श्या

श्री श्यामला सहस्रनामावळिः

संपादन: अद्यतन
सहस्रनामावली
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श्री श्यामला सहस्रनामावळिः

1। ॐ सौभाग्यलक्ष्म्यै नमः
2। ॐ सौंदर्यनिधये नमः
3। ॐ समरसप्रियायै नमः
4। ॐ सर्वकल्याणनिलयायै नमः
5। ॐ सर्वेश्यै नमः
6। ॐ सर्वमंगळायै नमः
7। ॐ सर्ववश्यकर्यै नमः
8। ॐ सर्वायै नमः
9। ॐ सर्वमंगळदायिन्यै नमः
10। ॐ सर्वविद्यादानदक्षायै नमः
11। ॐ संगीतोपनिषत्प्रियायै नमः
12। ॐ सर्वभूतहृदावासायै नमः
13। ॐ सर्वगीर्वाणपूजितायै नमः
14। ॐ समृद्धायै नमः
15। ॐ संगमुदितायै नमः
16। ॐ सर्वलोकैकसंश्रयायै नमः
17। ॐ सप्तकोटिमहामंत्रस्वरूपायै नमः
18। ॐ सर्वसाक्षिण्यै नमः
19। ॐ सर्वांगसुंदर्यै नमः
20। ॐ सर्वगतायै नमः
21। ॐ सत्यस्वरूपिण्यै नमः
22। ॐ समायै नमः
23। ॐ समयसंवेद्यायै नमः
24। ॐ समयज्ञायै नमः
25। ॐ सदाशिवायै नमः
26। ॐ संगीतरसिकायै नमः
27। ॐ सर्वकलामयशुकप्रियायै नमः
28। ॐ चंदनालेपदिग्धांग्यै नमः
29। ॐ सच्चिदानंदरूपिण्यै नमः
30। ॐ कदंबवाटीनिलयायै नमः
31। ॐ कमलाकांतसेवितायै नमः
32। ॐ कटाक्षोत्पन्नकंदर्पायै नमः
33। ॐ कटाक्षितमहेश्वरायै नमः
34। ॐ कल्याण्यै नमः
35। ॐ कमलासेव्यायै नमः
36। ॐ कल्याणाचलवासिन्यै नमः
37। ॐ कांतायै नमः
38। ॐ कंदर्पजनन्यै नमः
39। ॐ करुणारससागरायै नमः
40। ॐ कलिदोषहरायै नमः
41। ॐ काम्यायै नमः
42। ॐ कामदायै नमः
43। ॐ कामवर्धिन्यै नमः
44। ॐ कदंबकलिकोत्तंसायै नमः
45। ॐ कदंबकुसुमप्रियायै नमः
46। ॐ कदंबमूलरसिकायै नमः
47। ॐ कामाक्ष्यै नमः
48। ॐ कमलाननायै नमः
49। ॐ कंबुकंठ्यै नमः
50। ॐ कलालापायै नमः
51। ॐ कमलासनपूजितायै नमः
52। ॐ कात्यायन्यै नमः
53। ॐ केलिपरायै नमः
54। ॐ कमलाक्षसहोदर्यै नमः
55। ॐ कमलाक्ष्यै नमः
56। ॐ कलारूपायै नमः
57। ॐ कोकाकारकुचद्वयायै नमः
58। ॐ कोकिलायै नमः
59। ॐ कोकिलारावायै नमः
60। ॐ कुमारजनन्यै नमः
61। ॐ शिवायै नमः
62। ॐ सर्वज्ञायै नमः
63। ॐ संततोन्मत्तायै नमः
64। ॐ सर्वैश्वर्यप्रदायिन्यै नमः
65। ॐ सुधाप्रियायै नमः
66। ॐ सुराराध्यायै नमः
67। ॐ सुकेश्यै नमः
68। ॐ सुरसुंदर्यै नमः
69। ॐ शोभनायै नमः
70। ॐ शुभदायै नमः
71। ॐ शुद्धायै नमः
72। ॐ शुद्धचित्तैकवासिन्यै नमः
73। ॐ वेदवेद्यायै नमः
74। ॐ वेदमय्यै नमः
75। ॐ विद्याधरगणार्चितायै नमः
76। ॐ वेदांतसारायै नमः
77। ॐ विश्वेश्यै नमः
78। ॐ विश्वरूपायै नमः
79। ॐ विरूपिण्यै नमः
80। ॐ विरूपाक्षप्रियायै नमः
81। ॐ विद्यायै नमः
82। ॐ विंध्याचलनिवासिन्यै नमः
83। ॐ वीणावादविनोदज्ञायै नमः
84। ॐ वीणागानविशारदायै नमः
85। ॐ वीणावत्यै नमः
86। ॐ बिंदुरूपायै नमः
87। ॐ ब्रह्माण्यै नमः
88। ॐ ब्रह्मरूपिण्यै नमः
89। ॐ पार्वत्यै नमः
90। ॐ परमायै नमः
91। ॐ अचिंत्यायै नमः
92। ॐ परायै शक्त्यै नमः
93। ॐ परात्परायै नमः
94। ॐ परानंदायै नमः
95। ॐ परेशान्यै नमः
96। ॐ परविद्यायै नमः
97। ॐ परापरायै नमः
98। ॐ भक्तप्रियायै नमः
99। ॐ भक्तिगम्यायै नमः
100। ॐ भक्तानां परमायै गत्यै नमः
101। ॐ भव्यायै नमः
102। ॐ भवप्रियायै नमः
103। ॐ भीरवे नमः
104। ॐ भवसागरतारिण्यै नमः
105। ॐ भयघ्न्यै नमः
106। ॐ भावुकायै नमः
107। ॐ भव्यायै नमः
108। ॐ भामिन्यै नमः
109। ॐ भक्तपालिन्यै नमः
110। ॐ भेदशून्यायै नमः
111। ॐ भेदहंत्र्यै नमः
112। ॐ भावनायै नमः
113। ॐ मुनिभावितायै नमः
114। ॐ मायायै नमः
115। ॐ महेश्वर्यै नमः
116। ॐ मान्यायै नमः
117। ॐ मातंग्यै नमः
118। ॐ मलयालयायै नमः
119। ॐ महनीयायै नमः
120। ॐ मदोन्मत्तायै नमः
121। ॐ मंत्रिण्यै नमः
122। ॐ मंत्रनायिकायै नमः
123। ॐ महानंदायै नमः
124। ॐ मनोगम्यायै नमः
125। ॐ मतंगकुलमंडनायै नमः
126। ॐ मनोज्ञायै नमः
127। ॐ मानिन्यै नमः
128। ॐ माध्वीसिंधुमध्यकृतालयायै नमः
129। ॐ मधुप्रीतायै नमः
130। ॐ नीलकचायै नमः
131। ॐ माध्वीरसमदालसायै नमः
132। ॐ पूर्णचंद्राभवदनायै नमः
133। ॐ पूर्णायै नमः
134। ॐ पुण्यफलप्रदायै नमः
135। ॐ पुलोमजार्चितायै नमः
136। ॐ पूज्यायै नमः
137। ॐ पुरुषार्थप्रदायिन्यै नमः
138। ॐ नारायण्यै नमः
139। ॐ नादरूपायै नमः
140। ॐ नादब्रह्मस्वरूपिण्यै नमः
141। ॐ नित्यायै नमः
142। ॐ नवनवाकारायै नमः
143। ॐ नित्यानंदायै नमः
144। ॐ निराकुलायै नमः
145। ॐ निटिलाक्षप्रियायै नमः
