम होता है।
श्री सायि सहस्रनामावळिः के पाठ के प्रमुख लाभ क्या हैं?
इसके पाठ से मानसिक शांति, बाधाओं का निवारण, आध्यात्मिक प्रगति, मनोकामना पूर्ति और साईं बाबा से सुरक्षा व मार्गदर्शन प्राप्त होता है। यह जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।
कौन इस सहस्रनामावली का पाठ कर सकता है?
किसी भी जाति, धर्म या लिंग के भेद के बिना, साईं बाबा पर श्रद्धा और भक्ति रखने वाला कोई भी व्यक्ति इस सहस्रनामावली का पाठ कर सकता है। बच्चे भी अपनी क्षमतानुसार इसका पाठ कर सकते हैं।
इस नामावली का पाठ कितनी बार करना चाहिए?
सामान्यतः, पूर्ण सहस्रनामावली का पाठ प्रतिदिन एक बार करना उत्तम होता है। यदि समय का अभाव हो, तो कुछ नामों या कम से कम 108 नामों का पाठ किया जा सकता है। निरंतरता महत्वपूर्ण है।
श्री सायि सहस्रनामावळिः का मूल क्या है?
यह सहस्रनामावली साईं बाबा के दिव्य गुणों और लीलाओं के आधार पर भक्तों द्वारा रचित है। यह साईं बाबा के भक्ति साहित्य का एक अभिन्न अंग है और उनकी शिक्षाओं को प्रतिध्वनित करती है।

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