146। ॐ नेत्र्यै नमः
147। ॐ नीलेंदीवरलोचनायै नमः
148। ॐ तमालकोमलाकारायै नमः
149। ॐ तरुण्यै नमः
150। ॐ तनुमध्यमायै नमः
151। ॐ तटित्पिशंगवसनायै नमः
152। ॐ तटित्कोटिसमद्युतये नमः
153। ॐ मधुरायै नमः
154। ॐ मंगळायै नमः
155। ॐ मेध्यायै नमः
156। ॐ मधुपानप्रिया सख्यै नमः
157। ॐ चित्कलायै नमः
158। ॐ चारुवदनायै नमः
159। ॐ सुखरूपायै नमः
160। ॐ सुखप्रदायै नमः
161। ॐ कूटस्थायै नमः
162। ॐ कौलिन्यै नमः
163। ॐ कूर्मपीठस्थायै नमः
164। ॐ कुटिलालकायै नमः
165। ॐ शांतायै नमः
166। ॐ शांतिमत्यै नमः
167। ॐ शांत्यै नमः
168। ॐ श्यामलायै नमः
169। ॐ श्यामलाकृत्यै नमः
170। ॐ शंखिन्यै नमः
171। ॐ शंकर्यै नमः
172। ॐ शैव्यै नमः
173। ॐ शंखकुंडलमंडितायै नमः
174। ॐ कुंददंतायै नमः
175। ॐ कोमलांग्यै नमः
176। ॐ कुमार्यै नमः
177। ॐ कुलयोगिन्यै नमः
178। ॐ निगर्भयोगिनीसेव्यायै नमः
179। ॐ निरंतररतिप्रियायै नमः
180। ॐ शिवदूत्यै नमः
181। ॐ शिवकर्यै नमः
182। ॐ जटिलायै नमः
183। ॐ जगदाश्रयायै नमः
184। ॐ शांभव्यै नमः
185। ॐ योगिनिलयायै नमः
186। ॐ परचैतन्यरूपिण्यै नमः
187। ॐ दहराकाशनिलयायै नमः
188। ॐ दंडिनीपरिपूजितायै नमः
189। ॐ संपत्करीगजारूढायै नमः
190। ॐ सांद्रानंदायै नमः
191। ॐ सुरेश्वर्यै नमः
192। ॐ चंपकोद्भासितकचायै नमः
193। ॐ चंद्रशेखरवल्लभायै नमः
194। ॐ चारुरूपायै नमः
195। ॐ चारुदत्यै नमः
196। ॐ चंद्रिकायै नमः
197। ॐ शंभुमोहिन्यै नमः
198। ॐ विमलायै नमः
199। ॐ विदुष्यै नमः
200। ॐ वाण्यै नमः
201। ॐ कमलायै नमः
202। ॐ कमलासनायै नमः
203। ॐ करुणापूर्णहृदयायै नमः
204। ॐ कामेश्यै नमः
205। ॐ कंबुकंधरायै नमः
206। ॐ राजराजेश्वर्यै नमः
207। ॐ राजमातंग्यै नमः
208। ॐ राजवल्लभायै नमः
209। ॐ सचिवायै नमः
210। ॐ सचिवेशान्यै नमः
211। ॐ सचिवत्वप्रदायिन्यै नमः
212। ॐ पंचबाणार्चितायै नमः
213। ॐ बालायै नमः
214। ॐ पंचम्यै नमः
215। ॐ परदेवतायै नमः
216। ॐ उमायै नमः
217। ॐ महेश्वर्यै नमः
218। ॐ गौर्यै नमः
219। ॐ संगीतज्ञायै नमः
220। ॐ सरस्वत्यै नमः
221। ॐ कविप्रियायै नमः
222। ॐ काव्यकलायै नमः
223। ॐ कलौ सिद्धिप्रदायिन्यै नमः
224। ॐ ललितामंत्रिण्यै नमः
225। ॐ रम्यायै नमः
226। ॐ ललिताराज्यपालिन्यै नमः
227। ॐ ललितासेवनपरायै नमः
228। ॐ ललिताज्ञावशंवदायै नमः
229। ॐ ललिताकार्यचतुरायै नमः
230। ॐ ललिताभक्तपालिन्यै नमः
231। ॐ ललितार्धासनारूढायै नमः
232। ॐ लावण्यरसशेवधये नमः
233। ॐ रंजन्यै नमः
234। ॐ लालितशुकायै नमः
235। ॐ लसच्चूलीवरान्वितायै नमः
236। ॐ रागिण्यै नमः
237। ॐ रमण्यै नमः
238। ॐ रामायै नमः
239। ॐ रत्यै नमः
240। ॐ रतिसुखप्रदायै नमः
241। ॐ भोगदायै नमः
242। ॐ भोग्यदायै नमः
243। ॐ भूमिप्रदायै नमः
244। ॐ भूषणशालिन्यै नमः
245। ॐ पुण्यलभ्यायै नमः
246। ॐ पुण्यकीर्त्यै नमः
247। ॐ पुरंदरपुरेश्वर्यै नमः
248। ॐ भूमानंदायै नमः
249। ॐ भूतिकर्यै नमः
250। ॐ क्लींकार्यै नमः
251। ॐ क्लिन्नरूपिण्यै नमः
252। ॐ भानुमंडलमध्यस्थायै नमः
253। ॐ भामिन्यै नमः
254। ॐ भारत्यै नमः
255। ॐ धृत्यै नमः
256। ॐ नारायणार्चितायै नमः
257। ॐ नाथायै नमः
258। ॐ नादिन्यै नमः
259। ॐ नादरूपिण्यै नमः
260। ॐ पंचकोणस्थितायै नमः
261। ॐ लक्ष्म्यै नमः
262। ॐ पुराण्यै नमः
263। ॐ पुररूपिण्यै नमः
264। ॐ चक्रस्थितायै नमः
265। ॐ चक्ररूपायै नमः
266। ॐ चक्रिण्यै नमः
267। ॐ चक्रनायिकायै नमः
268। ॐ षट्चक्रमंडलांतःस्थायै नमः
269। ॐ ब्रह्मचक्रनिवासिन्यै नमः
270। ॐ अंतरभ्यर्चनप्रीतायै नमः
271। ॐ बहिरर्चनलोलुपायै नमः
272। ॐ पंचाशत्पीठमध्यस्थायै नमः
273। ॐ मातृकावर्णरूपिण्यै नमः
274। ॐ महादेव्यै नमः
275। ॐ महाशक्त्यै नमः
276। ॐ महामायायै नमः
277। ॐ महामत्यै नमः
278। ॐ महारूपायै नमः
279। ॐ महादीप्त्यै नमः
280। ॐ महालावण्यशालिन्यै नमः
281। ॐ माहेंद्र्यै नमः
282। ॐ मदिरादृप्तायै नमः
283। ॐ मदिरासिंधुवासिन्यै नमः
284। ॐ मदिरामोदवदनायै नमः
285। ॐ मदिरापानमंथरायै नमः
286। ॐ दुरितघ्न्यै नमः
287। ॐ दुःखहंत्र्यै नमः
288। ॐ दूत्यै नमः
289। ॐ दूतरतिप्रियायै नमः
290। ॐ वीरसेव्यायै नमः
291। ॐ विघ्नहरायै नमः
292। ॐ योगिन्यै नमः
293। ॐ गणसेवितायै नमः
294। ॐ निजवीणारवानंद-निमीलितविलोचनायै नमः
295। ॐ वज्रेश्वर्यै नमः
296। ॐ वश्यकर्यै नमः
297। ॐ सर्वचित्तविमोहिन्यै नमः
298। ॐ शबर्यै नमः
299। ॐ शंबराराध्यायै नमः
300। ॐ शांबर्यै नमः
301। ॐ सामसंस्तुतायै नमः
302। ॐ त्रिपुरामंत्रजपिन्यै नमः
303। ॐ त्रिपुरार्चनतत्परायै नमः
304। ॐ त्रिलोकेश्यै नमः
305। ॐ त्रयीमात्रे नमः
306। ॐ त्रिमूर्त्यै नमः
307। ॐ त्रिदिवेश्वर्यै नमः
308। ॐ ऐंकार्यै नमः
309। ॐ सर्वजनन्यै नमः
310। ॐ सौःकार्यै नमः
311। ॐ संविदीश्वर्यै नमः
312। ॐ बोधायै नमः
313। ॐ बोधकर्यै नमः
314। ॐ बोध्यायै नमः
315। ॐ बुधाराध्यायै नमः
316। ॐ पुरातन्यै नमः
317। ॐ भंडसोदरसंहर्त्र्यै नमः
318। ॐ भंडसैन्यविनाशिन्यै नमः
319। ॐ गेयचक्ररथारूढायै नमः
320। ॐ गुरुमूर्त्यै नमः
321। ॐ कुलांगनायै नमः
322। ॐ गांधर्वशास्त्रमर्मज्ञायै नमः
323। ॐ गंधर्वगणपूजितायै नमः
324। ॐ जगन्मात्रे नमः
325। ॐ जयकर्यै नमः
326। ॐ जनन्यै नमः
327। ॐ जनदेवतायै नमः
328। ॐ शिवाराध्यायै नमः
329। ॐ शिवार्धांग्यै नमः
330। ॐ शिंजन्मंजीरमंडितायै नमः
331। ॐ सर्वात्मिकायै नमः
332। ॐ हृषीकेश्यै नमः
333। ॐ सर्वपापविनाशिन्यै नमः
334। ॐ सर्वरोगहरायै नमः
335। ॐ साध्यायै नमः
336। ॐ धर्मिण्यै नमः
337। ॐ धर्मरूपिण्यै नमः
338। ॐ आचारलभ्यायै नमः
339। ॐ स्वाचारायै नमः
340। ॐ खेचर्यै नमः
341। ॐ योनिरूपिण्यै नमः
342। ॐ पतिव्रतायै नमः
343। ॐ पाशहंत्र्यै नमः
344। ॐ परमार्थस्वरूपिण्यै नमः
345। ॐ पंडिता परिवाराढ्यायै नमः
346। ॐ पाषंडमतभंजन्यै नमः
347। ॐ श्रीकर्यै नमः
348। ॐ श्रीमत्यै नमः
349। ॐ देव्यै नमः
350। ॐ बिंदुनादस्वरूपिण्यै नमः
351। ॐ अपर्णायै नमः
352। ॐ हिमवत्पुत्र्यै नमः
353। ॐ दुर्गायै नमः
354। ॐ दुर्गतिहारिण्यै नमः
355। ॐ व्यालोलशंखताटंकायै नमः
356। ॐ विलसद्गंडपालिकायै नमः
357। ॐ सुधामधुरसालापायै नमः
358। ॐ सिंदूरतिलकोज्ज्वलायै नमः
359। ॐ अलक्तकारक्तपादायै नमः
360। ॐ नंदनोद्यानवासिन्यै नमः
361। ॐ वासंतकुसुमापीडायै नमः
362। ॐ वसंतसमयप्रियायै नमः
363। ॐ ध्याननिष्ठायै नमः
364। ॐ ध्यानगम्यायै नमः
365। ॐ ध्येयायै नमः
366। ॐ ध्यानस्वरूपिण्यै नमः
367। ॐ दारिद्र्यहंत्र्यै नमः
368। ॐ दौर्भाग्यशमन्यै नमः
369। ॐ दानवांतकायै नमः
370। ॐ तीर्थरूपायै नमः
371। ॐ त्रिनयनायै नमः
372। ॐ तुरीयायै नमः
373। ॐ दोषवर्जितायै नमः
374। ॐ मेधाप्रदायिन्यै नमः
375। ॐ मेध्यायै नमः
376। ॐ मेदिन्यै नमः
377। ॐ मदशालिन्यै नमः
378। ॐ मधुकैटभसंहर्त्र्यै नमः
379। ॐ माधव्यै नमः
380। ॐ माधवप्रियायै नमः
381। ॐ महिलायै नमः
382। ॐ महिमासारायै नमः
383। ॐ शर्वाण्यै नमः
384। ॐ शर्मदायिन्यै नमः
385। ॐ रुद्राण्यै नमः
386। ॐ रुचिरायै नमः
387। ॐ रौद्र्यै नमः
388। ॐ रुक्मभूषणभूषितायै नमः
389। ॐ अंबिकायै नमः
390। ॐ जगतां धात्र्यै नमः
391। ॐ जटिन्यै नमः
392। ॐ धूर्जटिप्रियायै नमः
393। ॐ सूक्ष्मस्वरूपिण्यै नमः
394। ॐ सौम्यायै नमः
395। ॐ सुरुचये नमः
396। ॐ सुलभायै नमः
397। ॐ शुभायै नमः
398। ॐ विपंचीकलनिक्वाण-विमोहितजगत्त्रयायै नमः
399। ॐ भैरवप्रेमनिलयायै नमः
400। ॐ भैरव्यै नमः
401। ॐ भासुराकृत्यै नमः
402। ॐ पुष्पिण्यै नमः
403। ॐ पुण्यनिलयायै नमः
404। ॐ पुण्यश्रवणकीर्तनायै नमः
405। ॐ कुरुकुल्लायै नमः
406। ॐ कुंडलिन्यै नमः
407। ॐ वागीश्यै नमः
408। ॐ नकुलेश्वर्यै नमः
409। ॐ वामकेश्यै नमः
410। ॐ गिरिसुतायै नमः
411। ॐ वार्तालीपरिपूजितायै नमः
412। ॐ वारुणीमदरक्ताक्ष्यै नमः
413। ॐ वंदारुवरदायिन्यै नमः
414। ॐ कटाक्षस्यंदिकरुणायै नमः
415। ॐ कंदर्पमदवर्धिन्यै नमः
416। ॐ दूर्वाश्यामायै नमः
417। ॐ दुष्टहंत्र्यै नमः
418। ॐ दुष्टग्रहविभेदिन्यै नमः
419। ॐ सर्वशत्रुक्षयकर्यै नमः
420। ॐ सर्वसंपत्प्रवर्धिन्यै नमः
421। ॐ कबरीशोभिकल्हारायै नमः
422। ॐ कलशिंजितमेखलायै नमः
423। ॐ मृणालीतुल्यदोर्वल्ल्यै नमः
424। ॐ मृडान्यै नमः
425। ॐ मृत्युवर्जितायै नमः
426। ॐ मृदुलायै नमः
427। ॐ मृत्युसंहर्त्र्यै नमः
428। ॐ मंजुलायै नमः
429। ॐ मंजुभाषिण्यै नमः
430। ॐ कर्पूरवीटीकबलायै नमः
431। ॐ कमनीयकपोलभुवे नमः
432। ॐ कर्पूरक्षोददिग्धांग्यै नमः
433। ॐ कर्त्र्यै नमः
434। ॐ कारणवर्जितायै नमः
435। ॐ अनादिनिधनायै नमः
436। ॐ धात्र्यै नमः
437। ॐ धात्रीधरकुलोद्भवायै नमः
438। ॐ स्तोत्रप्रियायै नमः
439। ॐ स्तुतिमय्यै नमः
440। ॐ मोहिन्यै नमः
441। ॐ मोहहारिण्यै नमः
442। ॐ जीवरूपायै नमः
443। ॐ जीवकार्यै नमः
444। ॐ जीवन्मुक्तिप्रदायिन्यै नमः
445। ॐ भद्रपीठस्थितायै नमः
446। ॐ भद्रायै नमः
447। ॐ भद्रदायै नमः
448। ॐ भर्गभामिन्यै नमः
449। ॐ भगानंदायै नमः
450। ॐ भगमय्यै नमः
451। ॐ भगलिंगायै नमः
452। ॐ भगेश्वर्यै नमः
453। ॐ मत्तमातंगगमनायै नमः
454। ॐ मातंगकुलमंजर्यै नमः
455। ॐ राजहंसगत्यै नमः
456। ॐ राज्ञ्यै नमः
457। ॐ राजराजसमर्चितायै नमः
458। ॐ भवान्यै नमः
459। ॐ पावन्यै नमः
460। ॐ काल्यै नमः
461। ॐ दक्षिणायै नमः
462। ॐ दक्षकन्यकायै नमः
463। ॐ हव्यवाहायै नमः
464। ॐ हविर्भोक्त्र्यै नमः
465। ॐ हारिण्यै नमः
466। ॐ दुःखहारिण्यै नमः
467। ॐ संसारतारिण्यै नमः
468। ॐ सौम्यायै नमः
469। ॐ सर्वेश्यै नमः
470। ॐ समरप्रियायै नमः
471। ॐ स्वप्नवत्यै नमः
472। ॐ जागरिण्यै नमः
473। ॐ सुषुप्तायै नमः
474। ॐ विश्वरूपिण्यै नमः
475। ॐ तैजस्यै नमः
476। ॐ प्राज्ञकलनायै नमः
477। ॐ चेतनायै नमः
478। ॐ चेतनावत्यै नमः
479। ॐ चिन्मात्रायै नमः
480। ॐ चिद्घनायै नमः
481। ॐ चेत्यायै नमः
482। ॐ चिच्छायायै नमः
483। ॐ चित्स्वरूपिण्यै नमः
484। ॐ निवृत्तिरूपिण्यै नमः
485। ॐ शांत्यै नमः
486। ॐ प्रतिष्ठायै नमः
487। ॐ नित्यरूपिण्यै नमः
488। ॐ विद्यारूपायै नमः
489। ॐ शांत्यतीतायै नमः
490। ॐ कलापंचकरूपिण्यै नमः
491। ॐ ह्रींकार्यै नमः
492। ॐ ह्रीमत्यै नमः
493। ॐ हृद्यायै नमः
494। ॐ ह्रीच्छायायै नमः
495। ॐ हरिवाहनायै नमः
496। ॐ मूलप्रकृत्यै नमः
497। ॐ अव्यक्तायै नमः
498। ॐ व्यक्ताव्यक्तविनोदिन्यै नमः
499। ॐ यज्ञरूपायै नमः
500। ॐ यज्ञभोक्त्र्यै नमः
501। ॐ यज्ञांग्यै नमः
502। ॐ यज्ञरूपिण्यै नमः
503। ॐ दीक्षितायै नमः
504। ॐ क्षमणायै नमः
505। ॐ क्षामायै नमः
506। ॐ क्षित्यै नमः
507। ॐ क्षांत्यै नमः
508। ॐ श्रुत्यै नमः
509। ॐ स्मृत्यै नमः
510। ॐ एकस्यै नमः
511। ॐ अनेकस्यै नमः
512। ॐ कामकलायै नमः
513। ॐ कल्यायै नमः
514। ॐ कालस्वरूपिण्यै नमः
515। ॐ दक्षायै नमः
516। ॐ दाक्षायण्यै नमः
517। ॐ दीक्षायै नमः
518। ॐ दक्षयज्ञविनाशिन्यै नमः
519। ॐ गायत्र्यै नमः
520। ॐ गगनाकारायै नमः
521। ॐ गीर्देव्यै नमः
522। ॐ गरुडासनायै नमः
523। ॐ सावित्र्यै नमः
524। ॐ सकलाध्यक्षायै नमः
525। ॐ ब्रह्माण्यै नमः
526। ॐ ब्राह्मणप्रियायै नमः
527। ॐ जगन्नाथायै नमः
528। ॐ जगन्मूर्त्यै नमः
529। ॐ जगन्मृत्युनिवारिण्यै नमः
530। ॐ दृग्रूपायै नमः
531। ॐ दृश्यनिलयायै नमः
532। ॐ द्रष्ट्र्यै नमः
533। ॐ मंत्र्यै नमः
534। ॐ चिरंतन्यै नमः
535। ॐ विज्ञात्र्यै नमः
536। ॐ विपुलायै नमः
537। ॐ वेद्यायै नमः
538। ॐ वृद्धायै नमः
539। ॐ वर्षीयस्यै नमः
540। ॐ मह्यै नमः
541। ॐ आर्यायै नमः
542। ॐ कुहरिण्यै नमः
543। ॐ गुह्यायै नमः
544। ॐ गौर्यै नमः
545। ॐ गौतमपूजितायै नमः
546। ॐ नंदिन्यै नमः
547। ॐ नलिन्यै नमः
548। ॐ नित्यायै नमः
549। ॐ नीत्यै नमः
550। ॐ नयविशारदायै नमः
551। ॐ गतागतज्ञायै नमः
552। ॐ गंधर्व्यै नमः
553। ॐ गिरिजायै नमः
554। ॐ गर्वनाशिन्यै नमः
555। ॐ प्रियव्रतायै नमः
556। ॐ प्रमायै नमः
557। ॐ प्राणायै नमः
558। ॐ प्रमाणज्ञायै नमः
559। ॐ प्रियंवदायै नमः
560। ॐ अशरीरायै नमः
561। ॐ शरीरस्थायै नमः
562। ॐ नामरूपविवर्जितायै नमः
563। ॐ वर्णाश्रमविभागज्ञायै नमः
564। ॐ वर्णाश्रमविवर्जितायै नमः
565। ॐ नित्यमुक्तायै नमः
566। ॐ नित्यतृप्तायै नमः
567। ॐ निर्लेपायै नमः
568। ॐ निरवग्रहायै नमः
569। ॐ इच्छाज्ञानक्रियाशक्त्यै नमः
570। ॐ इंदिरायै नमः
571। ॐ बंधुराकृत्यै नमः
572। ॐ मनोरथप्रदायै नमः
573। ॐ मुख्यायै नमः
574। ॐ मानिन्यै नमः
575। ॐ मानवर्जितायै नमः
576। ॐ नीरागायै नमः
577। ॐ निरहंकारायै नमः
578। ॐ निर्नाशायै नमः
579। ॐ निरुपप्लवायै नमः
580। ॐ विचित्रायै नमः
581। ॐ चित्रचारित्रायै नमः
582। ॐ निष्कलायै नमः
583। ॐ निगमालयायै नमः
584। ॐ ब्रह्मविद्यायै नमः
585। ॐ ब्रह्मनाड्यै नमः
586। ॐ बंधहंत्र्यै नमः
587। ॐ बलिप्रियायै नमः
588। ॐ सुलक्षणायै नमः
589। ॐ लक्षणज्ञायै नमः
590। ॐ सुंदरभ्रूलतांचितायै नमः
591। ॐ सुमित्रायै नमः
592। ॐ मालिन्यै नमः
593। ॐ सीमायै नमः
594। ॐ मुद्रिण्यै नमः
595। ॐ मुद्रिकांचितायै नमः
596। ॐ रजस्वलायै नमः
597। ॐ रम्यमूर्त्यै नमः
598। ॐ जयायै नमः
599। ॐ जन्मविवर्जितायै नमः
600। ॐ पद्मालयायै नमः
601। ॐ पद्मपीठायै नमः
602। ॐ पद्मिन्यै नमः
603। ॐ पद्मवर्णिन्यै नमः
604। ॐ विश्वंभरायै नमः
605। ॐ विश्वगर्भायै नमः
606। ॐ विश्वेश्यै नमः
607। ॐ विश्वतोमुख्यै नमः
608। ॐ अद्वितीयायै नमः
609। ॐ सहस्राक्ष्यै नमः
610। ॐ विराड्रूपायै नमः
611। ॐ विमोचिन्यै नमः
612। ॐ सूत्ररूपायै नमः
613। ॐ शास्त्रकर्यै नमः
614। ॐ शास्त्रज्ञायै नमः
615। ॐ शस्त्रधारिण्यै नमः
616। ॐ वेदविदे नमः
617। ॐ वेदकृते नमः
618। ॐ वेद्यायै नमः
619। ॐ वित्तज्ञायै नमः
620। ॐ वित्तशालिन्यै नमः
621। ॐ विशदायै नमः
622। ॐ वैष्णव्यै नमः
623। ॐ ब्राह्म्यै नमः
624। ॐ वैरिंच्यै नमः
625। ॐ वाक्प्रदायिन्यै नमः
626। ॐ व्याख्यात्र्यै नमः
627। ॐ वामनायै नमः
628। ॐ वृद्ध्यै नमः
629। ॐ विश्वनाथायै नमः
630। ॐ विशारदायै नमः
631। ॐ मुद्रेश्वर्यै नमः
632। ॐ मुंडमालायै नमः
633। ॐ काल्यै नमः
634। ॐ कंकालरूपिण्यै नमः
635। ॐ महेश्वरप्रीतिकर्यै नमः
636। ॐ महेश्वरपतिव्रतायै नमः
637। ॐ ब्रह्मांडमालिन्यै नमः
638। ॐ बुध्न्यायै नमः
639। ॐ मतंगमुनिपूजितायै नमः
640। ॐ ईश्वर्यै नमः
641। ॐ चंडिकायै नमः
642। ॐ चंड्यै नमः
643। ॐ नियंत्र्यै नमः
644। ॐ नियमस्थितायै नमः
645। ॐ सर्वांतर्यामिण्यै नमः
646। ॐ सेव्यायै नमः
647। ॐ संतत्यै नमः
648। ॐ संततिप्रदायै नमः
649। ॐ तमालपल्लवश्यामायै नमः
650। ॐ ताम्रोष्ठ्यै नमः
651। ॐ तांडवप्रियायै नमः
652। ॐ नाट्यलास्यकर्यै नमः
653। ॐ रंभायै नमः
654। ॐ नटराजप्रियांगनायै नमः
655। ॐ अनंगरूपायै नमः
656। ॐ अनंगश्रियै नमः
657। ॐ अनंगेश्यै नमः
658। ॐ वसुंधरायै नमः
659। ॐ साम्राज्यदायिन्यै नमः
660। ॐ सिद्धायै नमः
661। ॐ सिद्धेश्यै नमः
662। ॐ सिद्धिदायिन्यै नमः
663। ॐ सिद्धमात्रे नमः
664। ॐ सिद्धपूज्यायै नमः
665। ॐ सिद्धार्थायै नमः
666। ॐ वसुदायिन्यै नमः
667। ॐ भक्तिमत्कल्पलतिकायै नमः
668। ॐ भक्तिदायै नमः
669। ॐ भक्तवत्सलायै नमः
670। ॐ पंचशक्त्यर्चितपदायै नमः
671। ॐ परमात्मस्वरूपिण्यै नमः
672। ॐ अज्ञानतिमिरज्योत्स्नायै नमः
673। ॐ नित्याह्लादायै नमः
674। ॐ निरंजनायै नमः
675। ॐ मुग्धायै नमः
676। ॐ मुग्धस्मितायै नमः
677। ॐ मैत्र्यै नमः
678। ॐ मुग्धकेश्यै नमः
679। ॐ मधुप्रियायै नमः
680। ॐ कलापिन्यै नमः
681। ॐ कामकलायै नमः
682। ॐ कामकेल्यै नमः
683। ॐ कलावत्यै नमः
684। ॐ अखंडायै नमः
685। ॐ निरहंकारायै नमः
686। ॐ प्रधानपुरुषेश्वर्यै नमः
687। ॐ रहःपूज्यायै नमः
688। ॐ रहःकेल्यै नमः
689। ॐ रहःस्तुत्यायै नमः
690। ॐ हरप्रियायै नमः
691। ॐ शरण्यायै नमः
692। ॐ गहनायै नमः
693। ॐ गुह्यायै नमः
694। ॐ गुहांतःस्थायै नमः
695। ॐ गुहप्रसवे नमः
696। ॐ स्वसंवेद्यायै नमः
697। ॐ स्वप्रकाशायै नमः
698। ॐ स्वात्मस्थायै नमः
699। ॐ स्वर्गदायिन्यै नमः
700। ॐ निष्प्रपंचायै नमः
701। ॐ निराधारायै नमः
702। ॐ नित्यानित्यस्वरूपिण्यै नमः
703। ॐ निर्मदायै नमः
704। ॐ नर्तक्यै नमः
705। ॐ कीर्त्यै नमः
706। ॐ निष्कामायै नमः
707। ॐ निष्कलायै नमः
708। ॐ कलायै नमः
709। ॐ अष्टमूर्त्यै नमः
710। ॐ अमोघायै नमः
711। ॐ उमायै नमः
712। ॐ नंद्यादिगणपूजितायै नमः
713। ॐ यंत्ररूपायै नमः
714। ॐ तंत्ररूपायै नमः
715। ॐ मंत्ररूपायै नमः
716। ॐ मनोन्मन्यै नमः
717। ॐ शिवकामेश्वर्यै नमः
718। ॐ देव्यै नमः
719। ॐ चिद्रूपायै नमः
720। ॐ चित्तरंगिण्यै नमः
721। ॐ चित्स्वरूपायै नमः
722। ॐ चित्प्रकाशायै नमः
723। ॐ चिन्मूर्त्यै नमः
724। ॐ चिन्मय्यै नमः
725। ॐ चित्यै नमः
726। ॐ मूर्खदूरायै नमः
727। ॐ मोहहंत्र्यै नमः
728। ॐ मुख्यायै नमः
729। ॐ क्रोडमुखीसख्यै नमः
730। ॐ ज्ञानज्ञातृज्ञेयरूपायै नमः
731। ॐ व्योमाकारायै नमः
732। ॐ विलासिन्यै नमः
733। ॐ विमर्शरूपिण्यै नमः
734। ॐ वश्यायै नमः
735। ॐ विधानज्ञायै नमः
736। ॐ विजृंभितायै नमः
737। ॐ केतकीकुसुमापीडायै नमः
738। ॐ कस्तूरीतिलकोज्ज्वलायै नमः
739। ॐ मृग्यायै नमः
740। ॐ मृगाक्ष्यै नमः
741। ॐ रसिकायै नमः
742। ॐ मृगनाभिसुगंधिन्यै नमः
743। ॐ यक्षकर्दमलिप्तांग्यै नमः
744। ॐ यक्षिण्यै नमः
745। ॐ यक्षपूजितायै नमः
746। ॐ लसन्माणिक्यकटकायै नमः
747। ॐ केयूरोज्ज्वलदोर्लतायै नमः
748। ॐ सिंदूरराजत्सीमंतायै नमः
749। ॐ सुभ्रूवल्ल्यै नमः
750। ॐ सुनासिकायै नमः
751। ॐ कैवल्यदायै नमः
752। ॐ कांतिमत्यै नमः
753। ॐ कठोरकुचमंडलायै नमः
754। ॐ तलोदर्यै नमः
755। ॐ तमोहंत्र्यै नमः
756। ॐ त्रयस्त्रिंशत्सुरात्मिकायै नमः
757। ॐ स्वयंभुवे नमः
758। ॐ कुसुमामोदायै नमः
759। ॐ स्वयंभुकुसुमप्रियायै नमः
760। ॐ स्वाध्यायिन्यै नमः
761। ॐ सुखाराध्यायै नमः
762। ॐ वीरश्रियै नमः
763। ॐ वीरपूजितायै नमः
764। ॐ द्राविण्यै नमः
765। ॐ विद्रुमाभोष्ठ्यै नमः
766। ॐ वेगिन्यै नमः
767। ॐ विष्णुवल्लभायै नमः
768। ॐ हालामदालसद्वाण्यै नमः
769। ॐ लोलायै नमः
770। ॐ लीलावत्यै नमः
771। ॐ रत्यै नमः
772। ॐ लोपामुद्रार्चितायै नमः
773। ॐ लक्ष्म्यै नमः
774। ॐ अहल्यापरिपूजितायै नमः
775। ॐ आब्रह्मकीटजनन्यै नमः
776। ॐ कैलासगिरिवासिन्यै नमः
777। ॐ निधीश्वर्यै नमः
778। ॐ निरातंकायै नमः
779। ॐ निष्कलंकायै नमः
780। ॐ जगन्मय्यै नमः
781। ॐ आदिलक्ष्म्यै नमः
782। ॐ अनंतश्रियै नमः
783। ॐ अच्युतायै नमः
784। ॐ तत्त्वरूपिण्यै नमः
785। ॐ नामजात्यादिरहितायै नमः
786। ॐ नरनारायणार्चितायै नमः
787। ॐ गुह्योपनिषदुद्गीतायै नमः
788। ॐ लक्ष्मीवाणीनिषेवितायै नमः
789। ॐ मतंगवरदायै नमः
790। ॐ सिद्धायै नमः
791। ॐ महायोगीश्वर्यै नमः
792। ॐ गुरवे नमः
793। ॐ गुरुप्रियायै नमः
794। ॐ कुलाराध्यायै नमः
795। ॐ कुलसंकेतपालिन्यै नमः
796। ॐ चिच्चंद्रमंडलांतःस्थायै नमः
797। ॐ चिदाकाशस्वरूपिण्यै नमः
798। ॐ अनंगशास्त्रतत्त्वज्ञायै नमः
799। ॐ नानाविधरसप्रियायै नमः
800। ॐ निर्मलायै नमः
801। ॐ निरवद्यांग्यै नमः
802। ॐ नीतिज्ञायै नमः
803। ॐ नीतिरूपिण्यै नमः
804। ॐ व्यापिन्यै नमः
805। ॐ विबुधश्रेष्ठायै नमः
806। ॐ कुलशैलकुमारिकायै नमः
807। ॐ विष्णुप्रसवे नमः
808। ॐ वीरमात्रे नमः
809। ॐ नासामणिविराजितायै नमः
810। ॐ नायिकानगरीसंस्थायै नमः
811। ॐ नित्यतुष्टायै नमः
812। ॐ नितंबिन्यै नमः
813। ॐ पंचब्रह्ममय्यै नमः
814। ॐ प्रांच्यै नमः
815। ॐ ब्रह्मात्मैक्यस्वरूपिण्यै नमः
816। ॐ सर्वोपनिषदुद्गीतायै नमः
817। ॐ सर्वानुग्रहकारिण्यै नमः
818। ॐ पवित्रायै नमः
819। ॐ पावनायै नमः
820। ॐ पूतायै नमः
821। ॐ परमात्मस्वरूपिण्यै नमः
822। ॐ सूर्येंदुवह्निनयनायै नमः
823। ॐ सूर्यमंडलमध्यगायै नमः
824। ॐ गायत्र्यै नमः
825। ॐ गात्ररहितायै नमः
826। ॐ सुगुणायै नमः
827। ॐ गुणवर्जितायै नमः
828। ॐ रक्षाकर्यै नमः
829। ॐ रम्यरुपायै नमः
830। ॐ सात्त्विकायै नमः
831। ॐ सत्त्वदायिन्यै नमः
832। ॐ विश्वातीतायै नमः
833। ॐ व्योमरूपायै नमः
834। ॐ सदार्चनजपप्रियायै नमः
835। ॐ आत्मभुवे नमः
836। ॐ अजितायै नमः
837। ॐ जिष्णवे नमः
838। ॐ अजायै नमः
839। ॐ स्वाहायै नमः
840। ॐ स्वधायै नमः
841। ॐ सुधायै नमः
842। ॐ नंदिताशेषभुवनायै नमः
843। ॐ नामसंकीर्तनप्रियायै नमः
844। ॐ गुरुमूर्त्यै नमः
845। ॐ गुरुमय्यै नमः
846। ॐ गुरुपादार्चनप्रियायै नमः
847। ॐ गोब्राह्मणात्मिकायै नमः
848। ॐ गुर्व्यै नमः
849। ॐ नीलकंठ्यै नमः
850। ॐ निरामयायै नमः
851। ॐ मानव्यै नमः
852। ॐ मंत्रजनन्यै नमः
853। ॐ महाभैरवपूजितायै नमः
854। ॐ नित्योत्सवायै नमः
855। ॐ नित्यपुष्टायै नमः
856। ॐ श्यामायै नमः
857। ॐ यौवनशालिन्यै नमः
858। ॐ महनीयायै नमः
859। ॐ महामूर्त्यै नमः
860। ॐ महत्यै सौख्यसंतत्यै नमः
861। ॐ पूर्णोदर्यै नमः
862। ॐ हविर्धात्र्यै नमः
863। ॐ गणाराध्यायै नमः
864। ॐ गणेश्वर्यै नमः
865। ॐ गायनायै नमः
866। ॐ गर्वरहितायै नमः
867। ॐ स्वेदबिंदूल्लसन्मुख्यै नमः
868। ॐ तुंगस्तन्यै नमः
869। ॐ तुलाशून्यायै नमः
870। ॐ कन्यायै नमः
871। ॐ कमलवासिन्यै नमः
872। ॐ शृंगारिण्यै नमः
873। ॐ श्रियै नमः
874। ॐ श्रीविद्यायै नमः
875। ॐ श्रीप्रदायै नमः
876। ॐ श्रीनिवासिन्यै नमः
877। ॐ त्रैलोक्यसुंदर्यै नमः
878। ॐ बालायै नमः
879। ॐ त्रैलोक्यजनन्यै नमः
880। ॐ सुधिये नमः
881। ॐ पंचक्लेशहरायै नमः
882। ॐ पाशधारिण्यै नमः
883। ॐ पशुमोचन्यै नमः
884। ॐ पाषंडहंत्र्यै नमः
885। ॐ पापघ्न्यै नमः
886। ॐ पार्थिवश्रीकर्यै नमः
887। ॐ धृत्यै नमः
888। ॐ निरपायायै नमः
889। ॐ दुरापायै नमः
890। ॐ यस्यै नमः
891। ॐ सुलभायै नमः
892। ॐ शोभनाकृत्यै नमः
893। ॐ महाबलायै नमः
894। ॐ भगवत्यै नमः
895। ॐ भवरोगनिवारिण्यै नमः
896। ॐ भैरवाष्टकसंसेव्यायै नमः
897। ॐ ब्राह्म्यादिपरिवारितायै नमः
898। ॐ वामादिशक्तिसहितायै नमः
899। ॐ वारुणीमदविह्वलायै नमः
900। ॐ वरिष्ठायै नमः
901। ॐ वश्यदायै नमः
902। ॐ वश्यायै नमः
903। ॐ भक्तार्तिदमनायै नमः
904। ॐ शिवायै नमः
905। ॐ वैराग्यजनन्यै नमः
906। ॐ ज्ञानदायिन्यै नमः
907। ॐ ज्ञानविग्रहायै नमः
908। ॐ सर्वदोषविनिर्मुक्तायै नमः
909। ॐ शंकरार्धशरीरिण्यै नमः
910। ॐ सर्वेश्वरप्रियतमायै नमः
911। ॐ स्वयंज्योतिः स्वरूपिण्यै नमः
912। ॐ क्षीरसागरमध्यस्थायै नमः
913। ॐ महाभुजगशायिन्यै नमः
914। ॐ कामधेन्वै नमः
915। ॐ बृहद्गर्भायै नमः
916। ॐ योगनिद्रायै नमः
917। ॐ युगंधरायै नमः
918। ॐ महेंद्रोपेंद्रजनन्यै नमः
919। ॐ मातंगकुलसंभवायै नमः
920। ॐ मतंगजातिसंपूज्यायै नमः
921। ॐ मतंगकुलदेवतायै नमः
922। ॐ गुह्यविद्यायै नमः
923। ॐ वश्यविद्यायै नमः
924। ॐ सिद्धविद्यायै नमः
925। ॐ शिवांगनायै नमः
926। ॐ सुमंगळायै नमः
927। ॐ रत्नगर्भायै नमः
928। ॐ सूर्यमात्रे नमः
929। ॐ सुधाशनायै नमः
930। ॐ खड्गमंडलसंपूज्यायै नमः
931। ॐ सालग्रामनिवासिन्यै नमः
932। ॐ दुर्जयायै नमः
933। ॐ दुष्टदमनायै नमः
934। ॐ दुर्निरीक्ष्यायै नमः
935। ॐ दुरत्ययायै नमः
936। ॐ शंखचक्रगदाहस्तायै नमः
937। ॐ विष्णुशक्त्यै नमः
938। ॐ विमोहिन्यै नमः
939। ॐ योगमात्रे नमः
940। ॐ योगगम्यायै नमः
941। ॐ योगनिष्ठायै नमः
942। ॐ सुधास्रवायै नमः
943। ॐ समाधिनिष्ठैः संवेद्यायै नमः
944। ॐ सर्वभेदविवर्जितायै नमः
945। ॐ साधारणायै नमः
946। ॐ सरोजाक्ष्यै नमः
947। ॐ सर्वज्ञायै नमः
948। ॐ सर्वसाक्षिण्यै नमः
949। ॐ महाशक्त्यै नमः
950। ॐ महोदारायै नमः
951। ॐ महामंगळदेवतायै नमः
952। ॐ कलौ कृतावतरणायै नमः
953। ॐ कलिकल्मषनाशिन्यै नमः
954। ॐ सर्वदायै नमः
955। ॐ सर्वजनन्यै नमः
956। ॐ निरीशायै नमः
957। ॐ सर्वतोमुख्यै नमः
958। ॐ सुगूढायै नमः
959। ॐ सर्वतोभद्रायै नमः
960। ॐ सुस्थितायै नमः
961। ॐ स्थाणुवल्लभायै नमः
962। ॐ चराचरजगद्रूपायै नमः
963। ॐ चेतनाचेतनाकृत्यै नमः
964। ॐ महेश्वरप्राणनाड्यै नमः
965। ॐ महाभैरवमोहिन्यै नमः
966। ॐ मंजुलायै नमः
967। ॐ यौवनोन्मत्तायै नमः
968। ॐ महापातकनाशिन्यै नमः
969। ॐ महानुभावायै नमः
970। ॐ माहेंद्र्यै नमः
971। ॐ महामरकतप्रभायै नमः
972। ॐ सर्वशक्त्यासनायै नमः
973। ॐ शक्त्यै नमः
974। ॐ निराभासायै नमः
975। ॐ निरिंद्रियायै नमः
976। ॐ समस्तदेवतामूर्त्यै नमः
977। ॐ समस्तसमयार्चितायै नमः
978। ॐ सुवर्चलायै नमः
979। ॐ वियन्मूर्त्यै नमः
980। ॐ पुष्कलायै नमः
981। ॐ नित्यपुष्पिण्यै नमः
982। ॐ नीलोत्पलदळश्यामायै नमः
983। ॐ महाप्रळयसाक्षिण्यै नमः
984। ॐ संकल्पसिद्धायै नमः
985। ॐ संगीतरसिकायै नमः
986। ॐ रसदायिन्यै नमः
987। ॐ अभिन्नायै नमः
988। ॐ ब्रह्मजनन्यै नमः
989। ॐ कालक्रमविवर्जितायै नमः
990। ॐ अजपायै नमः
991। ॐ जाड्यरहितायै नमः
992। ॐ प्रसन्नायै नमः
993। ॐ भगवत्प्रियायै नमः
994। ॐ इंदिरायै नमः
995। ॐ जगतीकंदायै नमः
996। ॐ सच्चिदानंदकंदल्यै नमः
997। ॐ श्रीचक्रनिलयायै नमः
998। ॐ देव्यै नमः
999। ॐ श्रीविद्यायै नमः
1000। ॐ श्रीप्रदायिनी नमः ||इति श्री श्यामला सहस्रनामावळिः समाप्तं||

अर्थ

श्री श्यामला सहस्रनामावलिः वाग्देवी, संगीत और विद्या की अधिष्ठात्री देवी श्री श्यामला देवी (मातंगी) के एक हजार नामों का एक पवित्र स्तोत्र है। यह नामावलि देवी के विभिन्न रूपों, शक्तियों, स्थितियों, स्वरूपों और मंत्र गुणों का विस्तृत वर्णन करती है। प्रत्येक नाम उनकी विशालता, सौंदर्य, ज्ञान और शक्ति के एक विशेष पहलू को दर्शाता है। यह सहस्रनाम भक्तों को देवी के दिव्य स्वरूप का अनुभव कराता है।

इस सहस्रनामावलि का पाठ केवल एक स्तुति नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली आध्यात्मिक साधन है। श्यामला देवी वाणी, संगीत, मंत्र-शक्ति और रचनात्मक ऊर्जा का दिव्य स्वरूप हैं। इन नामों का जप करने से व्यक्ति की वाणी और मन दिव्य स्पंदनों के साथ संरेखित होते हैं। यह भक्तों को आंतरिक शांति, स्पष्टता और दैवीय संबंध प्रदान करता है। यह स्तोत्र "नाम ही सिद्धि है" के सिद्धांत को दृढ़ता से प्रतिपादित करता है – नाम-जप ही शब्दों, कलाओं, समृद्धि और अंततः आत्म-मुक्ति का प्रमुख मार्ग है।

इस सहस्रनाम में कुछ चयनित नाम और उनके अर्थ इस प्रकार हैं: "ॐ संगीतयोगिन्यै नमः" – जो संगीत योग में निपुण हैं, संगीत साधना में प्रवीण हैं। "ॐ मंत्रनायिकायै नमः" – समस्त मंत्रों की नायिका, जप-मंत्र मार्ग में प्रमुख। "ॐ वीणावत्यै नमः" – वीणा धारण करने वाली; संगीत और वाग्-विन्यास की मार्गदर्शिका। "ॐ नीपप्रियायै नमः" – नीप पुष्पों की प्रिय; पुष्पों के सौंदर्य और संस्कृति में पवित्रता का प्रतीक। "ॐ सद्दामदायै नमः" – शाश्वत आनंद स्वरूपिणी; जो निरंतर आनंद में स्थित रहती हैं। इस प्रकार, प्रत्येक नाम देवी के गुण, शक्ति और दिव्यता को उजागर करता है।

श्री श्यामला सहस्रनामावलि का भक्तिपूर्वक पाठ करने से भक्तों को वाक्पटुता, संगीत कौशल, कलात्मक दृष्टि, ज्ञान, समृद्धि और आंतरिक स्वतंत्रता प्राप्त होती है। देवी के ये हजार नाम केवल स्तुतियाँ नहीं हैं, बल्कि ये भक्तों को आध्यात्मिक उत्थान की ओर ले जाने वाले दिव्य मंत्र हैं। देवी के नामों का जप करना स्वयं को दिव्यता की मधुर धुन में समर्पित करना है।

लाभ (Benefits):

  • वाक्पटुता और कलात्मक प्रतिभा: श्यामला देवी वाग्देवी और कलाओं की अधिष्ठात्री हैं, अतः इस नामावलि के पाठ से वाक्पटुता, काव्य रचना क्षमता और संगीत सहित सभी कलाओं में असाधारण प्रतिभा का विकास होता है।
  • ज्ञान और बुद्धिमत्ता: देवी विद्या और ज्ञान का स्रोत हैं, इसलिए यह स्तोत्र भक्तों को गहन ज्ञान, बुद्धिमत्ता और स्पष्ट सोच प्रदान करता है। विद्यार्थियों के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी है।
  • समृद्धि और ऐश्वर्य: देवी की कृपा से भक्त जीवन में समृद्धि, धन और ऐश्वर्य प्राप्त करते हैं। दरिद्रता का निवारण होता है और सुखी जीवन की प्राप्ति होती है।
  • आंतरिक शांति और मोक्ष: निरंतर भक्ति और श्रद्धा से इस नामावलि का पाठ करने से आंतरिक शांति और संतोष प्राप्त होता है। साथ ही, यह भक्ति मार्ग में मोक्ष प्राप्ति के लिए एक दिव्य मार्ग दिखाता है।
  • मंत्र सिद्धि और सुरक्षा: चूंकि देवी मंत्रों की अधिष्ठात्री हैं, इस नामावलि के जप से मंत्रों की सिद्धि होती है और सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों तथा खतरों से सुरक्षा मिलती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्री श्यामला सहस्रनामावलि क्या है?
श्री श्यामला सहस्रनामावलि वाग्देवी और कलाओं की अधिष्ठात्री देवी श्री श्यामला देवी (मातंगी) के एक हजार पवित्र नामों का संग्रह है। प्रत्येक नाम देवी के विभिन्न रूपों, शक्तियों और गुणों का वर्णन करता है।
श्री श्यामला सहस्रनामावलि का पाठ कब करना चाहिए?
इस नामावलि का पाठ प्रतिदिन, विशेषकर ब्रह्म मुहूर्त में या संध्याकाल में किया जा सकता है। शुक्रवार और नवरात्रि, वसंत पंचमी जैसे देवी से संबंधित त्योहारों पर पाठ करना अधिक शुभ माना जाता है।
श्री श्यामला सहस्रनामावलि के पाठ से क्या लाभ होते हैं?
इस नामावलि के पाठ से वाक्पटुता, कलात्मक प्रतिभा, ज्ञान, बुद्धिमत्ता, समृद्धि और आंतरिक शांति प्राप्त होती है। यह नकारात्मक शक्तियों से रक्षा कर आध्यात्मिक प्रगति में सहायता करती है।
श्री श्यामला सहस्रनामावलि का पाठ कौन कर सकता है?
वाक्पटुता, संगीत, कला, शिक्षा और आध्यात्मिक उन्नति की इच्छा रखने वाला कोई भी भक्त इस नामावलि का पाठ कर सकता है। विद्यार्थियों, कलाकारों और वक्ताओं के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी है।
श्री श्यामला सहस्रनामावलि का पाठ कितनी बार करना चाहिए?
पूर्ण नामावलि का पाठ दिन में कम से कम एक बार करना उत्तम है। समय के अभाव में, प्रतिदिन कुछ नामों का या कम से कम 11, 21, 108 बार जप किया जा सकता है।
श्री श्यामला सहस्रनामावलि का मूल क्या है?
श्री श्यामला सहस्रनामावलि शक्ति परंपरा का एक हिस्सा है और मुख्य रूप से तंत्र शास्त्रों तथा आगम ग्रंथों में इसका उल्लेख मिलता है। यह श्रीविद्या परंपरा के प्रमुख स्तोत्रों में से एक है।

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